तमिलनाडु SSLC परिणाम 2025-26: एमके स्टालिन ने 94.31% उत्तीर्ण छात्रों को बधाई, असफलों को दिया हौसला
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SSLC) कक्षा 10 बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित होने के बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 20 मई को सभी सफल छात्रों को बधाई दी और असफल रहे विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया। इस वर्ष राज्य में 94.31 प्रतिशत छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए हैं।
एक्स पर स्टालिन का संदेश
स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए उत्तीर्ण छात्रों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, '10वीं कक्षा की पब्लिक परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई! यह आपके करियर की मजबूत नींव रखने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है।' उनका यह संदेश परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद आया और छात्रों एवं अभिभावकों में व्यापक रूप से साझा किया गया।
असफल विद्यार्थियों को प्रेरणा
स्टालिन ने केवल सफल छात्रों तक सीमित न रहते हुए उन विद्यार्थियों का भी ध्यान रखा जो इस बार परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो सके। उन्होंने लिखा, 'मेरी कामना है कि आप किसी भी कारण से अपनी शिक्षा को कभी न छोड़ें, बल्कि पूरी लगन से पढ़ाई करें और जीवन में एक सफल मुकाम हासिल करें।' यह संदेश उन लाखों परिवारों के लिए राहत भरा रहा जिनके बच्चे इस बार अपेक्षित परिणाम नहीं पा सके।
परीक्षा का आयोजन और परिणाम
तमिलनाडु की SSLC परीक्षाएं मार्च और अप्रैल 2025 के दौरान राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हुई थीं। लाखों छात्रों ने अपने शैक्षणिक जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव में हिस्सा लिया। परिणाम घोषित होने के बाद सफल छात्रों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल देखा गया, जबकि असफल रहे छात्रों में स्वाभाविक निराशा भी रही।
अंकतालिका कैसे देखें
छात्र अपनी अस्थायी अंकतालिका (प्रोविजनल मार्कशीट) आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। ऑनलाइन परिणाम देखने के लिए छात्रों को निर्धारित स्थान पर अपना पंजीकरण नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। शिक्षा अधिकारियों ने सलाह दी है कि लॉगिन करने से पहले हॉल टिकट तैयार रखें ताकि प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
आगे की राह
गौरतलब है कि 94.31 प्रतिशत उत्तीर्णता दर तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली की निरंतर प्रगति को दर्शाती है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर दे रही है। असफल छात्रों के लिए पूरक परीक्षा का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिससे वे अपनी शिक्षा जारी रख सकें।