तमिलनाडु चुनाव नतीजे: स्टालिन ने 1.54 करोड़ वोटों पर जताया आभार, मजबूत विपक्ष की भूमिका का किया ऐलान

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तमिलनाडु चुनाव नतीजे: स्टालिन ने 1.54 करोड़ वोटों पर जताया आभार, मजबूत विपक्ष की भूमिका का किया ऐलान

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद DMK को 1.54 करोड़ से अधिक वोट मिले और जीतने वाले दलों से वोट अंतर महज 3.52% रहा। स्टालिन ने इसे जनता के विश्वास का प्रतीक बताया और मज़बूत विपक्ष के रूप में द्रविड़ आंदोलन की विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

स्टालिन ने 5 मई 2026 को चुनाव नतीजों के बाद जनता और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
DMK गठबंधन को कुल 1 करोड़ 54 लाख 82 हज़ार 782 वोट प्राप्त हुए।
जीतने वाले दलों और DMK के बीच वोट प्रतिशत का अंतर केवल 3.52% और मत संख्या में अंतर 17.43 लाख रहा।
स्टालिन को कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में स्वयं हार का सामना करना पड़ा।
स्टालिन ने पेरियार, अन्ना और करुणानिधि की विचारधारा के साथ मज़बूत विपक्ष की भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 5 मई 2026 को विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद जनता को संबोधित करते हुए भावुक और संकल्पित संदेश दिया। उन्होंने धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवारों पर भरोसा जताने वाले तमाम मतदाताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया और स्पष्ट किया कि DMK अब एक मज़बूत विपक्ष के रूप में जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उल्लेखनीय है कि स्टालिन को स्वयं कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा।

वोट आँकड़े और गठबंधन का प्रदर्शन

स्टालिन ने 'एक्स' (X) पर पोस्ट के ज़रिए बताया कि अब तक की मतगणना के अनुसार DMK गठबंधन को कुल 1 करोड़ 54 लाख 82 हज़ार 782 वोट प्राप्त हुए हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि जिन दलों को अधिक सीटें मिली हैं, उन्हें DMK गठबंधन से केवल 17.43 लाख अधिक वोट ही मिले हैं और दोनों के बीच वोट प्रतिशत का अंतर महज 3.52 प्रतिशत है। उन्होंने इस आँकड़े को जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण बताया।

कार्यकर्ताओं को दिया संदेश

स्टालिन ने पार्टी के विजयी उम्मीदवारों से तुरंत अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जनता से मिलने और धन्यवाद देने की अपील की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को इस आंदोलन की 'जान और जड़' बताते हुए कहा कि जब तक वे साथ हैं, उन्हें किसी चिंता की ज़रूरत नहीं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो कार्यकर्ता जीत और हार दोनों को समान भाव से स्वीकार कर अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हैं, वही पार्टी की असली ताकत हैं।

पार्टी की विचारधारा और इतिहास

स्टालिन ने पार्टी के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि DMK छह बार सत्ता में रह चुकी है और पार्टी ने जीत और हार दोनों का अनुभव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता हमेशा पार्टी की विचारधारा को बनाए रखना है। उन्होंने पेरियार, अन्ना और करुणानिधि के दिखाए रास्ते पर चलते हुए द्रविड़ आंदोलन की विचारधारा को आगे बढ़ाने और भाषा, संस्कृति व राज्य की पहचान की रक्षा करने का संकल्प दोहराया।

विपक्ष की भूमिका का संकल्प

स्टालिन ने कहा कि सत्ता में रहने पर DMK जनता के लिए योजनाएँ बनाती है और विपक्ष में रहने पर जनता की आवाज़ उठाती है। उन्होंने खुद को 'मुख्य कार्यकर्ता' बताते हुए भरोसा जताया कि DMK एक मज़बूत विपक्ष के रूप में जनता के हर मुद्दे के लिए संघर्ष करती रहेगी। अंत में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सफर में कोई पीछे नहीं छूटेगा और पार्टी एक बार फिर जीत हासिल करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक अनुभवी राजनेता की दीर्घकालिक रणनीति की झलक है — 3.52% के वोट अंतर को 'नैतिक जीत' के रूप में पेश करना DMK के आधार को एकजुट रखने की चतुर कोशिश है। हालाँकि, यह तथ्य कि स्वयं मुख्यमंत्री अपनी सीट हार गए, पार्टी के लिए संगठनात्मक आत्ममंथन का विषय है जिसे वोट प्रतिशत के आँकड़ों से ढका नहीं जा सकता। DMK का छह बार सत्ता में रहने का इतिहास उसे विपक्षी राजनीति में भी प्रासंगिक बनाता है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या पार्टी अगले चुनाव तक जनाधार बनाए रख पाती है या सत्ता-विरोधी लहर उसके पक्ष में मुड़ती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में DMK गठबंधन को कितने वोट मिले?
DMK गठबंधन को कुल 1 करोड़ 54 लाख 82 हज़ार 782 वोट मिले। जीतने वाले दलों से उनका वोट अंतर केवल 17.43 लाख और वोट प्रतिशत का अंतर 3.52% रहा।
एम.के. स्टालिन को किस सीट पर हार का सामना करना पड़ा?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र से हार गए। यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप से एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
स्टालिन ने चुनाव हार के बाद क्या संदेश दिया?
स्टालिन ने 'एक्स' पर पोस्ट के ज़रिए जनता और कार्यकर्ताओं का आभार जताया और कहा कि DMK अब एक मज़बूत विपक्ष के रूप में जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने पेरियार, अन्ना और करुणानिधि की विचारधारा पर चलने का संकल्प दोहराया।
DMK कितनी बार तमिलनाडु में सत्ता में रह चुकी है?
स्टालिन के अनुसार DMK अब तक छह बार तमिलनाडु में सत्ता में रह चुकी है। पार्टी ने जीत और हार दोनों का अनुभव किया है और हर बार अपनी विचारधारा को बनाए रखा है।
धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन क्या है?
धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन DMK के नेतृत्व में बना चुनावी महागठबंधन है जो तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में एकजुट होकर उतरा। इस गठबंधन को 1.54 करोड़ से अधिक वोट मिले।
राष्ट्र प्रेस
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