तमिलनाडु चुनाव 2026: कोलाथुर में टीवीके के वीएस बाबू ने 7,731 वोटों से हराया सीएम एमके स्टालिन को

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तमिलनाडु चुनाव 2026: कोलाथुर में टीवीके के वीएस बाबू ने 7,731 वोटों से हराया सीएम एमके स्टालिन को

सारांश

तमिलनाडु चुनाव 2026 में सबसे बड़ा उलटफेर: सीएम एमके स्टालिन अपने गढ़ कोलाथुर में टीवीके के वीएस बाबू से 7,731 वोटों से हारे। अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने दशकों पुराने डीएमके-एआईएडीएमके वर्चस्व को चुनौती दी — एक ऑटो चालक उम्मीदवार की जीत इस बदलाव का सबसे प्रतीकात्मक प्रमाण।

मुख्य बातें

सीएम एमके स्टालिन को कोलाथुर से टीवीके के वीएस बाबू ने 7,731 वोटों के अंतर से हराया।
वीएस बाबू ने 68,419 वोट हासिल कर कोलाथुर सीट जीती।
ऑटो चालक विजय धामू ने रॉयपुरम से पूर्व मंत्री डी.
जयकुमार और डीएमके के सुबैर खान को हराया।
अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के व्यापक उभार ने तमिलनाडु की राजनीति में नया समीकरण बनाया।
एआईएडीएमके के एडप्पाडी के.
पलानीस्वामी व्यक्तिगत जीत की ओर अग्रसर नजर आए।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में एक ऐतिहासिक राजनीतिक उलटफेर सामने आया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को उनके गृह क्षेत्र कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के उम्मीदवार वीएस बाबू ने 7,731 वोटों के अंतर से हरा दिया। यह हार द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के लिए एक बड़ा झटका है और तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में नाटकीय बदलाव का संकेत देती है।

मुख्य घटनाक्रम

टीवीके के उम्मीदवार वीएस बाबू ने कोलाथुर से कुल 68,419 वोट हासिल किए और मुख्यमंत्री स्टालिन को पराजित किया। यह वही सीट है जिसे स्टालिन अपना राजनीतिक गढ़ मानते थे। इस हार को राज्य की राजनीति में एक युगांतकारी घटना के रूप में देखा जा रहा है।

इसके अलावा, टीवीके के उम्मीदवार विजय धामू, जो पेशे से एक ऑटो चालक हैं, ने रॉयपुरम निर्वाचन क्षेत्र से चौंकाने वाली जीत दर्ज की। उन्होंने अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री डी. जयकुमार तथा डीएमके के सुबैर खान — जो पूर्व मंत्री रहमान खान के पुत्र हैं — दोनों को पराजित किया।

टीवीके का व्यापक उदय

यह उलटफेर अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के व्यापक चुनावी उभार के बीच हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके और एआईएडीएमके का द्विदलीय वर्चस्व दशकों से कायम था। टीवीके के प्रदर्शन को जमीनी स्तर पर सशक्तिकरण और बदलाव की चाहत रखने वाले मतदाताओं का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।

गौरतलब है कि विजय धामू जैसे एक आम ऑटो चालक का दो दिग्गज नेताओं को हराना इस चुनाव की सबसे प्रतीकात्मक जीत मानी जा रही है, जो मतदाताओं के मोहभंग को रेखांकित करती है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

जैसे ही टीवीके के प्रभावशाली प्रदर्शन के आँकड़े स्पष्ट हुए, राजनीतिक और मनोरंजन जगत से बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई। अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने विजय की जीत की सराहना करते हुए उनके एक प्रतिष्ठित फिल्म संवाद का उल्लेख किया और इस परिणाम को उनकी दूरदर्शिता, दृढ़ता और जनता के साथ गहरे जुड़ाव का प्रमाण बताया।

आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने भी विजय को बधाई देते हुए कहा कि ये परिणाम तमिलनाडु के मतदाताओं की विकसित होती आकांक्षाओं को दर्शाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टीवीके के उदय से राज्य की राजनीतिक गतिशीलता में एक नया आयाम जुड़ गया है।

एआईएडीएमके की स्थिति

इस बीच, एआईएडीएमके के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी एक बड़ी व्यक्तिगत जीत की ओर अग्रसर नजर आ रहे थे। उनके प्रदर्शन को पार्टी के लिए एक राहत के रूप में देखा जा रहा है, भले ही समग्र चुनावी तस्वीर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।

आगे क्या होगा

तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके के इस उभार ने आने वाले समय में राज्य की सत्ता-समीकरण को लेकर नई बहस छेड़ दी है। डीएमके के लिए यह परिणाम आत्मनिरीक्षण का अवसर है, जबकि विजय की पार्टी के सामने अब जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक ऑटो चालक की जीत जितनी प्रेरणादायक है, उतना ही यह सवाल भी उठता है कि टीवीके के पास शासन का अनुभव और संस्थागत ढाँचा कितना है। असली परीक्षा अब विजय के लिए शुरू होती है — जनसमर्थन को नीतिगत दिशा में बदलना किसी भी नई पार्टी के लिए सबसे कठिन काम होता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमके स्टालिन कोलाथुर से क्यों हारे?
कथित तौर पर तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) की लहर और बदलाव की चाहत रखने वाले मतदाताओं के समर्थन के चलते टीवीके के वीएस बाबू ने 7,731 वोटों के अंतर से एमके स्टालिन को कोलाथुर से हराया। यह डीएमके के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
टीवीके पार्टी क्या है और इसके संस्थापक कौन हैं?
तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) अभिनेता से राजनेता बने विजय द्वारा स्थापित पार्टी है। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने कई सीटों पर चौंकाने वाला प्रदर्शन किया और डीएमके-एआईएडीएमके के परंपरागत वर्चस्व को चुनौती दी।
रॉयपुरम से कौन जीता और यह जीत क्यों खास है?
रॉयपुरम से टीवीके के उम्मीदवार विजय धामू, जो पेशे से ऑटो चालक हैं, ने जीत दर्ज की। उन्होंने एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री डी. जयकुमार और डीएमके के सुबैर खान दोनों को हराया, जो जमीनी स्तर के सशक्तिकरण का प्रतीक माना जा रहा है।
एडप्पाडी के. पलानीस्वामी का इस चुनाव में क्या हाल रहा?
एआईएडीएमके के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी व्यक्तिगत रूप से एक बड़ी जीत की ओर अग्रसर नजर आ रहे थे। हालाँकि समग्र दलीय प्रदर्शन की पूरी तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
तमिलनाडु चुनाव 2026 के परिणामों का राजनीतिक महत्व क्या है?
इन परिणामों ने तमिलनाडु की दशकों पुरानी द्विदलीय राजनीति — डीएमके और एआईएडीएमके — को सीधी चुनौती दी है। टीवीके का उभार एक तीसरी ताकत के रूप में राज्य की राजनीतिक गतिशीलता में नया आयाम जोड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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