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ट्यूशेल का बड़ा बयान: फ्रांस के खिलाफ इंग्लैंड के पास 60 साल का सर्वश्रेष्ठ नतीजा पाने का मौका

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ट्यूशेल का बड़ा बयान: फ्रांस के खिलाफ इंग्लैंड के पास 60 साल का सर्वश्रेष्ठ नतीजा पाने का मौका

सारांश

अर्जेंटीना से 1-2 की हार के बाद ट्यूशेल ने हर फैसले की जिम्मेदारी खुद ली — न माफी, न बहाना। फ्रांस के खिलाफ तीसरे स्थान के मुकाबले को उन्होंने इंग्लैंड के लिए 60 साल का सबसे बड़ा मौका बताया। यह मैच सिर्फ कांस्य के लिए नहीं, ट्यूशेल के कार्यकाल की विरासत के लिए भी है।

मुख्य बातें

थॉमस ट्यूशेल ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से 1-2 की हार की पूरी जिम्मेदारी खुद ली।
कोच ने 'बैक-फाइव' डिफेंस सिस्टम और मैच के दौरान लिए गए फैसलों का बचाव किया, कोई पछतावा नहीं जताया।
शारीरिक थकान और अर्जेंटीना के खिताबी अनुभव को हार का प्रमुख कारण बताया।
शनिवार को फ्रांस के खिलाफ तीसरे स्थान के मुकाबले को इंग्लैंड के लिए पिछले 60 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ टूर्नामेंट नतीजा हासिल करने का अवसर बताया।
ट्यूशेल ने माना कि इंग्लैंड को फ्रांस , स्पेन और अर्जेंटीना के स्तर तक पहुँचने के लिए अभी काफी काम करना है।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना के हाथों 1-2 से हार के बाद इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस ट्यूशेल ने 18 जुलाई को मियामी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी रणनीति का पुरज़ोर बचाव किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैच के दौरान लिए गए किसी भी फैसले पर उन्हें पछतावा नहीं है। साथ ही, शनिवार को फ्रांस के खिलाफ होने वाले तीसरे स्थान के मुकाबले को इंग्लैंड के लिए पिछले 60 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ टूर्नामेंट परिणाम हासिल करने का अवसर बताया।

हार की जिम्मेदारी और रणनीति का बचाव

ट्यूशेल ने सेमीफाइनल की हार की पूरी जिम्मेदारी खुद पर लेते हुए कहा, 'अगर किसी को जिम्मेदारी लेनी है तो वह मैं हूँ, क्योंकि मैं टीम का हेड कोच हूँ।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह खिलाड़ियों या स्टाफ पर हार का दोष नहीं मढ़ना चाहते। कोच के अनुसार, उन्होंने अपनी समझ, अनुभव और परिस्थितियों के आकलन के आधार पर हर निर्णय लिया था।

मैच के अंतिम मिनटों में इंग्लैंड के धीमे और रक्षात्मक खेल को लेकर व्यापक आलोचना हुई। ट्यूशेल ने माना कि उनकी टीम उस दौरान उतनी आक्रामक नहीं रही जितनी होनी चाहिए थी, परंतु उन्होंने 'बैक-फाइव' डिफेंस सिस्टम को सही ठहराया। उनके मुताबिक, यदि वह समय रहते कोई बदलाव न करते या टीम को संभालने की कोशिश न करते, तो उन्हें कहीं अधिक अफसोस होता।

अर्जेंटीना की श्रेष्ठता और शारीरिक थकान

ट्यूशेल ने शारीरिक थकान को हार का एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों ने शारीरिक रूप से अपना सब कुछ झोंक दिया।' साथ ही उन्होंने अर्जेंटीना की तारीफ करते हुए कहा कि उनके पास एक साथ खिताब जीतने का अनुभव है, जिसने अहम भूमिका निभाई। कोच ने स्वीकार किया कि इंग्लैंड को दुनिया की शीर्ष टीमों के स्तर तक पहुँचने के लिए अभी काफी मेहनत करनी होगी।

यह ऐसे समय में आया है जब इंग्लैंड 1966 फीफा वर्ल्ड कप की जीत के बाद से किसी बड़े टूर्नामेंट में फाइनल तक नहीं पहुँच पाया है। गौरतलब है कि इंग्लैंड ने यूरो 2020 के फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन विश्व कप में यह उनका अब तक का सबसे गहरा सफर है।

फ्रांस के खिलाफ तीसरे स्थान का मुकाबला

शनिवार को होने वाले तीसरे स्थान के मुकाबले पर ट्यूशेल ने कहा, 'इस मैच में कोई भी खिलाड़ी नहीं खेलना चाहता, लेकिन यह इंग्लैंड के लिए पिछले 60 वर्षों में सबसे अच्छा नतीजा हासिल करने का मौका है।' उन्होंने माना कि फ्रांस, स्पेन और अर्जेंटीना जैसी टीमों से जीत की उम्मीद की जाती है और इंग्लैंड अभी उस स्तर से दूर है।

इस हार का दर्द खिलाड़ियों और स्टाफ में सबसे गहरा है और यह अनुभव लंबे समय तक उनके साथ रहेगा — ऐसा ट्यूशेल ने खुद माना। बावजूद इसके, कोच ने भरोसा जताया कि टीम अपनी कोशिशें नहीं छोड़ेगी और फ्रांस के खिलाफ पूरे जज्बे के साथ उतरेगी।

आगे क्या

तीसरे स्थान का यह मुकाबला इंग्लैंड के लिए टूर्नामेंट की विरासत तय करने का आखिरी मौका है। यदि इंग्लैंड जीतता है, तो यह 1966 के बाद उनका किसी फीफा वर्ल्ड कप में सर्वश्रेष्ठ परिणाम होगा। ट्यूशेल के नेतृत्व और टीम के भविष्य पर बड़े फैसले टूर्नामेंट के बाद होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 'बैक-फाइव' का बचाव रणनीतिक दूरदर्शिता थी या अवसर गँवाने की स्वीकृति। इंग्लैंड 1966 के बाद से विश्व कप में बार-बार सेमीफाइनल की दहलीज पर लड़खड़ाया है — यह पैटर्न कोच बदलने से नहीं, बल्कि टीम की मानसिक संरचना बदलने से टूटेगा। तीसरे स्थान का मुकाबला भले ही 'कोई नहीं चाहता', पर यह ट्यूशेल के लिए यह साबित करने का आखिरी मंच है कि उनकी टीम दबाव में भी सम्मान के साथ खेल सकती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

थॉमस ट्यूशेल ने अर्जेंटीना से हार पर क्या कहा?
ट्यूशेल ने हार की पूरी जिम्मेदारी खुद ली और कहा कि मैच के दौरान लिए गए किसी भी फैसले पर उन्हें पछतावा नहीं है। उन्होंने खिलाड़ियों या स्टाफ पर दोष डालने से साफ इनकार किया।
इंग्लैंड के लिए 60 साल का सर्वश्रेष्ठ नतीजा क्यों कहा जा रहा है?
इंग्लैंड ने आखिरी बार 1966 में फीफा वर्ल्ड कप जीता था। तब से किसी विश्व कप में वे सेमीफाइनल तक नहीं पहुँचे थे। 2026 में सेमीफाइनल तक पहुँचना और तीसरे स्थान का मौका मिलना उनके लिए छह दशकों का सबसे बेहतरीन टूर्नामेंट सफर है।
इंग्लैंड बनाम फ्रांस तीसरे स्थान का मैच कब और कहाँ होगा?
यह मुकाबला शनिवार को होना है। मियामी में आयोजित फीफा वर्ल्ड कप 2026 के इस मैच में दोनों टीमें कांस्य पदक के लिए भिड़ेंगी।
ट्यूशेल ने 'बैक-फाइव' डिफेंस सिस्टम का बचाव क्यों किया?
ट्यूशेल के अनुसार, उन्होंने मैच की परिस्थितियों और टीम की स्थिति को देखते हुए यह रणनीति अपनाई। उनका मानना था कि इससे टीम को बेहतर स्थिति में रखा जा सकता था, भले ही अंतिम नतीजा उनके पक्ष में न रहा।
अर्जेंटीना के खिलाफ हार में शारीरिक थकान कितनी बड़ी वजह रही?
ट्यूशेल ने शारीरिक थकान को हार का एक बड़ा कारण बताया। उनके अनुसार खिलाड़ियों ने पूरी ताकत लगाई, लेकिन अर्जेंटीना का खिताबी अनुभव और उनका खेल का स्तर इंग्लैंड से ऊपर रहा।
राष्ट्र प्रेस
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