तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी की चुनाव आयोग ने की समीक्षा

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तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी की चुनाव आयोग ने की समीक्षा

सारांश

चुनाव आयोग ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारियों की गहन समीक्षा की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने राजनीतिक दलों के सुझावों को सुना और सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी रखने का आश्वासन दिया। जानिए चुनाव की तैयारी में क्या क्या हो रहा है।

Key Takeaways

  • चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से सुझाव लिए।
  • मतदाता सूचियों की गहन समीक्षा की गई।
  • चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता का आश्वासन दिया गया।
  • फ्लाइंग स्क्वॉड की संख्या बढ़ाने की मांग की गई।
  • चुनाव में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

चैन्नई, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों की गहन समीक्षा की। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर चुनावी प्रक्रिया का विस्तृत अवलोकन किया।

इस समीक्षा के दौरान, आयोग ने तमिलनाडु के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से संवाद किया और उनकी राय तथा सुझावों को सुना। इनमें आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, नेशनल पीपुल्स पार्टी, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम, द्रविड मुनेत्र कड़गम, नाम तमिलर काची और विदुथलाई चिरुथिगल काची जैसे दल शामिल थे।

राजनीतिक दलों ने मतदाता सूचियों की गहन समीक्षा और उनके शांतिपूर्ण संचालन की सराहना की। इसके साथ ही, उन्होंने चुनाव के दौरान धन शक्ति के उपयोग और फ्रीबीज बांटने पर रोक लगाने, गड़बड़ी रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड की संख्या बढ़ाने और चुनाव तिथियों के निर्धारण में आने वाले त्योहारों का ध्यान रखने की मांग की। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इन सुझावों पर विचार किए जाने का आश्वासन दिया और कहा कि चुनाव हमेशा कानून के अनुसार फ्री, फेयर और ट्रांसपेरेंट तरीके से आयोजित किए जाएंगे।

समीक्षा के दौरान, आयोग ने चुनाव की योजना, ईवीएम प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, चुनाव स्टाफ की ट्रेनिंग, जब्ती, कानून एवं व्यवस्था, वोटर अवेयरनेस और आउटरीच गतिविधियों सहित सभी पहलुओं का विस्तार से निरीक्षण किया। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निष्पक्षता बनाए रखने और किसी भी प्रकार के लालच या दबाव से बचने के लिए कड़े निर्देश दिए।

चुनाव अधिकारियों को विशेष रूप से पोलिंग स्टेशनों पर वोटरों की सुविधा एवं पहुंच सुनिश्चित करने, स्टाफ को अच्छी ट्रेनिंग देने और सभी चुनावी प्रक्रियाओं के बारे में पूरी जागरूकता बनाए रखने का निर्देश दिया गया। आयोग ने सभी अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि चुनाव के दौरान कानूनों, नियमों और आयोग के दिशा-निर्देशों से किसी भी प्रकार का विचलन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसी भी अनियमितता को जीरो टॉलरेंस के साथ देखा जाएगा।

आयोग ने यह स्पष्ट किया कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए सभी तैयारियां समय पर और प्रभावी ढंग से पूरी की जाएंगी तथा मतदान पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न होगा।

Point of View

जिससे लोकतंत्र की नींव मजबूत हो।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

चुनाव आयोग की समीक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
चुनाव आयोग ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारियों की स्थिति का अवलोकन और राजनीतिक दलों से सुझाव लेना था।
राजनीतिक दलों ने कौन सी प्रमुख मांगें रखी?
राजनीतिक दलों ने चुनाव के दौरान धन शक्ति के उपयोग पर रोक, फ्लाइंग स्क्वॉड की संख्या बढ़ाने और त्योहारों का ध्यान रखने की मांग की।
चुनाव आयोग ने क्या आश्वासन दिया?
चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया कि चुनाव हमेशा फ्री, फेयर और ट्रांसपेरेंट तरीके से आयोजित किए जाएंगे।
चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता क्यों महत्वपूर्ण है?
निष्पक्षता सुनिश्चित करने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ती है और नागरिकों का विश्वास कायम रहता है।
मतदाता जागरूकता गतिविधियों का क्या महत्व है?
मतदाता जागरूकता गतिविधियों से नागरिकों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाता है।
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