कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम बदला, अब 'शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी रेलवे स्टेशन' होगा
सारांश
मुख्य बातें
रेल मंत्रालय ने कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर 'शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी रेलवे स्टेशन कठुआ' कर दिया है। 18 जुलाई को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की। यह नामकरण उन जनभावनाओं का सम्मान है जो लंबे समय से कठुआ के इस वीर सपूत की स्मृति को स्थायी रूप देने की माँग कर रही थीं।
नामकरण की पृष्ठभूमि
इसी वर्ष 30 जनवरी को रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की पहली घोषणा की गई थी। उस समय डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखा था, 'कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी कठुआ रेलवे स्टेशन रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद, जिन्होंने कठुआ की जनता की उस माँग पर तुरंत कार्यवाही की, जिसमें धरती के पुत्र शहीद सुनील कुमार चौधरी के नाम पर कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की माँग की गई थी।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस निर्णय के लिए धन्यवाद दिया था।
शहीद के परिजनों की प्रतिक्रिया
जब 30 जनवरी को नाम बदलने की घोषणा हुई, तो शहीद के परिवार ने गहरी भावुकता के साथ इस फैसले का स्वागत किया। शहीद के पिता, सेवानिवृत्त कर्नल पीएल चौधरी ने कहा था, 'सरकार ने मेरे बेटे की शहादत को सम्मान देने के लिए कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम उसके नाम पर रखने का निर्णय लिया है। रेलवे स्टेशन, स्कूल और खेल मैदान जैसे स्थानों का नाम शहीदों के नाम पर रखने से बच्चों में देश सेवा की भावना बचपन से ही जागती है।'
उन्होंने यह भी कहा था कि शहीदों के नाम पर सार्वजनिक स्थानों का नामकरण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत बनता है।
माँ की भावुक बात
कैप्टन चौधरी की माँ सत्य चौधरी ने भी इस निर्णय पर खुशी जताई थी। उन्होंने कहा था, 'आज जब मुझे यह खबर मिली कि कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम मेरे बेटे के नाम पर रखा गया है, तो मुझे बहुत खुशी हुई। मैं केंद्र और राज्य सरकार दोनों का धन्यवाद करती हूँ, और उन सभी लोगों का भी जिन्होंने इसके लिए आवाज़ उठाई। आज मुझे गर्व है कि मेरे बेटे का नाम पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। भले ही वह हमारे साथ नहीं है, लेकिन उसका नाम हमेशा अमर रहेगा।'
राष्ट्रीय महत्व और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में शहीद सैनिकों की स्मृति को सार्वजनिक संरचनाओं से जोड़ने की माँग तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि कठुआ जम्मू-कश्मीर का एक सीमावर्ती ज़िला है, जहाँ से कई वीर सैनिक देश की सेवा में गए हैं। इस नामकरण से न केवल शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी को श्रद्धांजलि मिली है, बल्कि स्थानीय समुदाय की वर्षों पुरानी भावनात्मक माँग भी पूरी हुई है। अब यह स्टेशन हर यात्री को एक वीर सपूत की शहादत की याद दिलाता रहेगा।