क्या जम्मू-कटरा रेल प्रोजेक्ट में उधमपुर को किया जा रहा है नजरअंदाज?

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क्या जम्मू-कटरा रेल प्रोजेक्ट में उधमपुर को किया जा रहा है नजरअंदाज?

सारांश

जम्मू से कटरा के लिए प्रस्तावित नई रेल लाइन में उधमपुर को नजरअंदाज किए जाने की अफवाहों पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। जानिए, उन्होंने इस मुद्दे पर क्या कहा और क्यों यह अफवाहें निराधार हैं।

Key Takeaways

  • उधमपुर को नजरअंदाज करने की अफवाहें निराधार हैं।
  • रेल मंत्री ने कहा, कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है।
  • फिजिबिलिटी स्टडी चल रही है।
  • उधमपुर का विकास कार्य प्रगति पर है।
  • कांग्रेस ने 50 साल तक रेल लाइन बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई।

नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू से कटरा के लिए प्रस्तावित नई रेल लाइन में उधमपुर को नजरअंदाज किए जाने की अफवाहों पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इन अफवाहों को पूरी तरह से निराधार बताया और कहा कि कुछ लोग गलतफहमी फैला रहे हैं, जो कि पूरी तरह से भ्रामक है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "कुछ लोग यह गलतफहमी फैला रहे हैं कि जम्मू से कटरा के लिए प्रस्तावित नई रेल लाइन में उधमपुर को नजरअंदाज किया जाएगा, जिससे उधमपुर के लोगों के साथ भेदभाव होगा।"

उन्होंने कहा, "रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार सुबह खुद मुझे बताया कि इस रूट के लिए अभी केवल प्रारंभिक मंजूरी दी गई है और यात्रियों की भीड़ को देखते हुए एक फिजिबिलिटी स्टडी (संभाव्यता अध्ययन) की जा रही है। ट्रैक के संरेखण का निर्धारण अभी शुरू नहीं हुआ है और जब भी यह प्रक्रिया शुरू होगी, सभी हितधारकों से परामर्श किया जाएगा।"

जितेंद्र सिंह ने रेल मंत्री के साथ फोन पर हुई बातचीत के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बयान में आगे कहा, "रेल मंत्री ने मुझसे टेलीफोन पर बात की और स्पष्ट किया कि न तो मौखिक रूप से और न ही लिखित में कहीं यह उल्लेख किया गया कि एमसीटीएम उधमपुर रेलवे स्टेशन को नए मार्ग से बाहर रखा जाएगा या इसे बायपास किया जाएगा। इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है और न ही निकाला जा सकता है, जब तक कि नए ट्रैक की व्यवहार्यता रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो जाती।"

उन्होंने कहा, "वैष्णव ने इस बात पर निराशा जताई कि कुछ तत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का श्रेय छीनने की कोशिश कर रहे हैं, जिसने 1972 में जम्मू तक पहुंचे रेल ट्रैक को आधे सदी से अधिक समय बाद घाटी तक पहुंचाया।"

जितेंद्र सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में उधमपुर और बडगाम ही दो रेलवे स्टेशन हैं, जिन्हें मोदी सरकार ने देश के चुनिंदा रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत रेलवे स्टेशन’ के रूप में विकसित करने की सूची में शामिल किया है, जो इस क्षेत्र को दी जा रही उच्च प्राथमिकता को दर्शाता है।

उन्होंने उधमपुर स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, "उधमपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1, 2 और 3 का सुधार कार्य चल रहा है। साथ ही नए प्लेटफॉर्म 4 और 5 का निर्माण, प्लेटफॉर्म 4 और 5 तक फुट ओवर ब्रिज का विस्तार, स्टेशन भवन का सुधार, बाहर घूमने-फिरने के क्षेत्र में सुधार और लिफ्ट या एलीवेटर की सुविधा का कार्य चल रहा है।"

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी के नेतृत्व से नाराज हैं, क्योंकि कांग्रेस सरकार ने 50 साल तक जम्मू से आगे रेल लाइन बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई, जबकि यह कार्य मोदी सरकार के आने के बाद ही संभव हो पाया।"

Point of View

NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

क्या उधमपुर रेलवे स्टेशन को नजरअंदाज किया जा रहा है?
नहीं, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बात को पूरी तरह से खारिज किया है।
क्या इस रेल लाइन के लिए कोई फिजिबिलिटी स्टडी की जा रही है?
जी हाँ, यात्रियों की संख्या को देखते हुए एक फिजिबिलिटी स्टडी की जा रही है।
रेल मंत्री ने क्या कहा?
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया है कि उधमपुर को नए मार्ग से बाहर रखने का कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है।
क्या उधमपुर का विकास कार्य हो रहा है?
हाँ, उधमपुर रेलवे स्टेशन पर कई विकास कार्य चल रहे हैं।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर क्या कहा है?
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने 50 साल तक जम्मू से आगे रेल लाइन बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई।