क्रिप्टो क्लैरिटी एक्ट: अमेरिकी सांसदों की सीनेट से अपील, निवेशक सुरक्षा और SEC-CFTC अधिकार क्षेत्र होगा तय
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी संसद के सांसदों ने 18 जुलाई को न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक फेडरल हॉल में आयोजित सुनवाई के दौरान सीनेट से डिजिटल एसेट क्लैरिटी एक्ट को शीघ्र पारित करने की अपील की। सांसदों का तर्क है कि क्रिप्टोकरेंसी के लिए स्पष्ट और एकसमान संघीय नियम बनने से निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, क्रिप्टो कंपनियाँ अमेरिका वापस लौटेंगी और वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अमेरिका की वैश्विक अग्रणी भूमिका बरकरार रहेगी।
सुनवाई में क्या हुआ
प्रतिनिधि सभा की डिजिटल एसेट, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपसमिति ने इस विधेयक का समर्थन किया। उपसमिति के अध्यक्ष ब्रायन स्टील ने कहा कि उनका उद्देश्य 'कार्रवाई के ज़रिए नियम लागू करने' की जगह डिजिटल एसेट के लिए साफ और स्पष्ट कानूनी ढाँचा तैयार करना है। हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष फ्रेंच हिल ने कहा कि स्पष्ट नियम बनने से अमेरिका वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी लक्ष्य है और वे चाहते हैं कि सीनेट जल्द विधेयक को मंजूरी देकर राष्ट्रपति के पास भेजे।
क्लैरिटी एक्ट में क्या है
यह कानून सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) और कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के बीच निगरानी की जिम्मेदारियाँ स्पष्ट रूप से तय करेगा — यह निर्धारित करेगा कि कौन-सी डिजिटल एसेट SEC के दायरे में आएगी और किसे CFTC के तहत 'डिजिटल कमोडिटी' माना जाएगा। इसके अलावा, यह उन सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और सेवा प्रदाताओं को भी कानूनी सुरक्षा देगा जो ग्राहकों की संपत्ति का नियंत्रण अपने पास नहीं रखते। गौरतलब है कि प्रतिनिधि सभा यह विधेयक पहले ही 294-134 के बहुमत से पारित कर चुकी है और अब यह सीनेट के विचाराधीन है।
उद्योग विशेषज्ञों की राय
सुनवाई में शामिल उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि वर्षों तक स्पष्ट नियम न होने के कारण निवेश और नई तकनीक का विकास अमेरिका से बाहर चला गया। डिजिटल एसेट फर्म बुलिश की अधिकारी रैंडी एबरनेथी ने बताया कि उनकी कंपनी को शुरुआत में जर्मनी, हांगकांग और जिब्राल्टर के नियमों के तहत काम करना पड़ा, क्योंकि अमेरिका में कोई स्पष्ट संघीय कानून नहीं था। उन्होंने कहा, 'नियामकीय स्पष्टता उद्योग पर किया गया कोई एहसान नहीं है। यह वह तरीका है, जिसके ज़रिए कांग्रेस इस गतिविधि को अमेरिकी नियामकों और अमेरिकी निवेशक सुरक्षा व्यवस्था के तहत देश के भीतर लाती है।'
नोवा लैब्स की मुख्य कानूनी अधिकारी सारा एबर्ग ने बताया कि नियमों की अस्पष्टता की वजह से उनकी कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि जनवरी 2025 में SEC ने उनकी कंपनी पर मुकदमा किया था, लेकिन बाद में अदालत ने उसे पूरी तरह खारिज कर दिया — फिर भी कंपनी को वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी और काफी खर्च उठाना पड़ा।
टोकनाइजेशन और भविष्य की दिशा
विजडम ट्री के मुख्य कानूनी अधिकारी रयान लूवार ने कहा कि टोकनाइजेशन — यानी वित्तीय संपत्तियों को डिजिटल टोकन में बदलने की प्रक्रिया — से शेयर और अन्य वित्तीय उत्पादों के लेनदेन को तेज और आधुनिक बनाया जा सकता है। उनके अनुसार, 'अब सवाल यह नहीं है कि वित्तीय व्यवस्था डिजिटल होगी या नहीं, बल्कि यह है कि इस बदलाव में अमेरिका दुनिया का नेतृत्व कर पाएगा या नहीं।' यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप और एशिया के कई देश क्रिप्टो नियमन में अमेरिका से आगे निकल चुके हैं। सीनेट की मंजूरी मिलने पर यह विधेयक राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा।