तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में गर्मी और उमस का बढ़ता असर, पश्चिमी घाट में हल्की बारिश की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई, १८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिनों में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के तटीय क्षेत्रों में गर्मी और उमस के कारण असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, पश्चिमी घाट में हल्की बारिश की संभावना भी है।
चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम के हालात भिन्न रहने की संभावना है। आंतरिक क्षेत्रों में गर्मी में वृद्धि देखी जा सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है।
केंद्र ने जानकारी दी है कि तमिलनाडु के आंतरिक इलाकों में कई स्थानों पर १९ अप्रैल तक अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से ३ डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
वहीं, पुडुचेरी और कराईकल जैसे तटीय जिलों में तापमान सामान्य के करीब रहने की उम्मीद है। हालांकि, इन जगहों पर उच्च आर्द्रता के कारण दिन के समय हालात असहज हो सकते हैं।
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि इस संयोजन से कुछ विशेष क्षेत्रों में गर्मी का तनाव बढ़ सकता है।
इस बीच, कुछ सीमित स्थानों पर बारिश से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने २१ अप्रैल तक पश्चिमी घाट के कुछ जिलों में हल्की बारिश की भविष्यवाणी की है।
इसी तरह की बौछारें डेल्टा जिलों, दक्षिणी तटीय तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और कराईकल क्षेत्र में भी होने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने बताया है कि बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम और बिखरी हुई होगी, और इससे राज्य के गर्म मौसम में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आएगा। हालांकि, पश्चिमी घाट क्षेत्र में हल्की बारिश से तापमान में थोड़ी कमी आ सकती है।
चेन्नई में आने वाले दिनों में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। शहर में अधिकतम तापमान लगभग ९९ डिग्री फारेनहाइट (लगभग ३७ डिग्री सेल्सियस) के आसपास रहने का अनुमान है, और उच्च आर्द्रता के कारण उमस भरी स्थिति बनी रहेगी।
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने निवासियों, विशेषकर तटीय क्षेत्रों के निवासियों से, गर्मी से होने वाली असुविधा से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, सीधी धूप में लंबे समय तक न रहें और दिन के ठंडे समय में बाहरी गतिविधियों की योजना बनाएं।
गर्मी और उमस के संयुक्त प्रभाव के चलते, मौसम अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और जरूरत पड़ने पर आगे की जानकारी प्रदान करने की उम्मीद कर रहे हैं।