तमिलनाडु मौसम अपडेट: पश्चिमी घाट में 13–18 जुलाई तक हल्की-मध्यम बारिश, चेन्नई में तापमान 38–39°C रहने का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से सटे जिलों में 13 जुलाई से 18 जुलाई 2026 के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि राज्य के शेष अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहेगा। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के अनुसार, पश्चिमी हवाओं की गति में हो रहे बदलाव इस सीमित वर्षा के लिए जिम्मेदार हैं। राज्य के तटीय और मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस का दौर जारी रहने के संकेत हैं।
मौसम का पूर्वानुमान: क्या रहेगा अगले छह दिनों में
आरएमसी के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी घाट के जिलों में 13 से 18 जुलाई के दौरान छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज हो सकती है। वहीं, पुडुचेरी और कराईकल सहित तमिलनाडु के बाकी क्षेत्रों में मौसम अधिकांशतः शुष्क रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राजधानी चेन्नई में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। शहर का अधिकतम तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
तापमान सामान्य से 2–4 डिग्री अधिक रहने की चेतावनी
मौसम विभाग ने 13 जुलाई से 16 जुलाई के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने का अनुमान जताया है। यह स्थिति विशेष रूप से दोपहर के समय असहनीय गर्मी पैदा कर सकती है।
गौरतलब है कि यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब मानसून की मुख्य धारा अभी तक तमिलनाडु के मैदानी इलाकों में सक्रिय नहीं हो पाई है, जिससे तटीय क्षेत्रों में उमस और गर्मी का संयुक्त प्रभाव और अधिक तीव्र हो गया है।
उमस और गर्मी का दोहरा असर: तटीय जिले सबसे अधिक प्रभावित
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उच्च तापमान और उच्च आर्द्रता का संयुक्त प्रभाव लोगों के लिए गंभीर असुविधा उत्पन्न कर सकता है। तमिलनाडु के तटीय जिलों, पुडुचेरी और कराईकल में उमस का स्तर विशेष रूप से अधिक रहेगा। व्यापक बारिश न होने के बावजूद समुद्री नमी के कारण तटीय इलाकों में उमस भरा वातावरण बना रहेगा।
आरएमसी ने कहा है कि अधिक नमी और ऊंचे दिन के तापमान के कारण कई क्षेत्रों में दोपहर के समय बाहर निकलना विशेष रूप से कठिन हो सकता है।
स्वास्थ्य सलाह: किन बातों का रखें ध्यान
मौसम विज्ञान केंद्र और प्रशासन ने नागरिकों को हीट स्ट्रेस से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को दिन के सबसे गर्म समय में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पीते रहने, शरीर में पानी की कमी न होने देने और सीधी धूप से बचने की हिदायत दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी और उमस का यह संयोजन हीट स्ट्रोक और निर्जलीकरण का जोखिम बढ़ा देता है।
आगे का मौसम: क्या मिलेगी राहत
फिलहाल मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 जुलाई के बाद स्थिति में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना अभी स्पष्ट नहीं है। पश्चिमी हवाओं की दिशा और गति में परिवर्तन के आधार पर अगले सप्ताह के पूर्वानुमान को अद्यतन किया जाएगा। तब तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्म और उमस भरे मौसम के बीच जनजीवन सामान्य रूप से चलता रहेगा।