विराट कोहली का वनडे में 15,000 रन का लक्ष्य: इंग्लैंड सीरीज में सचिन से आगे निकलने का सुनहरा मौका
सारांश
मुख्य बातें
विराट कोहली लगभग छह महीने के अंतराल के बाद 14 जुलाई 2025 से शुरू हो रही भारत बनाम इंग्लैंड तीन मैचों की वनडे सीरीज में टीम इंडिया की जर्सी में वापसी करने जा रहे हैं। इस सीरीज में कोहली के सामने एक ऐतिहासिक अवसर है — वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के दूसरे और सबसे तेज़ बल्लेबाज बनना, और इस मामले में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ना।
15,000 रन का ऐतिहासिक पड़ाव
कोहली ने अब तक 311 वनडे मैचों में 299 पारियाँ खेलते हुए 58.71 की औसत से 14,797 रन बनाए हैं। इस सीरीज में यदि वे 203 रन और जोड़ने में सफल रहते हैं, तो वे 50 ओवर के फॉर्मेट में 15,000 रन का आँकड़ा छूने वाले विश्व के केवल दूसरे बल्लेबाज बन जाएँगे — यह उपलब्धि अब तक केवल सचिन तेंदुलकर के नाम है।
कोहली के वनडे करियर में अब तक 54 शतक और 77 अर्धशतक दर्ज हैं, जो उनकी निरंतरता और वर्चस्व की गवाही देते हैं।
सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका
सचिन तेंदुलकर ने वनडे क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने के लिए 359 पारियाँ खेली थीं और यह मुकाम उन्होंने 2007 में हासिल किया था। कोहली यदि इस सीरीज में 203 रन बना लेते हैं, तो वे 302 से कम पारियों में यह उपलब्धि हासिल करेंगे — यानी सचिन से कहीं कम पारियों में — और सबसे तेज़ 15,000 वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में इतिहास में दर्ज हो जाएँगे।
गौरतलब है कि यह वह सीरीज है जहाँ कोहली छह महीने के लंबे अंतराल के बाद लौट रहे हैं, जिससे उनकी फॉर्म और फिटनेस पर सभी की नज़रें टिकी हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ कोहली का दमदार रिकॉर्ड
इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में कोहली का रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 38 पारियों में 41 की औसत से 1,397 रन बनाए हैं, जिसमें 3 शतक और 10 अर्धशतक शामिल हैं।
विशेष रूप से इंग्लैंड की धरती पर कोहली का प्रदर्शन और भी बेहतर रहा है — 33 पारियों में 51.88 की औसत से 1,349 रन, जिसमें 1 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं। इंग्लिश परिस्थितियाँ कोहली के खेल को माफिक आती हैं, जो इस सीरीज में उनके रिकॉर्ड तोड़ने की संभावनाओं को और मज़बूत करती हैं।
सीरीज का कार्यक्रम
तीन मैचों की इस वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 14 जुलाई को खेला जाएगा। दूसरा वनडे 16 जुलाई और तीसरा एकदिवसीय मुकाबला 19 जुलाई को निर्धारित है। भारतीय टीम की कोशिश होगी कि कोहली इस सीरीज में अपने शीर्ष फॉर्म में लौटें और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल करें।
यह सीरीज न केवल टीम इंडिया के लिए बल्कि क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी खास होगी, क्योंकि एक महान बल्लेबाज़ के करियर का एक और सुनहरा अध्याय लिखे जाने की संभावना है।