गौतमबुद्धनगर में श्रम विभाग ने 43 संविदाकारों को नोटिस जारी किया, 10 के लाइसेंस रद्द
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और औद्योगिक शांति को बनाए रखने के लिए श्रम विभाग ने एक बार फिर से सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले संविदाकारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है।
अपर श्रमायुक्त ने बताया कि जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में लगातार निरीक्षण और प्रवर्तन की प्रक्रिया जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को 43 संविदाकारों को श्रम कानूनों के उल्लंघन के आरोप में नोटिस भेजे गए हैं। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर श्रमिकों के वेतन, सुरक्षा मानकों, काम के समय और अन्य श्रम नियमों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
उन्होंने आगे कहा कि जिन मामलों में उल्लंघन अत्यंत गंभीर था, वहां 10 संविदाकारों के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। इन संविदाकारों को काली सूची में डालने के लिए उत्तर प्रदेश के श्रमायुक्त को भी पत्र भेजा गया है, ताकि भविष्य में वे किसी सरकारी या निजी परियोजना में काम न कर सकें।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि यह अभियान पिछले कुछ समय से चल रहा है। पूर्व में जारी नोटिसों के आधार पर भी समीक्षा की गई और जिन संविदाकारों ने सुधार नहीं किया, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद की औद्योगिक इकाइयों में शांति व्यवस्था बनाए रखना और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि जो भी संविदाकार या प्रतिष्ठान श्रम कानूनों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अंत में अपर श्रमायुक्त ने सभी औद्योगिक इकाइयों, ठेकेदारों और अन्य संबंधित पक्षों से अनुरोध किया है कि वे श्रम कानूनों का पूरी तरह से पालन करें। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुपालन में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में और भी कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।