असम पुलिस ने गुवाहाटी में ₹55 करोड़ का 37 किलो सोना जब्त किया, महाराष्ट्र का युवक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम पुलिस ने मंगलवार, 30 जून 2026 को गुवाहाटी में एक विशेष खुफिया ऑपरेशन के दौरान 37 किलोग्राम सोना जब्त किया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹55 करोड़ बताई जा रही है। इस कार्रवाई में महाराष्ट्र के सांगली जिले के निवासी अक्षय भंसोरे को हिरासत में लिया गया है और मामला लतासिल पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।
ऑपरेशन का विवरण
पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) सांभवी मिश्रा ने बताया कि यह बरामदगी खास खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए लक्षित ऑपरेशन का नतीजा है। जब्त सोने को पुलिस की अभिरक्षा में ले लिया गया है और विधिवत जाँच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह असम पुलिस की हालिया स्मृति में सोने की सबसे बड़ी एकल बरामदगी में से एक है।
आरोपी की पृष्ठभूमि
शुरुआती जाँच के मुताबिक, अक्षय भंसोरे मूलतः महाराष्ट्र के सांगली का रहने वाला है और पिछले दो वर्षों से गुवाहाटी के गांधी बस्ती इलाके में रह रहा था। जाँचकर्ताओं को कथित तौर पर संदेह है कि वह एक कूरियर की भूमिका निभा रहा था, जिसका काम सोने की खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाना था। हालाँकि, इस संदेह की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
जाँच का दायरा
अधिकारियों ने बताया कि जाँचकर्ता आरोपी के वित्तीय रिकॉर्ड और संचार लॉग की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों की पहचान की जा सके। जाँच तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित है — सोने का मूल स्रोत, इसकी अंतिम डिलीवरी का गंतव्य, और क्या यह मामला किसी बड़े अंतर-राज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है। पुलिस ने आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया है।
पूर्वोत्तर में तस्करी-विरोधी अभियान
यह जब्ती ऐसे समय में हुई है जब असम पुलिस ने पूर्वोत्तर में संगठित अपराध — विशेष रूप से सोने और नशीले पदार्थों की तस्करी — के खिलाफ खुफिया-आधारित ऑपरेशन तेज कर दिए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्यभर में इस तरह के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अन्य जाँच एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत की भौगोलिक स्थिति — म्यांमार और बांग्लादेश सीमाओं की निकटता — इसे तस्करी नेटवर्क के लिए एक संवेदनशील गलियारा बनाती है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जाँच के आगे बढ़ने पर और जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। लतासिल पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में अभियोजन की दिशा जब्त सोने के स्रोत और नेटवर्क की पहचान पर निर्भर करेगी। यह मामला पूर्वोत्तर में सोने की तस्करी की बढ़ती चुनौती को एक बार फिर रेखांकित करता है।