25 जुलाई 2026
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डीआरआई की देशव्यापी कार्रवाई: 27 किलो से अधिक तस्करी का विदेशी सोना जब्त, 12 गिरफ्तार

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डीआरआई की देशव्यापी कार्रवाई: 27 किलो से अधिक तस्करी का विदेशी सोना जब्त, 12 गिरफ्तार

सारांश

डीआरआई ने एक सप्ताह में देश के पाँच शहरों में समन्वित ऑपरेशन चलाकर 27 किलो से अधिक विदेशी सोना जब्त किया और 12 लोगों को गिरफ्तार किया। विमान के टॉयलेट से लेकर बर्तनों और कमर की बेल्ट तक — तस्करी के नए हथकंडे बताते हैं कि ये गिरोह कितने संगठित हो चुके हैं।

मुख्य बातें

डीआरआई ने देशव्यापी ऑपरेशन में 27 किलोग्राम से अधिक विदेशी मूल का तस्करी का सोना जब्त किया और 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
सबसे बड़ी बरामदगी मुंबई एयरपोर्ट पर हुई — अदीस अबाबा से आए तीन यात्रियों के विमान के टॉयलेट पैनल से 12 किलोग्राम सोना मिला।
मुंबई में ही एक अन्य ऑपरेशन में मोम के रूप में छिपाए 3.7 किलोग्राम सोने के बुरादे के साथ 5 लोग गिरफ्तार — इनमें एयरपोर्ट सफाई कर्मचारी भी शामिल।
उत्तर प्रदेश में ब्रह्मपुत्र मेल से एक महिला के पास 42 विदेशी सोने के बार (~5 किलोग्राम) मिले; सोना बांग्लादेश के रास्ते लाया गया था।
कोलकाता रेलवे स्टेशन पर बर्तनों में छिपाए 4.6 किलोग्राम और कोच्चि-गुवाहाटी में लगभग 2 किलोग्राम सोना भी बरामद।

डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने 25 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि उसने देशभर में खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए कई समन्वित ऑपरेशन्स में 27 किलोग्राम से अधिक विदेशी मूल का तस्करी का सोना जब्त किया है और 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वित्त मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्रवाई करीब एक सप्ताह तक चली और इसमें मुंबई, उत्तर प्रदेश, कोलकाता, कोच्चि तथा गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहर शामिल रहे।

मुंबई में सबसे बड़ी बरामदगी

सबसे बड़ी एकल बरामदगी 23-24 जुलाई को मुंबई एयरपोर्ट पर हुई, जब डीआरआई अधिकारियों ने अदीस अबाबा से आए तीन यात्रियों को रोका। जाँच में विमान के पिछले टॉयलेट की छत के पैनल में छिपाए गए छह विदेशी सोने के बार, जिनका कुल वजन लगभग 12 किलोग्राम था, बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया कि यात्रियों ने सोना इसलिए छिपाया था ताकि एयरपोर्ट का मिलीभगत वाला स्टाफ उसे बाद में निकाल सके। तीनों यात्रियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।

22-23 जुलाई को मुंबई में ही एक और ऑपरेशन में डीआरआई ने एक अलग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो विमान के टॉयलेट में सोने का बुरादा मोम के रूप में छिपाता था। विमान की सफाई करने वाले मिलीभगत वाले कर्मचारी बाद में इसे निकाल लेते थे। इस ऑपरेशन में 3.7 किलोग्राम सोने का बुरादा जब्त किया गया और पाँच लोगों को गिरफ्तार किया गया — जिनमें कैरियर, सफाई कर्मचारी, हैंडलर और रिसीवर शामिल थे।

उत्तर प्रदेश और कोलकाता में ट्रेन से बरामदगी

23 जुलाई को उत्तर प्रदेश में डीआरआई अधिकारियों ने ब्रह्मपुत्र मेल में यात्रा कर रही एक महिला को रोका। उसकी कमर की बेल्ट और हैंडबैग में छिपाए गए 42 विदेशी सोने के बार, जिनका कुल वजन लगभग 5 किलोग्राम था, बरामद किए गए। पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि यह सोना बांग्लादेश के रास्ते भारत में तस्करी करके लाया गया था।

19-20 जुलाई के बीच कोलकाता रेलवे स्टेशन पर एक अन्य ऑपरेशन में डीआरआई ने एक यात्री को पकड़ा, जिसके पास खास तौर पर बनाए गए बर्तनों में 4.6 किलोग्राम विदेशी सोना छिपाया गया था।

कोच्चि और गुवाहाटी में भी कार्रवाई

डीआरआई ने कोच्चि और गुवाहाटी में भी अलग-अलग ऑपरेशन चलाए, जिनमें लगभग 2 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद किया गया। इन ऑपरेशन्स में तस्करी के नए तरीकों का खुलासा हुआ, जिनमें विमान के टॉयलेट, गाड़ियों और बर्तनों में बनाई गई खास गुप्त जगहों के साथ-साथ यात्रियों के शरीर पर सोना छिपाना शामिल था।

संगठित नेटवर्क पर डीआरआई का रुख

डीआरआई ने अपने बयान में कहा कि ये समन्वित ऑपरेशन संगठित सोना तस्करी गिरोहों को ध्वस्त करने और देश में कीमती धातुओं की अवैध आवक रोकने की उसकी निरंतर कोशिशों का हिस्सा हैं। गौरतलब है कि तस्करी के बदलते तरीके — विशेषकर एयरपोर्ट और रेलवे स्टाफ की मिलीभगत — यह संकेत देते हैं कि ये गिरोह अधिक परिष्कृत और संगठित होते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में डीआरआई इन गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की और कड़ियाँ उजागर कर सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरआई ने इस ऑपरेशन में कुल कितना सोना जब्त किया?
डीआरआई ने देशभर में चलाए गए कई ऑपरेशन्स में कुल 27 किलोग्राम से अधिक विदेशी मूल का तस्करी का सोना जब्त किया। यह बरामदगी मुंबई, उत्तर प्रदेश, कोलकाता, कोच्चि और गुवाहाटी में की गई।
डीआरआई के इस ऑपरेशन में कितने लोग गिरफ्तार हुए और कौन-कौन शामिल थे?
इस देशव्यापी कार्रवाई में कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में यात्री (कैरियर), एयरपोर्ट सफाई कर्मचारी, हैंडलर और रिसीवर शामिल हैं, जो संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा थे।
तस्कर सोना छिपाने के लिए कौन-से तरीके अपना रहे थे?
तस्करी के लिए विमान के टॉयलेट की छत के पैनल, मोम के रूप में सोने का बुरादा, खास तौर पर बनाए गए बर्तन, कमर की बेल्ट और हैंडबैग जैसे तरीके अपनाए गए। एयरपोर्ट के मिलीभगत वाले कर्मचारियों का उपयोग करके सोना बाद में निकाला जाता था।
उत्तर प्रदेश में पकड़ा गया सोना कहाँ से आया था?
ब्रह्मपुत्र मेल से पकड़ी गई महिला ने पूछताछ में स्वीकार किया कि सोना बांग्लादेश के रास्ते भारत में तस्करी करके लाया गया था। उसके पास 42 विदेशी सोने के बार, जिनका वजन लगभग 5 किलोग्राम था, मिले।
डीआरआई क्या है और यह सोना तस्करी रोकने में क्या भूमिका निभाती है?
डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) वित्त मंत्रालय के अधीन भारत की प्रमुख तस्करी-विरोधी खुफिया एजेंसी है। यह संगठित तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने और देश में कीमती धातुओं, नशीले पदार्थों व अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की अवैध आवक रोकने के लिए खुफिया सूचनाओं के आधार पर ऑपरेशन चलाती है।
राष्ट्र प्रेस
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