डीआरआई की देशव्यापी कार्रवाई: 27 किलो से अधिक तस्करी का विदेशी सोना जब्त, 12 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने 25 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि उसने देशभर में खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए कई समन्वित ऑपरेशन्स में 27 किलोग्राम से अधिक विदेशी मूल का तस्करी का सोना जब्त किया है और 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वित्त मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्रवाई करीब एक सप्ताह तक चली और इसमें मुंबई, उत्तर प्रदेश, कोलकाता, कोच्चि तथा गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहर शामिल रहे।
मुंबई में सबसे बड़ी बरामदगी
सबसे बड़ी एकल बरामदगी 23-24 जुलाई को मुंबई एयरपोर्ट पर हुई, जब डीआरआई अधिकारियों ने अदीस अबाबा से आए तीन यात्रियों को रोका। जाँच में विमान के पिछले टॉयलेट की छत के पैनल में छिपाए गए छह विदेशी सोने के बार, जिनका कुल वजन लगभग 12 किलोग्राम था, बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया कि यात्रियों ने सोना इसलिए छिपाया था ताकि एयरपोर्ट का मिलीभगत वाला स्टाफ उसे बाद में निकाल सके। तीनों यात्रियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।
22-23 जुलाई को मुंबई में ही एक और ऑपरेशन में डीआरआई ने एक अलग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो विमान के टॉयलेट में सोने का बुरादा मोम के रूप में छिपाता था। विमान की सफाई करने वाले मिलीभगत वाले कर्मचारी बाद में इसे निकाल लेते थे। इस ऑपरेशन में 3.7 किलोग्राम सोने का बुरादा जब्त किया गया और पाँच लोगों को गिरफ्तार किया गया — जिनमें कैरियर, सफाई कर्मचारी, हैंडलर और रिसीवर शामिल थे।
उत्तर प्रदेश और कोलकाता में ट्रेन से बरामदगी
23 जुलाई को उत्तर प्रदेश में डीआरआई अधिकारियों ने ब्रह्मपुत्र मेल में यात्रा कर रही एक महिला को रोका। उसकी कमर की बेल्ट और हैंडबैग में छिपाए गए 42 विदेशी सोने के बार, जिनका कुल वजन लगभग 5 किलोग्राम था, बरामद किए गए। पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि यह सोना बांग्लादेश के रास्ते भारत में तस्करी करके लाया गया था।
19-20 जुलाई के बीच कोलकाता रेलवे स्टेशन पर एक अन्य ऑपरेशन में डीआरआई ने एक यात्री को पकड़ा, जिसके पास खास तौर पर बनाए गए बर्तनों में 4.6 किलोग्राम विदेशी सोना छिपाया गया था।
कोच्चि और गुवाहाटी में भी कार्रवाई
डीआरआई ने कोच्चि और गुवाहाटी में भी अलग-अलग ऑपरेशन चलाए, जिनमें लगभग 2 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद किया गया। इन ऑपरेशन्स में तस्करी के नए तरीकों का खुलासा हुआ, जिनमें विमान के टॉयलेट, गाड़ियों और बर्तनों में बनाई गई खास गुप्त जगहों के साथ-साथ यात्रियों के शरीर पर सोना छिपाना शामिल था।
संगठित नेटवर्क पर डीआरआई का रुख
डीआरआई ने अपने बयान में कहा कि ये समन्वित ऑपरेशन संगठित सोना तस्करी गिरोहों को ध्वस्त करने और देश में कीमती धातुओं की अवैध आवक रोकने की उसकी निरंतर कोशिशों का हिस्सा हैं। गौरतलब है कि तस्करी के बदलते तरीके — विशेषकर एयरपोर्ट और रेलवे स्टाफ की मिलीभगत — यह संकेत देते हैं कि ये गिरोह अधिक परिष्कृत और संगठित होते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में डीआरआई इन गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की और कड़ियाँ उजागर कर सकती है।