मुंबई एयरपोर्ट पर 'ऑपरेशन गोल्डन नेक्सस': डीआरआई ने ₹5 करोड़ का सोना जब्त किया, 7 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 7 जून 2026 को 'ऑपरेशन गोल्डन नेक्सस' के तहत मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय (सीएसएमआई) एयरपोर्ट पर एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 3.2 किलोग्राम विदेशी मूल का 24 कैरेट सोना (वैक्स फॉर्म में) बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹5 करोड़ बताई गई है, और कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
ऑपरेशन की पृष्ठभूमि
डीआरआई को गुप्त सूचना मिली थी कि एयरपोर्ट के कुछ कर्मचारी बैंकॉक से आने वाले बांग्लादेशी और श्रीलंकाई ट्रांजिट यात्रियों से तस्करी का सोना लेकर उसे एयरपोर्ट परिसर से बाहर स्थानीय नेटवर्क तक पहुँचाने का काम कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर डीआरआई ने सावधानीपूर्वक जाल बिछाया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
जाल में पहले तीन एयरपोर्ट कर्मचारियों को उस वक्त दबोचा गया जब वे सोने की खेप को परिसर से बाहर निकालकर एक स्थानीय रिसीवर तक पहुँचाने का प्रयास कर रहे थे। गिरफ्तार कर्मचारियों में दो बस/कोच चालक और एक कोच मॉनिटर शामिल हैं।
इसके बाद डीआरआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े तीन ट्रांजिट यात्रियों की पहचान की — जिनमें एक बांग्लादेशी नागरिक और दो श्रीलंकाई नागरिक शामिल हैं। जाँच में सामने आया कि इन यात्रियों ने सोने को अपने शरीर के भीतर छिपाकर भारत में तस्करी के जरिए लाया था। ये तीनों कनेक्टिंग फ्लाइट से भारत से बाहर जाने की तैयारी में थे। इस कार्रवाई में एक स्थानीय रिसीवर को भी गिरफ्तार किया गया।
बरामद 3.2 किलोग्राम 24 कैरेट सोने की धूल को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत विधिवत जब्त कर लिया गया है।
तस्करी नेटवर्क का खुलासा
यह कार्रवाई एक बहुस्तरीय तस्करी नेटवर्क को उजागर करती है जिसमें विदेशी ट्रांजिट यात्री, एयरपोर्ट के भीतर काम करने वाले कर्मचारी और बाहरी रिसीवर मिलकर काम कर रहे थे। गौरतलब है कि बैंकॉक रूट से सोने की तस्करी के मामले भारत के प्रमुख हवाई अड्डों पर पहले भी सामने आ चुके हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि एक सुसंगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है।
सरकार की नीति और डीआरआई का रुख
डीआरआई के अनुसार, यह सफलता ऐसे समय में मिली है जब सरकार ने विदेशी मुद्रा संरक्षण और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से सोने पर सीमा शुल्क एवं करों में वृद्धि की है। एजेंसी ने इस ऑपरेशन को अपनी खुफिया क्षमता और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण बताया है।
आगे की जाँच
फिलहाल सभी सात गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ जारी है। जाँचकर्ताओं का ध्यान इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और इसके वित्तपोषण स्रोतों का पता लगाने पर केंद्रित है। इस मामले में और गिरफ्तारियाँ संभव बताई जा रही हैं।