मुंबई एयरपोर्ट पर 'ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप': DRI ने ₹4.8 करोड़ का सोना जब्त किया, कैप्सूल निगलकर हो रही थी तस्करी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), मुंबई ने 20 मई 2026 को 'ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप' के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल (CSMI) एयरपोर्ट पर एक सुनियोजित सोने की तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। अधिकारियों ने ₹4.8 करोड़ मूल्य का 3 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। यह अभियान विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाया गया।
तस्करी की कार्यप्रणाली
जाँच में सामने आया कि तस्कर सोने को एक असामान्य तरीके से छिपाकर लाते थे। सोने के चूर्ण को पहले मोम में मिलाकर अंडे के आकार के कैप्सूल बनाए जाते थे। इसके बाद यात्री इन कैप्सूलों को निगलकर मुंबई तक लाते थे, जिससे सीमा शुल्क और सुरक्षा जाँच को चकमा दिया जा सके।
हवाई अड्डे के भीतर का नेटवर्क
DRI के अनुसार, तस्करी का यह नेटवर्क केवल बाहरी यात्रियों तक सीमित नहीं था। कथित तौर पर CSMI एयरपोर्ट परिसर में स्थित एक फूड आउटलेट में कार्यरत एक सफाई कर्मचारी भी इस गिरोह का हिस्सा था। आरोप है कि यह कर्मचारी यात्रियों से सोना प्राप्त कर उसे चोरी-छिपे एयरपोर्ट के बाहर पहुँचाता था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जाँच जारी है।
पिछले हफ्ते हीरे की तस्करी का भी भंडाफोड़
यह जब्ती ऐसे समय में हुई है जब DRI मुंबई लगातार बड़े तस्करी मामलों को उजागर कर रहा है। इससे पहले 14 मई को उसी CSMI एयरपोर्ट पर ₹5.70 करोड़ मूल्य के 1,624 कैरेट हीरे जब्त किए गए थे और दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में भी आरोपियों ने अपने शरीर के अंदर दो-दो कैप्सूल छिपाए थे, जिसका खुलासा पूछताछ के दौरान हुआ।
आर्थिक संदर्भ और सरकार का रुख
यह कार्रवाई सरकार के सोने की तस्करी पर अंकुश लगाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा और सीमा शुल्क राजस्व की वसूली के उद्देश्य से सोने पर आयात शुल्क बढ़ाए जाने के बाद से तस्करी के मामलों में वृद्धि देखी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह ट्रांजिट यात्री चैनलों और हवाई अड्डे की आंतरिक सहायता प्रणालियों का दोहन कर रहा था।
आगे की जाँच
DRI के अधिकारियों ने बताया कि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जाँच जारी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह सोना किस देश से लाया जा रहा था और इसके खरीदार कौन थे।