26 अगस्त 2026
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ओवैसी को ज्ञान बढ़ाने की ज़रूरत, कांग्रेस सर्वधर्म समभाव में विश्वास रखती है: चरण सिंह सपरा

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ओवैसी को ज्ञान बढ़ाने की ज़रूरत, कांग्रेस सर्वधर्म समभाव में विश्वास रखती है: चरण सिंह सपरा

सारांश

कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने एक ही प्रेस वार्ता में ओवैसी, हिमंता बिस्वा सरमा और कंगना रनौत पर एक साथ निशाना साधा। मेंढक वाली कहावत से सरमा पर कटाक्ष और ओवैसी को 'ज्ञानवर्धन' की सलाह — कांग्रेस ने साफ़ संदेश दिया कि सर्वधर्म समभाव उसकी पहचान है और युवा मुद्दे उसकी राजनीतिक धुरी।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने 26 अगस्त को मुंबई में असदुद्दीन ओवैसी को 'ज्ञानवर्धन' की सलाह दी, कहा — कांग्रेस सर्वधर्म समभाव में विश्वास करती है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के हिजाब फैसले पर सपरा ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में ऊपरी अदालत में चुनौती का रास्ता मौजूद है।
राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम में आदिवासी हॉस्टल मुद्दा उठा; देवेंद्र फडणवीस को पत्र के बाद महाराष्ट्र सरकार ने 30 वर्ष की आयु सीमा हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
कृति सैनन विज्ञापन विवाद पर सपरा ने महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का समर्थन किया; भाजपा सांसद कंगना रनौत को 'मिसगाइडेड मिसाइल' बताया।
हिमंता बिस्वा सरमा पर मेंढक वाली कहावत से कटाक्ष; असम में ज़मीन आवंटन से जुड़े आरोपों पर जवाब माँगा।

कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने 26 अगस्त को मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हिजाब-संबंधी बयान, विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित नागपुर कार्यक्रम, अभिनेत्री कृति सैनन से जुड़े विज्ञापन विवाद और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के राहुल गांधी पर दिए गए बयान — इन सभी मुद्दों पर कांग्रेस का पक्ष रखा। सपरा ने ओवैसी को सीधे तौर पर 'ज्ञानवर्धन' की सलाह दी और कांग्रेस की विचारधारा को सर्वसमावेशी बताया।

ओवैसी के बयान पर कांग्रेस का पलटवार

सपरा ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी को अपना ज्ञान और बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पर हमेशा यह आरोप लगता रहा है कि उसने अल्पसंख्यकों का समर्थन किया, लेकिन वास्तविकता यह है कि पार्टी की विचारधारा हर प्रांत और हर धर्म के व्यक्ति को आगे बढ़ाने की रही है।

सपरा के अनुसार, कांग्रेस सर्वधर्म समभाव में विश्वास करती है और यदि ओवैसी को पार्टी की भूमिका को लेकर कुछ समझ में नहीं आया है, तो उन्हें स्वयं अपने ज्ञान का विस्तार करना चाहिए।

हिजाब विवाद और न्यायिक प्रक्रिया

इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले के संदर्भ में — जिसमें शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने पर सवाल उठाया गया था — ओवैसी ने इसे इस्लाम पर हमला बताया था। इस पर सपरा ने कहा कि अदालतों को देश के महत्वपूर्ण मुद्दों — महंगाई, बेरोज़गारी, आर्थिक असमानता, किसानों की समस्याएँ, महिलाओं के मुद्दे और पेपर लीक — पर भी अधिक संज्ञान लेना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक व्यवस्था में हाई कोर्ट के किसी भी फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने का रास्ता मौजूद है। पहले भी कई मामलों में निचली अदालतों के फैसलों में बदलाव हुआ है, इसलिए इस मामले में भी आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

राहुल गांधी और जेन-जी से जुड़े मुद्दे

पुणे के बाद राहुल गांधी के प्रस्तावित नागपुर कार्यक्रम के राजनीतिक असर पर सपरा ने कहा कि राहुल गांधी पिछले चार-पाँच वर्षों से लगातार जेन-जी और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं — चाहे वह पेपर लीक हो, स्कूलों की व्यवस्था हो या इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा सवाल।

सपरा ने बताया कि पुणे कार्यक्रम में एक आदिवासी लड़की ने आदिवासी हॉस्टल से जुड़ी समस्याएँ राहुल गांधी के सामने रखी थीं, जिसके बाद राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा। सपरा के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने इस पत्र का संज्ञान लेते हुए हॉस्टल नियमों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की है और 30 वर्ष की आयु सीमा हटाने का निर्णय लिया जा रहा है।

कृति सैनन विज्ञापन विवाद और महिला अधिकार

रक्षाबंधन से जुड़े एक विज्ञापन में अभिनेत्री कृति सैनन के पहनावे को लेकर उठे विवाद पर सपरा ने कहा कि किसी महिला को क्या पहनना है और किस तरह अपनी ज़िंदगी जीनी है, यह उसकी व्यक्तिगत पसंद का विषय होना चाहिए। यह अधिकार केवल कृति सैनन तक सीमित नहीं, बल्कि हर महिला को अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है।

इसी संदर्भ में भाजपा सांसद कंगना रनौत पर निशाना साधते हुए सपरा ने उन्हें भाजपा की 'मिसगाइडेड मिसाइल' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंगना अक्सर ऐसे मुद्दों पर बयान देती हैं जिनसे उन्हें राजनीतिक या सार्वजनिक चर्चा में जगह मिल सके, जबकि असली बहस महिलाओं की स्वतंत्रता और सम्मान पर होनी चाहिए।

हिमंता बिस्वा सरमा पर कटाक्ष

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा राहुल गांधी पर दिए गए बयान पर सपरा ने एक कहावत का सहारा लेते हुए कहा कि अगर मेंढक को सोने या चाँदी की ईंट पर भी बैठा दिया जाए, तो वह छलांग आखिरकार कीचड़ या गंदी नाली की तरफ ही लगाएगा। इस कटाक्ष के ज़रिए उन्होंने सरमा की राजनीतिक भाषा पर सवाल उठाया।

सपरा ने आरोप लगाया कि सरमा को राज्य की जनता से जुड़े मुद्दों पर अधिक बात करनी चाहिए, लेकिन वे राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ बयानबाज़ी में अधिक समय लगाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि असम में हज़ारों एकड़ ज़मीन को लेकर मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी कंपनियों और उद्योगपतियों को फायदा पहुँचाने के सवाल उठते रहे हैं — और सरमा को इन आरोपों का जवाब देना चाहिए।

सपरा के इन बयानों से स्पष्ट है कि कांग्रेस आगामी महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की राजनीति में जेन-जी, महिला अधिकार और सर्वधर्म समभाव को केंद्र में रखकर अपनी रणनीति तैयार कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर हिजाब फैसले पर सीधा पक्ष लेने से बचना उसकी परंपरागत 'सबको साथ लेकर चलो' की रणनीति की सीमा भी उजागर करता है। हिमंता बिस्वा सरमा पर कहावत से कटाक्ष मीडिया में सुर्खियाँ बटोरता है, लेकिन असम के ज़मीन आवंटन के आरोप बिना दस्तावेज़ी साक्ष्य के केवल राजनीतिक बयानबाज़ी बनकर रह जाते हैं। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में राहुल गांधी के जेन-जी एजेंडे को आगे बढ़ाना कांग्रेस की सुनियोजित कोशिश है — असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह युवा जुड़ाव मतदान केंद्र तक पहुँचता है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चरण सिंह सपरा ने ओवैसी के बारे में क्या कहा?
कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी को अपना ज्ञान और बढ़ाने की ज़रूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सर्वधर्म समभाव में विश्वास करती है और पार्टी की विचारधारा हर धर्म व प्रांत के व्यक्ति को आगे बढ़ाने की रही है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के हिजाब फैसले पर कांग्रेस का क्या रुख है?
सपरा ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था में हाई कोर्ट के किसी भी फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अदालतों को महंगाई, बेरोज़गारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भी अधिक संज्ञान लेना चाहिए।
राहुल गांधी के नागपुर कार्यक्रम का क्या महत्व है?
सपरा के अनुसार, राहुल गांधी पिछले चार-पाँच वर्षों से जेन-जी और युवाओं के मुद्दे उठाते रहे हैं। पुणे कार्यक्रम में आदिवासी हॉस्टल का मुद्दा उठा, जिसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने 30 वर्ष की आयु सीमा हटाने की प्रक्रिया शुरू की — नागपुर कार्यक्रम इसी सिलसिले की अगली कड़ी है।
कृति सैनन विज्ञापन विवाद पर कांग्रेस ने क्या कहा?
सपरा ने कहा कि किसी महिला को क्या पहनना है, यह उसकी व्यक्तिगत पसंद का विषय होना चाहिए — यह अधिकार हर महिला को है, केवल कृति सैनन को नहीं। उन्होंने भाजपा सांसद कंगना रनौत को 'मिसगाइडेड मिसाइल' बताते हुए कहा कि असली बहस महिला स्वतंत्रता पर होनी चाहिए।
सपरा ने हिमंता बिस्वा सरमा पर क्या आरोप लगाए?
सपरा ने सरमा पर मेंढक वाली कहावत से कटाक्ष किया और आरोप लगाया कि वे राज्य के मुद्दों की बजाय राहुल गांधी पर बयानबाज़ी में अधिक समय लगाते हैं। उन्होंने असम में हज़ारों एकड़ ज़मीन आवंटन से जुड़े कथित आरोपों पर सरमा से जवाब माँगा।
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