संबित पात्रा का राहुल गांधी पर पलटवार: 'कांग्रेस ने दर्जनों पार्टियाँ तोड़ीं, अपना इतिहास पढ़े'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संबित पात्रा ने 18 सितंबर 2026 को पुरी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सोशल मीडिया पोस्ट पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने स्वयं दशकों तक दर्जनों पार्टियों को तोड़ा और सरकारें गिराईं। पात्रा ने कांग्रेस पर न्यायपालिका का अनादर करने का भी आरोप लगाया और पार्टी को अपने 'दागदार इतिहास' की समीक्षा करने की नसीहत दी।
राहुल गांधी के आरोप और भाजपा का जवाब
पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने भाजपा पर शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को तोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अदालत का फैसला आ चुका है, तब भी राहुल गांधी न्यायिक व्यवस्था का सम्मान क्यों नहीं कर रहे। भाजपा सांसद ने कहा, 'राहुल गांधी अपनी ही पार्टी के इतिहास से अनभिज्ञ हैं। इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि कांग्रेस पार्टी ने किस तरह गैर-कानूनी तरीके से दर्जनों पार्टियों को तोड़ा, सरकार गिराई, ताकि कांग्रेस की राजनीतिक महत्वाकांक्षा बनी रहे।'
तृणमूल और एनसीपी का ज़िक्र
पात्रा ने तर्क दिया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) दोनों कांग्रेस की ही उपज हैं। उनके अनुसार, इन दलों के नेताओं के साथ कांग्रेस के भीतर दुर्व्यवहार हुआ, जिसके चलते उन्होंने अलग पार्टियाँ बनाईं। उन्होंने आगे कहा कि 1963 में स्वतंत्र पार्टी, अशोक मेहता और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी में विभाजन का काम कांग्रेस ने किया था। 1969 में बड़े नेताओं को हाशिये पर धकेलकर कांग्रेस खुद टूटी और इंदिरा गांधी ने 'कांग्रेस (आई)' की नींव रखी।
ऐतिहासिक घटनाओं की परतें
पात्रा ने 1979 में जनता पार्टी के विघटन का भी उल्लेख किया — जब मोरारजी देसाई को हटाने के लिए चरण सिंह के गुट को समर्थन का वादा किया गया और बाद में मुकर जाया गया। 1984 में आंध्र प्रदेश में एनटी रामाराव के अमेरिका दौरे के दौरान भास्कर राव का उपयोग कर तेलुगू देशम पार्टी (TDP) को तोड़ने की कोशिश का संदर्भ भी उन्होंने दिया, हालाँकि यह प्रयास विफल रहा। इसी वर्ष नेशनल कॉन्फ्रेंस के 12 विधायकों को फारूख अब्दुल्ला की पार्टी से अलग कराने का आरोप भी उन्होंने कांग्रेस पर लगाया।
चंद्रशेखर सरकार का प्रसंग
पात्रा ने 1990 के जनता दल विभाजन और चंद्रशेखर सरकार के गिरने को 'भारतीय इतिहास का एक बड़ा प्रकरण' बताया। उनके अनुसार, राजीव गांधी ने चंद्रशेखर सरकार को समर्थन देने का वादा किया था, लेकिन बाद में झूठे आरोपों के आधार पर समर्थन वापस लेकर सरकार गिरा दी।
पात्रा की माँग — न्यायपालिका का सम्मान और माफी
भाजपा सांसद ने कहा कि जब कांग्रेस संविधान और न्यायपालिका का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रही है, तब उसे पहले स्वयं न्यायिक फैसलों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस में खुद का इतिहास पढ़ने की क्षमता नहीं है, तो भाजपा के दस्तावेज़ देखे जाएँ और न्यायपालिका का सम्मान करते हुए जनता से माफी माँगी जाए। यह आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर ऐसे समय में आया है जब संसद के शीतकालीन सत्र से पूर्व दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।