27 सितंबर 2026
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FTA से UP का निर्यात 2030 तक ₹5 लाख करोड़ पहुँचेगा: पीयूष गोयल का बड़ा दावा

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FTA से UP का निर्यात 2030 तक ₹5 लाख करोड़ पहुँचेगा: पीयूष गोयल का बड़ा दावा

सारांश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ग्रेटर नोएडा में दावा किया कि नए FTA से उत्तर प्रदेश का निर्यात 2030 तक ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर ₹5 लाख करोड़ पार कर सकता है — यह राज्य के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के सपने की सबसे बड़ी शर्त है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 27 सितंबर 2026 को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो, ग्रेटर नोएडा में निर्यात लक्ष्य की घोषणा की।
नए FTA के ज़रिये उत्तर प्रदेश का निर्यात 2030 तक ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर ₹5 लाख करोड़ पहुँचने का अनुमान।
यह बढ़ोतरी राज्य के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य की दिशा में अहम कदम बताई गई।
डिफेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोबोटिक्स जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में UP की बढ़ती उपस्थिति पर जोर।
एक्सप्रेसवे, आधुनिक हवाई अड्डे और इंडस्ट्रियल पार्क राज्य की औद्योगिक वृद्धि का आधार बताए गए।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 27 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कहा कि नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लागू होने से उत्तर प्रदेश का निर्यात 2030 तक मौजूदा ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर ₹5 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। उनके अनुसार, यह विस्तार राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।

मुख्य घोषणाएँ और FTA की भूमिका

मंत्री गोयल ने स्पष्ट किया कि नए FTA से उत्तर प्रदेश के उत्पादों और ब्रांड्स को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के उद्यमियों के लिए नए निर्यात अवसर उत्पन्न होंगे और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ेगी। उन्होंने व्यापार और उद्योग जगत से इस विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की।

निवेश परिदृश्य और रोज़गार

गोयल ने बताया कि बेहतर औद्योगिक नीतियों और सुनियोजित योजनाओं के चलते उत्तर प्रदेश निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में बड़ी घरेलू और वैश्विक कंपनियाँ राज्य में आ रही हैं, जिससे रोज़गार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में एक बड़ी रोबोटिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के विस्तार का उदाहरण देते हुए कहा कि यह आधुनिक औद्योगिक विकास और तकनीकी प्रगति का प्रतीक है।

बुनियादी ढाँचा और हाई-टेक क्षेत्र

केंद्रीय मंत्री ने राज्य में एक्सप्रेसवे, आधुनिक हवाई अड्डों और इंडस्ट्रियल पार्कों के विकास को उत्तर प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक शक्ति का आधार बताया। उन्होंने डिफेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य हाई-टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में राज्य की बढ़ती उपस्थिति का भी उल्लेख किया।

युवा कौशल और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का महत्व

गोयल ने राज्य के विकास में आधुनिक तकनीक और उत्तर प्रदेश के युवाओं की बेहतर होती कारीगरी एवं तकनीकी दक्षता की महत्वपूर्ण भूमिका रेखांकित की। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन वैश्विक बाज़ार तक सीधी पहुँच सुनिश्चित करते हैं, जिससे राज्य के विविध उत्पाद, खान-पान और सेवाएँ अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुँच पाती हैं।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारत कई देशों के साथ FTA वार्ता को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पहले से ही देश के शीर्ष निर्यातक राज्यों में शुमार हो रहा है, और यदि प्रस्तावित FTA समयसीमा में लागू होते हैं, तो ₹5 लाख करोड़ के निर्यात लक्ष्य को हासिल करना अधिक संभव दिखेगा। राज्य के उद्योग संगठनों की नज़र अब नीतिगत क्रियान्वयन और बाज़ार पहुँच की वास्तविक व्यवस्था पर होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर है कि भारत कितने FTA कब तक अंतिम रूप देता है — जो अब तक अपेक्षाकृत धीमी रफ़्तार से आगे बढ़े हैं। उत्तर प्रदेश की निर्यात वृद्धि की गाथा तभी पूरी होगी जब MSMEs और पारंपरिक उद्योगों को वास्तविक बाज़ार पहुँच मिले, न सिर्फ बड़ी कंपनियों को। मुख्य चुनौती यह है कि FTA के फ़ायदे राज्य के ग्रामीण कारीगरों और छोटे उद्यमियों तक भी पहुँचें, जो अभी भी निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र से काफ़ी हद तक कटे हुए हैं।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश के निर्यात को लेकर क्या कहा?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि नए FTA के चलते उत्तर प्रदेश का निर्यात 2030 तक मौजूदा ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर ₹5 लाख करोड़ पहुँच सकता है। उन्होंने यह बात 27 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कही।
FTA से उत्तर प्रदेश को क्या फ़ायदा होगा?
FTA से UP के उत्पादों और ब्रांड्स को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में पहचान मिलेगी और उद्यमियों के लिए नए निर्यात अवसर खुलेंगे। इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में राज्य की भागीदारी बढ़ेगी और रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे।
UP का 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाना है। पीयूष गोयल के अनुसार, निर्यात, निवेश और वैश्विक बाज़ार तक पहुँच बढ़ाकर इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो कहाँ और कब हुआ?
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 27 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में आयोजित किया गया। इस आयोजन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल मुख्य वक्ता रहे और उन्होंने राज्य के निर्यात, निवेश और औद्योगिक विकास पर अपने विचार साझा किए।
UP के किन क्षेत्रों में हाई-टेक निवेश बढ़ रहा है?
पीयूष गोयल ने डिफेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोबोटिक्स मैन्युफैक्चरिंग को उत्तर प्रदेश में तेज़ी से उभरते हाई-टेक क्षेत्र बताया। ग्रेटर नोएडा में एक बड़ी रोबोटिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के विस्तार को उन्होंने आधुनिक औद्योगिक प्रगति का उदाहरण दिया।
राष्ट्र प्रेस
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