3 अगस्त 2026
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उत्तर प्रदेश वैश्विक विकास केंद्र बन रहा है: पीयूष गोयल ने कानपुर, नोएडा, सहारनपुर के उद्योगों को बताया FTA का लाभार्थी

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उत्तर प्रदेश वैश्विक विकास केंद्र बन रहा है: पीयूष गोयल ने कानपुर, नोएडा, सहारनपुर के उद्योगों को बताया FTA का लाभार्थी

सारांश

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश को मुक्त व्यापार समझौतों का सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य बताया — कानपुर का चमड़ा, नोएडा का इलेक्ट्रॉनिक्स, सहारनपुर का हस्तशिल्प और पश्चिमी UP की खेती अब वैश्विक बाज़ारों की दौड़ में शामिल।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 3 अगस्त 2026 को कहा कि उत्तर प्रदेश स्थानीय से वैश्विक आर्थिक केंद्र बन रहा है।
कानपुर का चमड़ा उद्योग, नोएडा का इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र, सहारनपुर का हस्तशिल्प और पश्चिमी UP के कृषि उत्पादों को FTA से नए निर्यात अवसर मिल रहे हैं।
भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) को UP के निर्यातकों, कारीगरों और किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँच का माध्यम बताया गया।
गोयल ने एक्स पर पोस्ट कर PM नरेंद्र मोदी और CM योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को UP की आर्थिक प्रगति का श्रेय दिया।
नोएडा को देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन केंद्रों में गिना गया और भारत के निर्यात तंत्र में इसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया गया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 3 अगस्त 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपनी स्थानीय आर्थिक पहचान से आगे बढ़कर वैश्विक विकास का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत द्वारा संपन्न मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) ने राज्य के निर्यातकों, कारीगरों, किसानों और विनिर्माण उद्यमों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों के नए द्वार खोले हैं।

मुख्य घोषणा और संदर्भ

गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'उत्तर प्रदेश स्थानीय से वैश्विक पहचान की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ने हाल के वर्षों में कई देशों के साथ व्यापारिक समझौते किए हैं और उत्तर प्रदेश को उनका प्रमुख लाभार्थी राज्य बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए कई नीतिगत सुधार किए हैं। इस पृष्ठभूमि में केंद्रीय मंत्री का यह बयान राज्य की बदलती आर्थिक छवि को रेखांकित करता है।

कानपुर और नोएडा के उद्योगों पर असर

कानपुर का चमड़ा उद्योग, जो दशकों से राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहा है, अब भारत के व्यापारिक समझौतों के ज़रिए विदेशी बाज़ारों में अपनी पकड़ और मज़बूत कर सकेगा। गोयल के अनुसार, इन समझौतों से चमड़ा निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।

नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि यह शहर आज देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन केंद्रों में शामिल हो चुका है और भारत के निर्यात तंत्र में इसकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मुक्त व्यापार समझौतों से प्राप्त वैश्विक पहुँच इस क्षेत्र के निर्माताओं के लिए नई संभावनाएं लेकर आई है।

हस्तशिल्प और कृषि क्षेत्र को उम्मीदें

सहारनपुर की पारंपरिक हस्तशिल्प कला को भी अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में बढ़ती मांग का लाभ मिलने की संभावना जताई गई है। गोयल ने कहा कि व्यापारिक बाधाएं कम होने से हस्तशिल्प क्षेत्र के कारीगरों और लघु उद्यमों को विदेशों में नए बाज़ार उपलब्ध होंगे।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादकों को भी बदलते वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य का लाभ मिलने की संभावना बताई गई है। मंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादों के निर्यात के नए अवसर तेज़ी से विकसित हो रहे हैं।

व्यापक आर्थिक महत्व

गोयल ने अपने बयान में स्पष्ट किया, 'मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से कानपुर का चमड़ा उद्योग, नोएडा का इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र, सहारनपुर का हस्तशिल्प तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पाद वैश्विक बाज़ारों में नई संभावनाएं प्राप्त कर रहे हैं।' यह बयान उत्तर प्रदेश को एक बहु-क्षेत्रीय निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की केंद्र सरकार की रणनीति को दर्शाता है।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि FTA के तहत वास्तविक निर्यात वृद्धि के आँकड़े इन घोषणाओं की कसौटी पर कितने खरे उतरते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पर्यावरण नियमों और बुनियादी ढाँचे की कमियों से वर्षों से जूझ रहा है, वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए वास्तव में कितना तैयार है। नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स में वृद्धि वास्तविक है, लेकिन वह मुख्यतः PLI और बड़े कॉरपोरेट निवेश से संचालित है — FTA से अलग। सहारनपुर के कारीगरों और पश्चिमी UP के किसानों तक FTA का लाभ पहुँचाने के लिए जिस निर्यात अवसंरचना और मध्यस्थ तंत्र की ज़रूरत है, उस पर अभी कोई ठोस रोडमैप सामने नहीं आया है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 3 अगस्त 2026 को कहा कि PM मोदी और CM योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्थानीय आर्थिक शक्ति से आगे बढ़कर वैश्विक विकास का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने यह बयान एक्स पर पोस्ट के ज़रिए दिया।
मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से उत्तर प्रदेश को कैसे फायदा होगा?
FTA के ज़रिए उत्तर प्रदेश के प्रमुख उद्योगों — कानपुर का चमड़ा, नोएडा का इलेक्ट्रॉनिक्स, सहारनपुर का हस्तशिल्प और पश्चिमी UP के कृषि उत्पाद — को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक बेहतर पहुँच मिलेगी। व्यापारिक बाधाएं कम होने से निर्यातकों, कारीगरों और किसानों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की क्या भूमिका है?
नोएडा आज देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन केंद्रों में शामिल है और भारत के निर्यात तंत्र में इसकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है। गोयल के अनुसार, FTA से प्राप्त वैश्विक बाज़ार पहुँच इस क्षेत्र के निर्माताओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है।
कानपुर का चमड़ा उद्योग FTA से कैसे लाभान्वित होगा?
कानपुर का चमड़ा उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था का एक ऐतिहासिक आधार रहा है। भारत के व्यापारिक समझौतों के माध्यम से इस उद्योग को विदेशी बाज़ारों में अपनी पहुँच और मज़बूत करने का अवसर मिलेगा, जिससे निर्यात में वृद्धि की संभावना है।
सहारनपुर के हस्तशिल्प कारीगरों को क्या फायदा मिलेगा?
गोयल के अनुसार, व्यापारिक बाधाएं कम होने से सहारनपुर के पारंपरिक हस्तशिल्प कारीगरों और लघु उद्यमों को विदेशों में नए बाज़ार उपलब्ध होंगे। अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में इस शिल्प की बढ़ती मांग से कारीगरों की आय में सुधार की उम्मीद जताई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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