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मध्य प्रदेश विधानसभा: काली पट्टी बांधकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, राहुल गांधी से पुलिस बर्ताव और छात्र अत्याचार का विरोध

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मध्य प्रदेश विधानसभा: काली पट्टी बांधकर पहुंचे कांग्रेस विधायक, राहुल गांधी से पुलिस बर्ताव और छात्र अत्याचार का विरोध

सारांश

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस का विरोध अब प्रतीकों की भाषा बोल रहा है — पहले मुखौटे, फिर कफन, और अब काली पट्टी। राहुल गांधी से पुलिस बर्ताव और नीट पेपर लीक को केंद्र में रखकर विपक्ष BJP सरकार को युवा-विरोधी साबित करने की रणनीति पर चल रहा है।

मुख्य बातें

22 जुलाई को मध्य प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में यह प्रदर्शन दिल्ली में राहुल गांधी से कथित पुलिसिया बर्ताव और छात्रों पर अत्याचार के विरोध में था।
कांग्रेस ने BJP मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर छात्रों को 'कॉकरोच' कहने का आरोप लगाया।
मानसून सत्र में यह लगातार तीसरा प्रतीकात्मक विरोध — पहले दिन मुखौटे, दूसरे दिन कफन, तीसरे दिन काली पट्टी।
कांग्रेस ने नीट पेपर लीक , भर्ती घोटाले और बेरोज़गारी पर सरकार से जवाब माँगा; सरकार ने सदन में चर्चा की माँग स्वीकार नहीं की।

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन, 22 जुलाई को भोपाल में कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे — दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ हुए कथित पुलिसिया बर्ताव और छात्रों पर अत्याचार के विरोध में। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में यह प्रदर्शन मानसून सत्र में कांग्रेस के लगातार तीसरे विरोध का हिस्सा बना।

मुख्य घटनाक्रम

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल के सभी सदस्य हाथों पर काली पट्टी बांधे सदन में दाखिल हुए। विधायकों ने विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की माँग की, लेकिन कांग्रेस के अनुसार सरकार ने जवाब देने से परहेज किया।

नेता प्रतिपक्ष का बयान

सिंघार ने कहा कि दिल्ली में अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक, भर्ती घोटाले, बेरोज़गारी और छात्रों पर अत्याचार — यही भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की युवा नीति बन गई है। उनके शब्दों में, "युवा जवाब माँग रहे हैं, सरकार सिर्फ अहंकार दिखा रही है।"

सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि कांग्रेस विधायक दल ने युवाओं और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुई कथित बर्बरता के विरोध में काली पट्टी बांध प्रदर्शन किया और सरकार से जवाब माँगा। उन्होंने BJP मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी निशाना साधा, जिन पर आरोप है कि उन्होंने छात्र आंदोलन को 'अस्थिरता फैलाना' बताया और छात्रों को 'कॉकरोच' कहकर अपमानित किया।

सरकार की प्रतिक्रिया

विधानसभा सत्र के दौरान सत्तारूढ़ BJP सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई सीधा जवाब सामने नहीं आया। कांग्रेस के अनुसार, चर्चा की माँग को सदन में स्वीकार नहीं किया गया।

मानसून सत्र में विरोध का सिलसिला

गौरतलब है कि यह मानसून सत्र में कांग्रेस का लगातार तीसरा प्रतीकात्मक विरोध है। पहले दिन कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर किसानों की समस्याओं के विरोध में सदन परिसर में पहुंचे थे। दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों ने कफन ओढ़कर प्रदर्शन किया था।

क्या होगा आगे

सिंघार ने माँग की है कि सरकार पेपर लीक पर चुप्पी तोड़े, दोषियों पर कार्रवाई करे और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रहती है, तो उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। मानसून सत्र जारी रहने के साथ विपक्ष का दबाव बने रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कफन और काली पट्टी — हर दिन एक नया प्रतीक, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये नाटकीय विरोध वास्तविक विधायी दबाव में तब्दील हो पा रहे हैं। नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन जैसे मुद्दे निस्संदेह राष्ट्रीय महत्व के हैं, लेकिन जब सरकार सदन में चर्चा से बचती है और विपक्ष प्रतीकों तक सिमटा रहता है, तो युवाओं की असली आवाज़ दोनों तरफ से अनसुनी रह जाती है।
RashtraPress
6 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने काली पट्टी क्यों बांधी?
कांग्रेस विधायकों ने 22 जुलाई को दिल्ली में राहुल गांधी के साथ कथित पुलिसिया बर्ताव और छात्रों पर अत्याचार के विरोध में काली पट्टी बांधकर सदन में प्रवेश किया। यह मानसून सत्र के तीसरे दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में किया गया प्रदर्शन था।
उमंग सिंघार ने BJP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक, भर्ती घोटाले, बेरोज़गारी और छात्रों पर अत्याचार BJP सरकार की युवा नीति बन गई है। उन्होंने BJP मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर छात्रों को 'कॉकरोच' कहकर अपमानित करने का भी आरोप लगाया।
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस ने और क्या विरोध किए?
मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान और एदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर किसान मुद्दों पर विरोध जताने आए थे। दूसरे दिन विधायकों ने कफन ओढ़कर प्रदर्शन किया, और तीसरे दिन काली पट्टी बांधी।
कांग्रेस ने सरकार से क्या माँगें रखी हैं?
कांग्रेस ने माँग की है कि सरकार नीट पेपर लीक पर चुप्पी तोड़े, दोषियों पर कार्रवाई करे और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि यदि सरकार जवाबदेही तय नहीं कर सकती तो उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
MP विधानसभा में सरकार ने कांग्रेस के विरोध पर क्या रुख अपनाया?
कांग्रेस के अनुसार, सरकार ने सदन में इन मुद्दों पर चर्चा की माँग स्वीकार नहीं की और जवाब देने से परहेज किया। सत्तारूढ़ BJP की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
राष्ट्र प्रेस
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