क्या चीन में नागरिक समाज पर शिकंजा और भी कसता जा रहा है?
सारांश
Key Takeaways
- चीन में नागरिक समाज के लिए स्थान तेजी से सिमट रहा है।
- चीन में मानवाधिकारों की स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ रही है।
- दमन का यह पैटर्न समाज पर भय का माहौल बना रहा है।
- श्रमिक कार्यकर्ताओं और अन्य वर्गों को बढ़ती निगरानी का सामना करना पड़ रहा है।
- संविधानिक अधिकारों का दुरुपयोग हो रहा है।
नैपीडॉ, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय संगठनों की बार-बार की गई चेतावनियों के बावजूद, चीन में नागरिक समाज के लिए स्थान तेजी से सिमटता जा रहा है। विरोध या न्याय की संभावनाएं लगभग समाप्त होती दिखाई दे रही हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी अधिकारियों की हालिया कार्रवाइयाँ यह दर्शाती हैं कि राज्य किसी भी प्रकार की स्वायत्तता को लेकर लगातार अधिक असहिष्णु हो रहा है, जिससे समाज भय, खामोशी और जबरन अनुरूपता के माहौल में जी रहा है।
म्यांमार के मीडिया आउटलेट ‘मिज़्ज़िमा न्यूज़’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में नए सिरे से शुरू हुआ दमन अभियान वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन गया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, देश के भीतर नागरिक स्वतंत्रताएं कई वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई हैं। श्रमिक कार्यकर्ता, छात्र प्रदर्शनकारी, वकील, धार्मिक अनुयायी और ऑनलाइन टिप्पणीकारों समेत समाज के विभिन्न वर्ग बढ़ती निगरानी, मनमानी हिरासत और अपारदर्शी कानूनी सज़ाओं के जाल में फंसते जा रहे हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है, “यह अलग-थलग घटनाओं की श्रृंखला नहीं, बल्कि दमन का एक व्यवस्थित पैटर्न है, जो धीरे-धीरे सामान्य बना दिया गया है और सार्वजनिक निगाहों से छिपता जा रहा है।”
मानवाधिकार समर्थकों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन में मानवाधिकार स्थिति में गंभीर गिरावट आई है, जहां न्यायिक प्रक्रिया से बार-बार इनकार किया जा रहा है और असहमति को दबाने के लिए अस्पष्ट आपराधिक धाराओं का उपयोग किया जा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हेनान प्रांत में श्रमिक अधिकार कार्यकर्ता शिंग वांगली को तीन साल की सजा बरकरार रखना इसका प्रतीकात्मक उदाहरण है। उन्हें “झगड़ा भड़काने और उपद्रव करने” जैसी सामान्य और व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली धारा के तहत दोषी ठहराया गया। फैसला आने के तुरंत बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। उनके परिवार के अनुसार, हिरासत के दौरान उन्हें वकीलों और परिजनों से संपर्क की अनुमति नहीं दी गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह उनकी पहली गिरफ्तारी नहीं है। शिंग वांगली अब तक विभिन्न मामलों में कुल मिलाकर एक दशक से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं, जो मानवाधिकार संगठनों के अनुसार वैध कानून-व्यवस्था से ज्यादा बार-बार निशाना बनाए जाने की नीति को दर्शाता है।