इजरायल की संसद में पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च सम्मान, सदस्यों को दिया भारत आने का निमंत्रण
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी को इजरायल की संसद द्वारा सम्मानित किया गया।
- स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल प्राप्त करने वाले पहले भारतीय पीएम।
- भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंध को मजबूती दी जा रही है।
- मोदी ने सदस्यों को भारत आने का आमंत्रण दिया।
- भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है।
यरूशलम, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल की संसद नेसेट के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया है। बुधवार को, प्रधानमंत्री मोदी को उनके भाषण के दौरान 'स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल' प्रदान किया गया। वे इस मेडल से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।
प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान इजरायल और भारत के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया। इस सम्मान के लिए उन्होंने इजरायल की संसद का आभार व्यक्त किया।
संसद के सदस्यों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारतीय संसद ने इजरायल के लिए एक पार्लियामेंट्री फॉरेन ग्रुप स्थापित किया है। वह सभी को भारत आने का निमंत्रण देते हैं और हमारे संसद सदस्यों के बीच और बातचीत की उम्मीद व्यक्त करते हैं।
मोदी ने कहा, "माननीय सदस्यों, पिछले कुछ वर्षों में भारत तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना है। हम जल्द ही दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होंगे। हम व्यापार बढ़ाने, निवेश प्रवाह को मजबूत करने और संयुक्त अवसंरचना विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हम दोनों प्राचीन सभ्यताएं हैं और इसलिए हमारी सभ्यताओं की परंपराओं में समानताएं दिखती हैं।
इजरायल में 'टिक्कुन ओलम' का सिद्धांत दुनिया को सुधारने की बात करता है, वहीं भारत में 'वसुधैव कुटुंबकम' यह कहता है कि पूरी दुनिया एक परिवार है। ये दोनों विचार जिम्मेदारी को सीमाओं से परे ले जाते हैं।