क्या सर्जियो गोर ने अपाचे एएच-64ई का निरीक्षण कर भारत-यूएस साझेदारी की प्रतिबद्धता दोहराई?

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क्या सर्जियो गोर ने अपाचे एएच-64ई का निरीक्षण कर भारत-यूएस साझेदारी की प्रतिबद्धता दोहराई?

सारांश

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को मजबूती देने के लिए सर्जियो गोर और अमेरिकी सेना के सचिव की मुलाकात महत्वपूर्ण है। जानें इस दौरे का क्या महत्व है और यह कैसे भारत की सुरक्षा को प्रभावित करेगा।

मुख्य बातें

भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी।
अपाचे एएच-64ई का महत्व और तकनीकी सहयोग।
दोनों देशों के बीच सैन्य अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रम।

नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने अपाचे एएच-64ई का दौरा किया। इस अवसर पर उनके साथ अमेरिकी सेना के सचिव ड्रिस्कोल भी उपस्थित थे। सर्जियो गोर ने इस बारे में जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।

उन्होंने लिखा, "आर्मी सचिव ड्रिस्कोल के साथ एएच-64ई अपाचे का दौरा करना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। यह इस बात का एक मजबूत प्रतीक है कि हम भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की दिशा में मिलकर कैसे आगे बढ़ रहे हैं। ये आधुनिक अमेरिकी हेलीकॉप्टर भारत की क्षमताओं, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग को बढ़ाते हैं और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करते हैं।"

इसके अलावा, यूएस सेक्रेटरी ऑफ द आर्मी डैनियल पी. ड्रिस्कॉल और भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी के बीच एक महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने, मिलिट्री-टू-मिलिट्री सहभागिता को बढ़ाने और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के प्रति दोनों सेनाओं की साझा प्रतिबद्धता पर चर्चा की गई।

बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार किया और भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की।

यह ध्यान देने योग्य है कि दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यासों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, पेशेवर आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा आपसी समन्वय को प्रभावी बनाने पर जोर देते रहे हैं। सेना प्रमुख और अमेरिकी सेना सचिव की यह मुलाकात दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और रक्षा संबंधों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के प्रति समान दृष्टिकोण पर आधारित है। भारत और अमेरिका ने रक्षा साझेदारी पर एक ऐतिहासिक समझौता भी किया है। कुछ महीने पहले, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ से मुलाकात के दौरान १० वर्षीय 'फ्रेमवर्क फॉर द यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप' पर हस्ताक्षर किए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दोनों देशों के लिए रणनीतिक लाभकारी है। यह मुलाकात निश्चित रूप से दोनों देशों की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी, जिससे वैश्विक शांति को भी बढ़ावा मिलेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्जियो गोर का दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
सर्जियो गोर का दौरा भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने का संकेत है। यह दोनों देशों की सुरक्षा रणनीतियों को एकजुट करता है।
क्या अपाचे एएच-64ई भारत की सुरक्षा में मदद करेगा?
हाँ, अपाचे एएच-64ई आधुनिक तकनीक से लैस है और यह भारत की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने में सहायक होगा।
अमेरिका और भारत के बीच रक्षा समझौते क्या हैं?
भारत और अमेरिका ने कई रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
राष्ट्र प्रेस