19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत और अमेरिका के वायुसेना प्रमुखों के बीच हिंद-प्रशांत सहयोग पर महत्वपूर्ण वार्ता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत और अमेरिका के वायुसेना प्रमुखों के बीच हिंद-प्रशांत सहयोग पर महत्वपूर्ण वार्ता

सारांश

अमेरिका और भारत ने अपनी रणनीतिक रक्षा साझेदारी को फिर से सुदृढ़ किया। वायुसेना प्रमुखों के बीच हुई बातचीत में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पारस्परिक संचालन क्षमता, प्रशिक्षण और क्षेत्रीय प्रतिरोध की चर्चा की गई।

मुख्य बातें

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी को सुदृढ़ किया गया।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग पर जोर दिया गया।
एमक्यू-9बी स्काई गार्डियन विमान की खरीद पर चर्चा हुई।
पारस्परिक संचालन क्षमता को बढ़ाने के उपायों पर बात हुई।
दोनों वायुसेनाओं के बीच संयुक्त क्षमताओं को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

वॉशिंगटन, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और भारत ने अपनी रणनीतिक रक्षा साझेदारी को फिर से सुदृढ़ किया है। यह उच्च-स्तरीय वार्ता उनके वायुसेना प्रमुखों के बीच हुई, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पारस्परिक संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी), प्रशिक्षण और क्षेत्रीय प्रतिरोध (डिटरेंस) पर ध्यान केंद्रित किया गया।

अमेरिकी वायुसेना के प्रमुख जनरल केनेथ विल्सबैक ने 8 अप्रैल को भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह की आधिकारिक यात्रा की मेज़बानी की।

संयुक्त बेस एनाकोस्टिया-बोलिंग में सिंह का भव्य स्वागत किया गया और इसके बाद उन्होंने पेंटागन में वायुसेना सचिव ट्रॉय मिंक और विल्सबैक के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।

चर्चाओं के दौरान, अमेरिकी वायुसेना के वरिष्ठ नेताओं ने भारत के साथ अपने रक्षा साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया और इसे “एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र” सुनिश्चित करने का केंद्रीय तत्व बताया।

विल्सबैक ने समान विचारधारा वाले साझेदारों के साथ बहुपक्षीय अभ्यासों में भारत की भागीदारी की सराहना की और कहा कि इस प्रकार का सहयोग क्षेत्रीय प्रतिरोध को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की इस महत्वपूर्ण यात्रा की मेज़बानी करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। पेंटागन में उनके पूरे दिन के दौरान, हमने आधुनिकीकरण प्रयासों, भविष्य के प्रशिक्षण अवसरों और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध इंडो-पैसिफिक के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता पर सार्थक चर्चा की।”

बैठकों में भारत द्वारा एमक्यू-9बी स्काई गार्डियन विमान की खरीद पर भी चर्चा की गई, जिसमें अमेरिकी वायुसेना ने यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई कि भारतीय सशस्त्र बल इस प्लेटफ़ॉर्म का सफलतापूर्वक उपयोग कर सकें।

विल्सबैक ने भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण प्रयासों को समर्थन देने के लिए अमेरिकी वायुसेना की तत्परता को उजागर किया और गहरे रक्षा औद्योगिक सहयोग के पारस्परिक लाभों की ओर इशारा किया।

पेंटागन की बैठकों के बाद स्टाफ-स्तरीय वार्ताएं हुईं, जिनमें कई परिचालन क्षेत्रों पर चर्चा की गई, जैसे नेशनल गार्ड ब्यूरो का स्टेट पार्टनरशिप प्रोग्राम, एयर नेशनल गार्ड का एडवांस्ड एयरलिफ्ट टैक्टिक्स ट्रेनिंग सेंटर और एमक्यू-9 के पूर्ण-स्पेक्ट्रम संचालन।

एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि इस प्रकार की सहभागिताएं दोनों वायुसेनाओं के बीच संयुक्त क्षमताओं को विकसित करने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा, “ऐसे अवसर हमारी संयुक्त इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाने और हमारी वायुसेनाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।”

एयर चीफ मार्शल सिंह ने कोलोराडो के पीटरसन स्पेस फोर्स बेस का दौरा किया, जहां उन्हें नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड के मिशन के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें उत्तरी अमेरिका के लिए एयरोस्पेस और समुद्री चेतावनी शामिल है।

उन्होंने नेवादा के नेलिस एयर फोर्स बेस का भी दौरा किया, जहां उन्होंने अमेरिकी वायुसेना वारफेयर सेंटर में ब्रीफिंग में भाग लिया और एफ-15ईएक्स ईगल II में एक परिचयात्मक उड़ान भरी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका उद्देश्य विश्व में स्थिरता और शांति सुनिश्चित करना है। दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों के बीच हुई चर्चा, पारस्परिक संचालन क्षमता और प्रशिक्षण पर केंद्रित थी, जो भविष्य में मजबूत रणनीतिक साझेदारी का आधार बनेगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और अमेरिका की वायुसेना प्रमुखों के बीच वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पारस्परिक संचालन क्षमता, प्रशिक्षण और क्षेत्रीय प्रतिरोध को बढ़ावा देना था।
अमेरिकी वायुसेना के प्रमुख कौन हैं?
अमेरिकी वायुसेना के प्रमुख जनरल केनेथ विल्सबैक हैं।
भारत द्वारा कौन सा विमान खरीदा जा रहा है?
भारत द्वारा एमक्यू-9बी स्काई गार्डियन विमान की खरीद पर चर्चा की गई है।
इस वार्ता में किस प्रकार के सहयोग पर जोर दिया गया?
इस वार्ता में बहुपक्षीय अभ्यासों और गहरे रक्षा औद्योगिक सहयोग पर जोर दिया गया।
क्या वार्ता में भारत के आधुनिकीकरण प्रयासों का समर्थन किया गया?
हाँ, अमेरिकी वायुसेना ने भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण प्रयासों का समर्थन करने की अपनी तत्परता को रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले