10 अगस्त 2026
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तमिलनाडु चुनाव: पलानीस्वामी ने डीएमके को घेरा, कावेरी पर एआईएडीएमके का पक्ष लिया

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तमिलनाडु चुनाव: पलानीस्वामी ने डीएमके को घेरा, कावेरी पर एआईएडीएमके का पक्ष लिया

सारांश

तमिलनाडु के तंजावुर में एआईएडीएमके के महासचिव पलानीस्वामी ने चुनावी रैली में डीएमके पर तीखा हमला किया। उन्होंने कावेरी मुद्दे पर अपनी पार्टी के कार्यों का बचाव करते हुए किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

कावेरी जल विवाद पर एआईएडीएमके का सकारात्मक दृष्टिकोण।
डीएमके की नीतियों पर सवाल उठाना।
तंजावुर की कृषि भूमि का महत्व।

तंजावुर, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने शनिवार को तमिलनाडु के तंजावुर में एक चुनावी रैली में डीएमके पर करारा हमला किया। पलानीस्वामी ने कावेरी मुद्दे पर अपनी पार्टी की उपलब्धियों को उजागर करते हुए सत्ताधारी दल पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पलानीस्वामी ने तंजावुर को 'सोने की भूमि' बताया और इसके कृषि महत्व को उजागर किया।

उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके सरकार ने कावेरी जल विवाद में ऐतिहासिक और अनुकूल निर्णय प्राप्त किया है, और यह भी बताया कि पार्टी ने तमिलनाडु के अधिकारों के लिए संसद में 37 दिनों तक कार्यवाही बाधित की थी।

पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता को तंजावुर स्मार्ट सिटी परियोजना की शुरुआत का श्रेय देते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि एआईएडीएमके सरकारों ने इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और विकास को निरंतर प्राथमिकता दी है।

डीएमके की गठबंधन राजनीति पर निशाना साधते हुए पलानीस्वामी ने केंद्र में डीएमके की भाजपा के साथ संबंधों पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि यदि डीएमके भाजपा के साथ गठबंधन करती है, तो क्या भाजपा सांप्रदायिक पार्टी नहीं बन जाती? लेकिन जब हम गठबंधन करते हैं, तो वे सवाल उठाते हैं। हमारा गठबंधन स्वाभाविक और सुशासन पर आधारित है।

पलानीस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि लगभग 15 वर्षों तक केंद्र सरकार का हिस्सा रहने के बावजूद, डीएमके ने तंजावुर में सार्थक विकास परियोजनाएं लाने में असफल रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर आरोप लगाया कि उन्होंने डेल्टा क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन परियोजनाओं से संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे किसानों की आजीविका को खतरा हो गया है।

पलानीस्वामी ने कहा कि एआईएडीएमके सरकार ने कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जबकि डीएमके ने केंद्र में सत्ता में रहते हुए भी कावेरी जल प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पलानीस्वामी ने डीएमके पर किस मुद्दे को लेकर हमला किया?
पलानीस्वामी ने कावेरी जल विवाद और किसानों के हितों की अनदेखी को लेकर डीएमके पर हमला किया।
क्या पलानीस्वामी ने डीएमके के गठबंधन पर सवाल उठाए?
हाँ, उन्होंने डीएमके के भाजपा के साथ गठबंधन पर सवाल उठाए और इसे सांप्रदायिकता से जोड़ा।
तंजावुर को पलानीस्वामी ने किस रूप में बताया?
पलानीस्वामी ने तंजावुर को 'सोने की भूमि' बताया और इसके कृषि महत्व को रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
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