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पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार को 'फेलियर मॉडल' कहा, रोजगार और बाढ़ पर उठाए सवाल

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पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार को 'फेलियर मॉडल' कहा, रोजगार और बाढ़ पर उठाए सवाल

सारांश

एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार पर हमला करते हुए इसे 'फेलियर मॉडल' करार दिया और लोगों से आगामी चुनावों में इसे हटाने की अपील की। उन्होंने रोजगार और बाढ़ की समस्याओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मुख्य बातें

डीएमके सरकार को 'फेलियर मॉडल' कहा गया।
रोजगार और बाढ़ की समस्याएं उठाई गईं।
पलानीस्वामी ने सुरक्षा को प्राथमिकता देने का वादा किया।
वोटरों से डीएमके के कार्यकाल का मूल्यांकन करने की अपील की गई।

चेन्नई, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने बुधवार को सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार पर तीखा हमला करते हुए इसे 'फेलियर मॉडल' की संज्ञा दी और आगामी विधानसभा चुनावों में मतदाताओं से इसे सत्ता से हटाने की अपील की।

एआईएडीएमके के महासचिव पलानीस्वामी ने वेलाचेरी में आयोजित एक जनसभा में एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले प्रशासन पर महत्वपूर्ण चुनावी वादे पूरे न कर पाने का आरोप लगाया, खासकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने और खाली सरकारी पदों को भरने में।

उन्होंने चेन्नई में विशेष रूप से वेलाचेरी जैसे निचले इलाकों में मानसून के दौरान बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्याओं पर भी सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि डीएमके ने जलभराव को रोकने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए हैं, जिससे भारी बारिश के समय लोग बार-बार कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

पलानीस्वामी ने कहा, "सत्ता में पांच साल रहने के बावजूद शहर में बाढ़ की समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकला है।"

पूर्व मुख्यमंत्री ने डीएमके को 'बुरी ताकत' बताते हुए राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि महिलाएं, बच्चे और आम जनता असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और मौजूदा सरकार के तहत लोग डर के साए में जी रहे हैं।

इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान सुरक्षा को सख्त बनाया और अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए।

पलानीस्वामी ने वोटरों से 2021 और 2026 के बीच डीएमके के कार्यकाल का ध्यान से मूल्यांकन करने की अपील की, और सवाल उठाया कि क्या सरकार ने किसी ठोस लाभ प्रदान किया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चेन्नई, एक बड़ा शहरी केंद्र होने के बावजूद, वर्तमान प्रशासन के तहत कोई विशेष नया इन्फ्रास्ट्रक्चर या विकास परियोजना नहीं देख पाया है।

पलानीस्वामी ने स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए कहा कि वेलाचेरी मानसून के मौसम में जलभराव के लिए विशेष रूप से कमजोर है, और सरकार पर लोगों की बार-बार की शिकायतों को अनसुना करने का आरोप लगाया।

उन्होंने यह वादा किया कि यदि एआईएडीएमके फिर से सत्ता में आती है, तो वह बाढ़ से सुरक्षा और शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार को प्राथमिकता देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पलानीस्वामी का यह बयान राजनीतिक संघर्ष को दर्शाता है। यह स्पष्ट है कि चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति बढ़ रही है। हालांकि, तथ्य और स्थिति का गहन विश्लेषण आवश्यक है ताकि सही निर्णय लिया जा सके।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार को 'फेलियर मॉडल' बताया और रोजगार, बाढ़ तथा कानून-व्यवस्था की समस्याओं पर गंभीर आरोप लगाए।
क्या पलानीस्वामी ने आगामी चुनावों के लिए कोई वादा किया?
उन्होंने वादा किया कि यदि एआईएडीएमके सत्ता में आती है, तो वह बाढ़ से सुरक्षा और शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार को प्राथमिकता देगी।
राष्ट्र प्रेस
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