इजरायली मंत्री का अल अक्सा मस्जिद परिसर दौरा: जॉर्डन ने उठाई आपत्ति
सारांश
Key Takeaways
- इजरायली मंत्री का अल अक्सा मस्जिद परिसर दौरा विवादास्पद रहा।
- जॉर्डन ने इस दौरे पर कड़ी आपत्ति जताई।
- यह स्थल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
- बेन ग्विर ने पहले भी इसी तरह के दौरे किए हैं।
- नेतन्याहू सरकार ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
तेल अवीव/यरुशलम, १२ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल के नेशनल सिक्योरिटी मंत्री इतामार बेन ग्विर ने रविवार को पूर्वी यरुशलम के पुराने शहर में स्थित अल अक्सा मस्जिद परिसर का दौरा किया। उनके दौरे के दौरान किए गए बयान ने विवाद को जन्म दिया है। इस पर जॉर्डन ने कड़ी आपत्ति जताई है।
बेन ग्विर के दौरे का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह परिसर में प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "यहाँ आकर ऐसा महसूस होता है जैसे मैं इस स्थान का मालिक हूँ।" इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि और बदलाव की आवश्यकता है और वे प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर इस मुद्दे को लेकर लगातार दबाव बना रहे हैं।
जॉर्डन ने इस दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने इसे मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ माना और इसे धार्मिक स्थल की पवित्रता को खतरे में डालने वाला और भड़काऊ कदम बताया।
यह वह पहाड़ी है जहां प्राचीन समय में दो यहूदी प्रार्थना स्थल थे, जबकि वर्तमान में यहाँ अल-अक्सा मस्जिद है, जो इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल है। यह स्थान इजरायली सुरक्षा बलों और फिलिस्तीनियों के बीच लगातार तनाव का केंद्र बना रहता है।
एक लंबे समय से बनी यथास्थिति के तहत, यहूदी इस परिसर में जा सकते हैं लेकिन वहां प्रार्थना नहीं कर सकते; इसका प्रबंधन जॉर्डन के वक्फ द्वारा किया जाता है। यह स्थान मध्य पूर्व के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है।
इस मामले पर फिलहाल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। बेन ग्विर ने पहले भी इसी तरह के विवादित दौरे किए हैं। पिछले दौरे और बयानों के बाद, नेतन्याहू को यह स्पष्ट करना पड़ा था कि यथास्थिति बनाए रखने की इजरायल की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।