यूके और ऑस्ट्रेलिया की ईरान-यूएस वार्ता विफलता पर निराशा, सीजफायर पर जोर

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यूके और ऑस्ट्रेलिया की ईरान-यूएस वार्ता विफलता पर निराशा, सीजफायर पर जोर

सारांश

ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता विफल होने पर निराशा व्यक्त की है। स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने इसके प्रभावों पर चिंता जताई है, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने सीजफायर को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है।

Key Takeaways

  • ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने वार्ता विफलता पर निराशा व्यक्त की।
  • सीजफायर को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
  • ईरान ने जासूसी के आरोप में 50 से अधिक गिरफ्तारियां की हैं।
  • वार्ता में असफलता के बावजूद निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है।
  • बातचीत के बिना शर्तें नहीं लगाई जानी चाहिए।

अबू धाबी, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई वार्ता के विफल होने पर गहरी निराशा व्यक्त की है। ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री ने भी सीजफायर को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

वेस स्ट्रीटिंग ने स्काई न्यूज को बताया, “यह वास्तव में निराशाजनक है कि हम अभी तक बातचीत में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं देख पाए हैं और ईरान में इस स्थायी संघर्ष का अंत नहीं हुआ है। जैसा कि राजनयिक प्रयासों में होता है, असफलता की स्थिति में भी प्रयास करते रहना आवश्यक है।”

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भी बातचीत में प्रगति के अभाव पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “अब प्राथमिकता सीजफायर को बनाए रखने और बातचीत की ओर लौटने पर होनी चाहिए। यह बहुत निराशाजनक है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हुई।”

ईरान के पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने कहा कि किसी भी बातचीत की सफलता के लिए बिना शर्तों के होना अनिवार्य है। उन्होंने अमेरिका के उपाध्यक्ष जेडी वेंस की टिप्पणी को दोहराया, जिसमें कहा गया था, “ईरान ने हमारी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है।”

जरीफ ने लिखा, “किसी भी बातचीत की सफलता के लिए ईरान के साथ बिना शर्त समझौता आवश्यक है। अमेरिका को यह सीखना चाहिए कि आप ईरान पर शर्तें नहीं थोप सकते।”

सरकारी समाचार एजेंसी एसएनएन के अनुसार, ईरान ने हालिया जासूसी आरोपों के तहत कम से कम 50 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि ये लोग अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर संवेदनशील स्थानों की जानकारी साझा कर रहे थे। अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स, सैटेलाइट उपकरण और हथियार भी जब्त किए हैं।

ईरान ने हाल के संघर्षों के दौरान जासूसी के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। पिछले वर्ष अमेरिका और इजरायल के साथ 12 दिन की लड़ाई के बाद भी कई गिरफ्तारियां हुई थीं।

Point of View

बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी एक गंभीर संकेत है। दोनों देशों के बीच संवाद का अभाव और निरंतर संघर्ष की संभावना चिंता का विषय है। एक स्थायी समाधान के लिए बातचीत और सहयोग की आवश्यकता है।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

यूके और ऑस्ट्रेलिया ने ईरान-यूएस वार्ता पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने वार्ता के विफल होने पर निराशा व्यक्त की और सीजफायर को प्राथमिकता देने की बात कही।
वेस स्ट्रीटिंग ने क्या कहा?
वेस स्ट्रीटिंग ने इस बातचीत के विफल होने को निराशाजनक बताया और निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ईरान ने हाल ही में कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
ईरान ने जासूसी के आरोप में कम से कम 50 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
पेनी वोंग ने सीजफायर पर क्या कहा?
पेनी वोंग ने सीजफायर को बनाए रखने और बातचीत पर वापस लौटने की प्राथमिकता की आवश्यकता बताई।
जवाद जरीफ ने बातचीत की शर्तों पर क्या कहा?
जवाद जरीफ ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सफल नहीं हो सकती जब तक कि कोई शर्तें न लगाई जाएं।
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