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हुंडई ब्लूलिंक: 2030 तक 20 लाख कनेक्टेड कारों की बिक्री का लक्ष्य, भारतीय सड़कों पर पहले से 8 लाख से अधिक

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हुंडई ब्लूलिंक: 2030 तक 20 लाख कनेक्टेड कारों की बिक्री का लक्ष्य, भारतीय सड़कों पर पहले से 8 लाख से अधिक

सारांश

हुंडई मोटर इंडिया ने 2030 तक 20 लाख कनेक्टेड कारें बेचने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है — जबकि भारतीय सड़कों पर पहले से 8 लाख से अधिक ब्लूलिंक-सक्षम वाहन दौड़ रहे हैं। यह घोषणा कनेक्टिविटी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को एकजुट करने की HMIL की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

हुंडई मोटर इंडिया (HMIL) ने 2030 तक 20 लाख कनेक्टेड कारों की बिक्री का लक्ष्य घोषित किया।
मध्यवर्ती लक्ष्य: 2027 तक 10 लाख कनेक्टेड कारें; भारतीय सड़कों पर अभी 8 लाख से अधिक सक्रिय।
हुंडई ब्लूलिंक प्लेटफॉर्म 70+ फीचर और 5 भाषाओं में 450+ एआई वॉइस कमांड सपोर्ट करता है।
ब्लूलिंक ने 5 लाख से अधिक वाहन मालिकों की SOS/रोडसाइड सहायता और 15,000 क्रैश नोटिफिकेशन में मदद की।
आगामी मास-मार्केट इलेक्ट्रिक SUV के सभी वैरिएंट में नेक्स्ट-जेनरेशन कनेक्टेड टेक्नोलॉजी स्टैंडर्ड होगी।
ब्लूलिंक की शुरुआत 2019 में हुई थी; 2025 में कंट्रोलर OTA अपडेट के साथ नेविगेशन कॉकपिट लॉन्च।

हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) ने 10 अगस्त 2026 को घोषणा की कि कंपनी 2030 तक 20 लाख कनेक्टेड कारों की बिक्री का लक्ष्य हासिल करना चाहती है। फिलहाल भारतीय सड़कों पर HMIL की 8 लाख से अधिक कनेक्टेड कारें पहले से सक्रिय हैं, और कंपनी 2027 तक 10 लाख का मध्यवर्ती लक्ष्य भी निर्धारित कर चुकी है। यह घोषणा भारत में कनेक्टेड और इलेक्ट्रिक वाहन बाज़ार में हुंडई की महत्वाकांक्षी विस्तार रणनीति को रेखांकित करती है।

ब्लूलिंक प्लेटफॉर्म की ताकत

HMIL के एआई-संचालित कनेक्टेड कार प्लेटफॉर्म 'हुंडई ब्लूलिंक' को ग्राहकों से मिल रहे व्यापक प्रतिसाद को कंपनी अपने लक्ष्य की बुनियाद मान रही है। ब्लूलिंक सुरक्षा और सुविधा से जुड़े 70 से अधिक फीचर प्रदान करता है — जिनमें रिमोट व्हीकल मॉनिटरिंग, व्हीकल हेल्थ डायग्नोस्टिक्स, लोकेशन ट्रैकिंग, ट्रिप हिस्ट्री, रिमोट कमांड, हुंडई पे के ज़रिए इन-कार पेमेंट, डिजिटल की, डिजिटल पासपोर्ट, रिमोट इमोबिलाइज़र और होम-टू-कार कनेक्टिविटी शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, ब्लूलिंक पाँच भाषाओं में 450 से अधिक एआई-संचालित वॉइस कमांड को सपोर्ट करता है, जो इसे भारतीय बाज़ार की भाषाई विविधता के अनुकूल बनाता है।

तकनीकी विकास का सफर

ब्लूलिंक को सबसे पहले 2019 में हुंडई वेन्यू के साथ लॉन्च किया गया था। 2020 में ओवर-द-एयर मैप अपडेट की सुविधा जोड़ी गई, और 2022 में नेक्स्ट-जेनरेशन AVNT कनेक्टेड टेक्नोलॉजी पेश की गई। 2025 में कंपनी ने कंट्रोलर OTA अपडेट क्षमता के साथ कनेक्टेड कार नेविगेशन कॉकपिट लॉन्च किया — जिसे भारत के लिए HMIL के सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल (SDV) रोडमैप में एक निर्णायक पड़ाव माना जा रहा है।

गौरतलब है कि ब्लूलिंक ने SOS और रोडसाइड असिस्टेंस सेवाओं के ज़रिए 5 लाख से अधिक वाहन मालिकों की सहायता की है। इसने लगभग 15,000 क्रैश नोटिफिकेशन मामलों में काम किया है और वाहन चोरी की स्थिति में कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को ट्रैकिंग व रिकवरी में मदद पहुँचाई है।

इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ाव

HMIL ने स्पष्ट किया है कि उसकी आगामी मास-मार्केट इलेक्ट्रिक SUV के सभी वैरिएंट में नेक्स्ट-जेनरेशन कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी स्टैंडर्ड के रूप में शामिल होगी। यह कदम कनेक्टिविटी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को एकीकृत करने की कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।

कंपनी प्रमुख की राय

HMIL के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुण गर्ग ने कहा, 'यह कनेक्टेड और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के तालमेल को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम है, साथ ही यह ग्राहकों को भविष्य के लिए तैयार ओनरशिप अनुभव भी देता है।' गर्ग ने यह भी कहा कि 'कनेक्टेड गाड़ियों को तेज़ी से अपनाना ग्राहकों की बदलती उम्मीदों और मोबिलिटी को आकार देने में टेक्नोलॉजी की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।'

यह ऐसे समय में आया है जब भारत का ऑटोमोटिव बाज़ार तेज़ी से डिजिटल और इलेक्ट्रिक परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है, और कनेक्टेड फीचर खरीदारों के निर्णय में निर्णायक भूमिका निभाने लगे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ब्लूलिंक की पहुँच को प्रीमियम सेगमेंट से आगे मास-मार्केट तक ले जाने में होगी — जहाँ कनेक्टिविटी फीचर अभी भी खरीदारों की प्राथमिकता सूची में नीचे हैं। आगामी इलेक्ट्रिक SUV में स्टैंडर्ड कनेक्टेड टेक्नोलॉजी देना सही दिशा में कदम है, पर भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी की असमानता और डेटा गोपनीयता संबंधी चिंताएँ दीर्घकालिक अपनाने की राह में बाधा बन सकती हैं। मारुति सुज़ुकी और टाटा मोटर्स भी इसी मैदान में तेज़ी से कदम बढ़ा रहे हैं, इसलिए हुंडई को सिर्फ फीचर की संख्या नहीं, उपयोगकर्ता अनुभव की गहराई से अपनी बढ़त साबित करनी होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुंडई मोटर इंडिया का 2030 तक कनेक्टेड कार लक्ष्य क्या है?
HMIL ने 2030 तक भारत में 20 लाख कनेक्टेड कारें बेचने का लक्ष्य रखा है, जबकि 2027 तक 10 लाख का मध्यवर्ती लक्ष्य भी निर्धारित है। फिलहाल भारतीय सड़कों पर कंपनी की 8 लाख से अधिक कनेक्टेड कारें पहले से सक्रिय हैं।
हुंडई ब्लूलिंक क्या है और इसमें कौन-कौन से फीचर हैं?
हुंडई ब्लूलिंक HMIL का एआई-संचालित कनेक्टेड कार प्लेटफॉर्म है, जो 70 से अधिक सुरक्षा और सुविधा फीचर प्रदान करता है। इनमें रिमोट व्हीकल मॉनिटरिंग, लोकेशन ट्रैकिंग, इन-कार पेमेंट, डिजिटल की, रिमोट इमोबिलाइज़र और होम-टू-कार कनेक्टिविटी शामिल हैं। यह पाँच भाषाओं में 450 से अधिक एआई वॉइस कमांड भी सपोर्ट करता है।
हुंडई ब्लूलिंक कब लॉन्च हुआ था?
ब्लूलिंक को 2019 में हुंडई वेन्यू के साथ पहली बार लॉन्च किया गया था। 2020 में ओवर-द-एयर मैप अपडेट जोड़े गए, 2022 में नेक्स्ट-जेनरेशन AVNT टेक्नोलॉजी आई, और 2025 में कंट्रोलर OTA अपडेट के साथ कनेक्टेड नेविगेशन कॉकपिट लॉन्च किया गया।
हुंडई की आगामी इलेक्ट्रिक SUV में कनेक्टेड टेक्नोलॉजी कैसे मिलेगी?
HMIL ने घोषणा की है कि उसकी आने वाली मास-मार्केट इलेक्ट्रिक SUV के सभी वैरिएंट में नेक्स्ट-जेनरेशन कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी स्टैंडर्ड के रूप में शामिल होगी, यानी अलग से कोई अतिरिक्त पैकेज नहीं लेना होगा।
ब्लूलिंक ने सुरक्षा के क्षेत्र में क्या उपलब्धियाँ हासिल की हैं?
ब्लूलिंक ने SOS और रोडसाइड असिस्टेंस सेवाओं के ज़रिए 5 लाख से अधिक वाहन मालिकों की मदद की है। इसने लगभग 15,000 क्रैश नोटिफिकेशन मामलों में सहायता प्रदान की है और वाहन चोरी की घटनाओं में कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को ट्रैकिंग व रिकवरी में सहयोग दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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