हुंडई और महिंद्रा की मई बिक्री: HMIL 47,837 यूनिट, M&M की कुल बिक्री 99,636 यूनिट; SUV मांग रही मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने मई 2026 में घरेलू बाज़ार में मज़बूत मांग के बल पर उल्लेखनीय बिक्री वृद्धि दर्ज की। 1 जून को जारी आंकड़ों के अनुसार, HMIL की घरेलू बिक्री सालाना आधार पर 9.1 प्रतिशत बढ़ी, जबकि M&M की कुल बिक्री में 20 प्रतिशत की छलांग लगी। यूटिलिटी व्हीकल और SUV सेगमेंट की अगुवाई में यह वृद्धि आपूर्ति शृंखला की चुनौतियों के बावजूद हासिल की गई।
हुंडई का प्रदर्शन
HMIL ने मई में घरेलू बाज़ार में 47,837 वाहन बेचे, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.1 प्रतिशत अधिक है। निर्यात मोर्चे पर कंपनी ने 13,300 यूनिट भेजे, जिससे कुल बिक्री 61,137 यूनिट रही — सालाना आधार पर 4.1 प्रतिशत की वृद्धि। हालांकि निर्यात में मामूली नरमी के चलते कुल वृद्धि दर घरेलू वृद्धि दर से कम रही।
महिंद्रा का प्रदर्शन
M&M ने मई में निर्यात सहित कुल 99,636 वाहन बेचे, जो सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। यूटिलिटी व्हीकल (UV) सेगमेंट में कंपनी ने घरेलू बाज़ार में 58,021 यूनिट बेचीं — सालाना 11 प्रतिशत अधिक। निर्यात सहित कुल UV बिक्री 59,573 यूनिट रही। कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में घरेलू बिक्री 24,079 यूनिट रही, जिसमें 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। निर्यात में सालाना 37 प्रतिशत की उछाल के साथ यह आंकड़ा 5,000 यूनिट तक पहुंचा।
आपूर्ति शृंखला की चुनौतियाँ
M&M के ऑटोमोटिव डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नलिनीकांत गोल्लागुंटा ने कहा कि कंपनी के पूरे पोर्टफोलियो में मांग लगातार मज़बूत बनी हुई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ सप्लायरों के यहां श्रमिकों की कमी के कारण आपूर्ति शृंखला से जुड़ी चुनौतियाँ अभी भी बाधा बनी हुई हैं। गौरतलब है कि यह समस्या केवल M&M तक सीमित नहीं है — पूरे ऑटो सेक्टर में सेमी-स्किल्ड श्रमिकों की कमी एक बड़ी बाधा बनकर उभरी है।
शेयर बाज़ार पर असर
मज़बूत बिक्री आंकड़ों के बावजूद दोनों कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शुरुआती कारोबार में HMIL के शेयर 1.48 प्रतिशत गिरकर ₹1,900.60 के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गए। कंपनी का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹2,890 और न्यूनतम स्तर ₹1,658 रहा है। इसी तरह M&M के शेयर NSE पर 1.9 प्रतिशत गिरकर ₹2,982.50 के इंट्राडे निम्न स्तर पर पहुंचे; कंपनी का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹3,839.90 और न्यूनतम ₹2,896.00 है। विश्लेषकों के अनुसार, यह 'बाय ऑन रूमर, सेल ऑन न्यूज़' की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
आगे की संभावनाएँ
आंकड़े बताते हैं कि भारत का ऑटोमोबाइल बाज़ार, विशेष रूप से SUV और UV सेगमेंट, मज़बूत उपभोक्ता मांग पर टिका है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद भारत का मध्यवर्गीय उपभोक्ता प्रीमियम वाहनों की ओर रुझान दिखा रहा है। आपूर्ति शृंखला की बाधाएं यदि दूर होती हैं, तो आगामी महीनों में वृद्धि और तेज़ हो सकती है।