अगस्त 2026 में भारतीय ऑटो सेक्टर की मजबूत बिक्री: हुंडई 8.8%, टाटा मोटर्स 49% आगे
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली — देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों ने 1 सितंबर 2026 को अगस्त 2026 के बिक्री आंकड़े जारी किए, जिनमें यात्री वाहनों के साथ-साथ कमर्शियल वाहन (CV) सेगमेंट ने भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और माल ढुलाई की बढ़ती मांग को इस ग्रोथ का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
हुंडई मोटर इंडिया: घरेलू बिक्री में 23.6% की छलांग
हुंडई मोटर इंडिया ने अगस्त में कुल 65,796 यूनिट्स की बिक्री की, जो सालाना आधार पर 8.8 प्रतिशत की वृद्धि है। इसमें घरेलू बिक्री 54,396 यूनिट्स रही — पिछले साल की तुलना में 23.6 प्रतिशत की मजबूत बढ़त। निर्यात करीब 11,400 यूनिट्स रहा।
कंपनी के एमडी और सीईओ तरुण गर्ग ने कहा, 'हम वित्त वर्ष 2027 में भी मजबूत ग्रोथ बनाए हुए हैं। अप्रैल-अगस्त की अवधि में घरेलू बिक्री में सालाना आधार पर 12.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।' उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष और भू-राजनीतिक माहौल से जुड़ी लॉजिस्टिक्स संबंधी दिक्कतों का असर निर्यात पर पड़ा, लेकिन हालात सुधरने पर आगामी महीनों में निर्यात में सुधार की उम्मीद है।
टाटा मोटर्स: कुल बिक्री में 49% की उछाल
टाटा मोटर्स ने अगस्त में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मिलाकर कुल 44,411 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल की तुलना में 49 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के अनुसार घरेलू मीडियम, हेवी और इंटरमीडिएट कमर्शियल वाहन (MHICV) की बिक्री 17,531 यूनिट्स रही, जो पिछले साल से 31 प्रतिशत ज्यादा है। MHICV की कुल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बिक्री 18,920 यूनिट्स रही, जो 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा: ट्रक-बस सेगमेंट में 47% ग्रोथ
महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने बताया कि ट्रकों और बसों के कारोबार (3.5 टन से अधिक वजन वाले कमर्शियल वाहन) में निर्यात समेत कुल बिक्री 2,495 वाहन रही, जो पिछले साल की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक है।
एसएमएल महिंद्रा के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और महिंद्रा के ट्रकों, बसों व सीई कारोबार के प्रेसिडेंट विनोद सहाय ने कहा कि इस सेगमेंट को इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते सरकारी खर्च, माल ढुलाई की मांग और पुराने वाहनों की अदला-बदली की जरूरत से लगातार मदद मिल रही है।
आम जनता और उद्योग पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता मांग स्थिर बनी हुई है और सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का असर कमर्शियल वाहन सेगमेंट पर साफ दिख रहा है। गौरतलब है कि CV सेगमेंट की ग्रोथ को आर्थिक गतिविधि का एक विश्वसनीय संकेतक माना जाता है।
आगे क्या
भू-राजनीतिक हालात सामान्य होने पर निर्यात में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ सितंबर-अक्टूबर में यात्री वाहनों की बिक्री में और तेजी आने के संकेत हैं।