हुंडई मोटर इंडिया का बड़ा ऐलान: चेन्नई प्लांट से 2025 में पहली मास-मार्केट ईवी समेत दो नए मॉडल लॉन्च
सारांश
मुख्य बातें
हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) ने 4 जून 2025 को घोषणा की कि वह इस वर्ष अपने चेन्नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से दो नए वाहन मॉडल बाज़ार में उतारेगी — जिनमें कंपनी की पहली विशेष रूप से मास-मार्केट के लिए तैयार की गई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) भी शामिल है। यह कदम भारत में ईवी अपनाने की रफ़्तार बढ़ाने और स्थानीयकरण को सुदृढ़ करने की कंपनी की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
योजना में क्या शामिल है
कंपनी के अनुसार, अगले दो से तीन वर्षों में तमिलनाडु को भारत के प्रमुख ईवी विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में निवेश, प्रमुख घटकों का स्थानीयकरण और प्रमुख शहरों तथा राजमार्गों पर चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाएगा।
किफायती ईवी को प्रोत्साहन देने के लिए प्रमुख शहरी और ट्रांजिट कॉरिडोर में उच्च क्षमता वाले चार्जर्स का एक रणनीतिक नेटवर्क भी स्थापित किया जाएगा।
तमिलनाडु में विनिर्माण की मज़बूत नींव
HMIL ने बताया कि उसने तमिलनाडु में निर्मित 39 लाख से अधिक वाहन दुनिया के 150 से अधिक देशों को निर्यात किए हैं, जो वैश्विक विनिर्माण नेटवर्क में राज्य की अहमियत को रेखांकित करता है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने ईवी पावरट्रेन के लिए तमिलनाडु का पहला बैटरी सब-असेंबली प्लांट भी स्थापित किया है और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अन्य महत्वपूर्ण घटकों का स्थानीयकरण सक्रिय रूप से किया जा रहा है।
प्रबंधन की प्रतिक्रिया
हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ तरुण गर्ग ने कहा कि चेन्नई संयंत्र से इस वर्ष के भीतर दो नए मॉडल लॉन्च किए जाएंगे, जिनमें पहली मास-मार्केट ईवी प्रमुख है। उन्होंने इसे भारत में एक मज़बूत ईवी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
गर्ग ने यह भी स्पष्ट किया कि ईवी निर्माण के स्थानीयकरण के साथ-साथ कंपनी भविष्य की गतिशीलता तकनीकों के लिए कुशल कार्यबल विकसित करने पर भी ध्यान दे रही है।
आगे क्या होगा
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारतीय ईवी बाज़ार में घरेलू और वैश्विक दोनों कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है। HMIL की मास-मार्केट ईवी की कीमत और विशिष्टताएं अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं, लेकिन चेन्नई से उत्पादन और स्थानीयकरण पर ज़ोर कंपनी को प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण में मदद कर सकता है। आने वाले महीनों में इस मॉडल के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।