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रूसी उप विदेश मंत्री गलुजिन: मूल कारण खत्म किए बिना यूक्रेन संघर्ष का समाधान नहीं

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रूसी उप विदेश मंत्री गलुजिन: मूल कारण खत्म किए बिना यूक्रेन संघर्ष का समाधान नहीं

सारांश

रूस ने यूक्रेन संघर्ष को अस्थायी रूप से 'फ्रीज' करने का विकल्प सिरे से खारिज कर दिया है। उप विदेश मंत्री गलुजिन ने पुतिन के रुख को दोहराते हुए कहा कि मूल कारण खत्म किए बिना कोई समझौता नहीं होगा — और CPC पाइपलाइन पर ड्रोन हमलों को 'आतंकवाद' करार देकर पश्चिम को सीधी चेतावनी दी।

मुख्य बातें

रूसी उप विदेश मंत्री मिखाइल गलुजिन ने 10 अगस्त को कहा कि यूक्रेन संघर्ष को अस्थायी रूप से फ्रीज करना संभव नहीं।
राष्ट्रपति पुतिन के हवाले से स्पष्ट किया — 'मूल कारण खत्म किए बिना कोई फ्रीज नहीं।' यूक्रेनी बलों पर जुलाई-अगस्त में कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम (CPC) की सुविधाओं पर ड्रोन हमलों का आरोप।
गलुजिन ने ज़ेलेंस्की को 'हकीकत से कटा हुआ' बताया; कहा — पश्चिमी साझेदारों में भी नाराज़गी बढ़ रही है।
रूस ने कज़ाखस्तान को संकेत दिया कि CPC हमलों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया अपेक्षित है।

रूस के उप विदेश मंत्री मिखाइल गलुजिन ने स्पष्ट किया है कि यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष को अस्थायी रूप से 'फ्रीज' करने का कोई विकल्प नहीं है। 10 अगस्त को एक साक्षात्कार में गलुजिन ने कहा कि इस संकट का स्थायी समाधान तभी निकलेगा जब इसकी जड़ में मौजूद कारणों को पूरी तरह समाप्त किया जाए।

रूस का स्पष्ट रुख

गलुजिन ने कहा, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कई बार यह दोहरा चुके हैं कि 'संकट के मूल कारणों को खत्म किए बिना किसी तरह का फ्रीज संभव नहीं है।' उनके अनुसार, रूस का यह रुख अटल है और युद्धविराम की किसी भी अस्थायी व्यवस्था को मास्को स्वीकार नहीं करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देशों की ओर से संघर्ष विराम की संभावनाओं पर कूटनीतिक चर्चाएँ तेज हो रही हैं।

ज़ेलेंस्की पर सीधा हमला

उप विदेश मंत्री ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे 'पूरी तरह हकीकत से कट चुके हैं' और संघर्ष को और बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। गलुजिन के अनुसार, ज़ेलेंस्की के कदमों से उन देशों में भी नाराज़गी पैदा हो रही है जिन्हें कीव अपना साझेदार मानता है — यह संकेत है कि पश्चिमी गठबंधन के भीतर दरारें और गहरी होती जा रही हैं।

कैस्पियन पाइपलाइन पर हमलों का मुद्दा

गलुजिन ने विशेष रूप से कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम (CPC) पर हुए हमलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जुलाई और अगस्त में यूक्रेनी बलों ने ड्रोन का इस्तेमाल करके CPC की संचालन सुविधाओं पर हमले किए। गलुजिन ने इन्हें 'दिखावटी आतंकवादी हमले' करार दिया और कहा कि यह पाइपलाइन मुख्य रूप से कज़ाखस्तान की अर्थव्यवस्था के हितों की सेवा करती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय — विशेष रूप से अमेरिका और यूरोपीय देशों — से उचित प्रतिक्रिया देने की अपील की, यह देखते हुए कि इन देशों की तेल और गैस कंपनियों की CPC में हिस्सेदारी है।

कज़ाखस्तान को रूस का संदेश

गलुजिन ने कहा कि रूस को विश्वास है कि उसके कज़ाख साझेदार आतंकवाद से हर रूप में लड़ने की ज़रूरत को भली-भाँति समझते हैं। उनके अनुसार, इस लक्ष्य को हासिल करने का सबसे कारगर तरीका यही है कि कीव शासन की कथित आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए और यूक्रेन संकट को उसकी जड़ से हल किया जाए, ताकि यूरेशिया में दीर्घकालिक शांति और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

आगे की राह

रूस ने स्पष्ट किया है कि उसका 'विशेष सैन्य अभियान' इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए जारी है। गलुजिन के शब्दों में — 'सुरक्षा या तो सबके लिए होती है या फिर किसी के लिए नहीं।' यह बयान दर्शाता है कि निकट भविष्य में किसी समझौते की संभावना को मास्को अपनी शर्तों पर ही देखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बहुपक्षीय दबाव के औज़ार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूस ने यूक्रेन संघर्ष को फ्रीज करने से क्यों इनकार किया?
रूस का कहना है कि संकट के मूल कारणों को समाप्त किए बिना कोई भी अस्थायी युद्धविराम टिकाऊ नहीं होगा। उप विदेश मंत्री गलुजिन ने राष्ट्रपति पुतिन के रुख का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि रूस केवल स्थायी और व्यापक समाधान को स्वीकार करेगा।
कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम (CPC) पर हमला क्या है?
रूसी दावों के अनुसार, जुलाई और अगस्त में यूक्रेनी बलों ने ड्रोन से CPC की परिचालन सुविधाओं पर हमले किए। यह पाइपलाइन मुख्य रूप से कज़ाखस्तान के तेल निर्यात के लिए उपयोग होती है और इसमें पश्चिमी तेल कंपनियों की भी हिस्सेदारी है।
गलुजिन ने ज़ेलेंस्की के बारे में क्या कहा?
गलुजिन ने कहा कि ज़ेलेंस्की 'पूरी तरह हकीकत से कट चुके हैं' और संघर्ष को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे उन देशों में भी नाराज़गी पैदा हो रही है जिन्हें कीव अपना साझेदार मानता है।
रूस के इस बयान का कज़ाखस्तान पर क्या असर हो सकता है?
गलुजिन ने कज़ाखस्तान को संकेत दिया कि CPC पर हमलों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रतिक्रिया देनी चाहिए। चूँकि यह पाइपलाइन कज़ाख अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, रूस का यह बयान अप्रत्यक्ष रूप से अस्ताना पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।
रूस यूक्रेन संघर्ष में 'मूल कारण' से क्या तात्पर्य है?
रूस के अनुसार, 'मूल कारणों' में यूक्रेन का नाटो की ओर झुकाव और पश्चिमी सैन्य मौजूदगी शामिल है, हालाँकि गलुजिन ने इस साक्षात्कार में इनकी विस्तृत सूची नहीं दी। रूस का 'विशेष सैन्य अभियान' इन्हीं कारणों को दूर करने के नाम पर जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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