17 सितंबर 2026
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यूक्रेन-दक्षिण कोरिया विदेश मंत्रियों की बातचीत, रूस-उत्तर कोरिया सैन्य गठजोड़ पर गहरी चिंता

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यूक्रेन-दक्षिण कोरिया विदेश मंत्रियों की बातचीत, रूस-उत्तर कोरिया सैन्य गठजोड़ पर गहरी चिंता

सारांश

यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने दक्षिण कोरिया के चो ह्यून को रूस के मिसाइल-ड्रोन हमलों और ब्लैक सी में बाधाओं की जानकारी दी। उनका संदेश साफ था — रूस-उत्तर कोरिया सैन्य गठजोड़ यूरोप और इंडो-पैसिफिक, दोनों की सुरक्षा के लिए खतरा है, इसलिए जवाबी रणनीति साझा और समन्वित होनी चाहिए।

मुख्य बातें

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने 17 सितंबर 2026 को दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून से टेलीफोन पर बातचीत की।
सिबिहा ने रूस के मिसाइल व ड्रोन हमलों और ब्लैक सी में नौवहन की स्वतंत्रता पर बढ़ते खतरे की जानकारी साझा की।
सिबिहा ने कहा कि रूस-उत्तर कोरिया सैन्य गठजोड़ यूरोप और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा को सीधे जोड़ता है।
दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को और मज़बूत बनाने पर विचार-विमर्श किया।
सिबिहा ने यूक्रेन को दी गई सहायता के लिए दक्षिण कोरिया का आभार जताया और अधिक व्यावहारिक सहयोग की उम्मीद जताई।

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने 17 सितंबर 2026 को दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून से टेलीफोन पर बातचीत की और रूस द्वारा यूक्रेन पर जारी मिसाइल व ड्रोन हमलों तथा ब्लैक सी में नौवहन की स्वतंत्रता को कमज़ोर किए जाने की विस्तृत जानकारी साझा की। सिबिहा ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए सार्वजनिक की।

बातचीत का मुख्य विषय

सिबिहा ने दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री को रूस की ओर से यूक्रेन के विरुद्ध जारी सैन्य कार्रवाइयों से अवगत कराया। इनमें लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले के साथ-साथ ब्लैक सी में समुद्री मार्गों को बाधित करने की रूसी कोशिशें प्रमुख रूप से शामिल रहीं। यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध के वैश्विक प्रभाव पर अंतरराष्ट्रीय चर्चा तेज़ हो रही है।

रूस-उत्तर कोरिया गठजोड़ पर चिंता

सिबिहा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रूस का यूक्रेन के खिलाफ युद्ध केवल यूरोप तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ता सैन्य सहयोग — जिसमें इस संघर्ष में उत्तर कोरिया की कथित प्रत्यक्ष भागीदारी भी शामिल है — यूरोप और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा को सीधे तौर पर परस्पर जोड़ता है। उन्होंने इस सहयोग को वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि जवाबी रणनीति पहले से कहीं अधिक समन्वित और व्यावहारिक होनी चाहिए।

दक्षिण कोरिया की भूमिका पर ज़ोर

सिबिहा ने इस वार्ता में दक्षिण कोरिया की भूमिका को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया वैश्विक सुरक्षा को सुदृढ़ करने, समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता की रक्षा करने और क्षेत्रीय तथा वैश्विक स्तर पर रूस एवं उत्तर कोरिया से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया पहले से ही यूक्रेन को मानवीय और अन्य सहायता प्रदान कर रहा है।

द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत बनाने पर सहमति

दोनों विदेश मंत्रियों के बीच इस बात पर भी विचार-विमर्श हुआ कि यूक्रेन और दक्षिण कोरिया साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अपने द्विपक्षीय सहयोग को और कितना गहरा कर सकते हैं। सिबिहा ने यूक्रेन को अब तक दी गई सहायता के लिए दक्षिण कोरिया का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि साझा सुरक्षा हितों को और ठोस व व्यावहारिक सहयोग में बदला जा सकेगा।

आगे की राह

यह वार्ता ऐसे वैश्विक संदर्भ में हुई है जहाँ रूस-उत्तर कोरिया सैन्य धुरी को लेकर पश्चिमी देशों और एशियाई लोकतंत्रों में बेचैनी बढ़ रही है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि दक्षिण कोरिया और यूक्रेन के बीच सुरक्षा सहयोग ठोस रूप लेता है, तो यह रूस-उत्तर कोरिया गठजोड़ के विरुद्ध एक व्यापक बहुपक्षीय प्रतिक्रिया की शुरुआत हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूक्रेन और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों ने किन मुद्दों पर बात की?
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून को रूस के मिसाइल-ड्रोन हमलों, ब्लैक सी में नौवहन पर बढ़ते खतरे और रूस-उत्तर कोरिया के सैन्य गठजोड़ से उत्पन्न वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों की जानकारी दी। दोनों ने द्विपक्षीय सहयोग मज़बूत करने पर भी चर्चा की।
रूस-उत्तर कोरिया सैन्य गठजोड़ इंडो-पैसिफिक के लिए खतरा क्यों है?
सिबिहा के अनुसार, उत्तर कोरिया की यूक्रेन युद्ध में कथित प्रत्यक्ष भागीदारी यह दर्शाती है कि यह संघर्ष अब यूरोप तक सीमित नहीं है। रूस-उत्तर कोरिया की बढ़ती सैन्य नज़दीकी से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी सुरक्षा संतुलन पर असर पड़ सकता है, जो दक्षिण कोरिया जैसे देशों के लिए सीधी चिंता का विषय है।
दक्षिण कोरिया यूक्रेन को अब तक क्या सहायता दे चुका है?
दक्षिण कोरिया यूक्रेन को मानवीय एवं अन्य प्रकार की सहायता प्रदान करता रहा है, जिसकी सिबिहा ने इस वार्ता में सराहना की। हालाँकि दक्षिण कोरिया ने अब तक प्रत्यक्ष सैन्य उपकरण आपूर्ति में सावधानी बरती है।
यूक्रेन इस वार्ता से क्या हासिल करना चाहता है?
यूक्रेन चाहता है कि दक्षिण कोरिया वैश्विक सुरक्षा, समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और रूस-उत्तर कोरिया की चुनौतियों के खिलाफ अधिक सक्रिय और व्यावहारिक भूमिका निभाए। सिबिहा ने साझा सुरक्षा हितों को ठोस सहयोग में बदलने की उम्मीद जताई।
सिबिहा ने यह जानकारी कहाँ साझा की?
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने इस वार्ता का विवरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से सार्वजनिक किया।
राष्ट्र प्रेस
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