निकोपोल में रूसी FPV ड्रोन हमले में 5 की मौत, यात्री बस को बनाया निशाना
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के निकोपोल जिले में बुधवार, 16 सितंबर की सुबह एक रूसी एफपीवी (फर्स्ट-पर्सन व्यू) ड्रोन ने एक यात्री बस को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम पाँच लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस हमले की जानकारी साझा करते हुए इसे रूस की सुनियोजित आक्रामकता का हिस्सा बताया।
मुख्य घटनाक्रम
सिबिहा ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'रूस का आतंक एक दिन के लिए भी नहीं रुकता। आज सुबह निकोपोल जिले में एक रूसी एफपीवी ड्रोन ने एक यात्री बस को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम पाँच लोगों की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए।' उन्होंने यह भी बताया कि उसी दिन रूस ने कीव-माइकोलाइव यात्री ट्रेन पर भी हमला किया, हालाँकि यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।
रूस की रणनीति पर यूक्रेन का आरोप
विदेश मंत्री सिबिहा ने कहा कि ये हमले एक ही सोच और रणनीति का हिस्सा हैं। उनके अनुसार, रूसी सेना जानबूझकर यात्री ट्रेनों, लोकोमोटिव, रेलवे स्टेशनों और रेल मार्गों को निशाना बना रही है — यह जानते हुए कि ये आम नागरिकों, निकासी अभियानों और यूक्रेन की अर्थव्यवस्था के लिए कितने अहम हैं। सिबिहा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह कोई गलती से हुआ नुकसान नहीं है। यह लोगों को निशाना बनाने और सामान्य नागरिक जीवन को ठप करने की एक सोची-समझी कोशिश है।'
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
सिबिहा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि रूस के हर हमले के जवाब में उस पर नया दबाव बनाया जाए। उन्होंने माँग की कि रूस की आय, तकनीक, उत्पादन क्षमता और सप्लाई चेन पर नए प्रतिबंध लगाए जाएँ। उनका कहना था, 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया कभी-कभार होने वाली नहीं हो सकती, जबकि रूस का आतंक हर दिन जारी है।'
यूक्रेन की सैन्य माँगें
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि यूक्रेन को अभी और हवाई रक्षा प्रणालियों तथा इंटरसेप्टर मिसाइलों की आवश्यकता है। साथ ही, उन्होंने रूस की युद्ध मशीन, उसके उत्पादन और वित्तीय संसाधनों को व्यवस्थित तरीके से कमज़ोर करने की ज़रूरत पर बल दिया। गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हैं।
क्या होगा आगे
यह हमला यूक्रेन में नागरिक बुनियादी ढाँचे पर बढ़ते रूसी हमलों की शृंखला में नवीनतम कड़ी है। सिबिहा के अनुसार, जब तक मॉस्को तनाव बढ़ाने का रास्ता चुनता रहेगा, तब तक उस पर दबाव भी हर दिन बढ़ाया जाना चाहिए। यूक्रेन के सहयोगी देशों की प्रतिक्रिया और संभावित नए प्रतिबंधों पर आने वाले दिनों में नज़र रहेगी।