रूस की एफएसबी ने 35 ड्रोन हमले की साजिश में आठ गिरफ्तार, मॉस्को रक्षा संयंत्र था निशाना
सारांश
मुख्य बातें
रूस की संघीय सुरक्षा सेवा एफएसबी ने मॉस्को क्षेत्र में स्थित एक रणनीतिक रक्षा संयंत्र पर कथित आतंकी हमले की साजिश के मामले में मुख्य आरोपी सहित आठ लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। एफएसबी के अनुसार, इस साजिश में 35 एफपीवी ड्रोन का इस्तेमाल कर रक्षा संयंत्र को उड़ाने की योजना थी, जिन्हें यूरोपीय देशों के रास्ते तस्करी कर रूस लाया गया था।
साजिश का खुलासा: क्या था पूरा मंसूबा
एफएसबी के अनुसार, 35 एफपीवी ड्रोन में शक्तिशाली विस्फोटक लगाए गए थे, जिन्हें स्लोवाकिया से पोलैंड और बेलारूस के रास्ते रूस में तस्करी किया गया था। एजेंसी का कथित दावा है कि इन विस्फोटकों की आपूर्ति में यूरोपीय संघ (ईयू) के रास्ते तस्करी नेटवर्क का सहारा लिया गया और कथित तौर पर यूरोपीय खुफिया सेवाओं की भी भूमिका बताई जा रही है।
योजना के तहत ड्रोन को एक किराए के हैंगर से उड़ाया जाना था। इस हैंगर की व्यवस्था दो मोल्दोवा नागरिकों ने की थी, जो बाद में रूस छोड़कर फरार हो गए। विस्फोटकों की खेप मुख्य हमलावर को सौंपी गई थी।
गिरफ्तारी और प्रतिरोध
एफएसबी ने बताया कि 'इस तोड़फोड़ की साजिश में शामिल मुख्य आरोपी और उसके सात सहयोगियों को आपराधिक जांच के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।' एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान एक सहयोगी ने हथियारों के साथ विरोध किया, जिसके बाद उसे निष्क्रिय कर दिया गया।
गौरतलब है कि एफएसबी ने जुलाई में ही इस साजिश को विफल करने का दावा किया था — अब उसी मामले में गिरफ्तारियों की पुष्टि की गई है।
यूक्रेन कनेक्शन और 'कीवस्टोनर' की भूमिका
एफएसबी का दावा है कि इस हमले की योजना बनाने और समन्वय में अल्बर्ट वासिलिएव की भूमिका थी, जो कथित तौर पर यूक्रेन और अमेरिका दोनों की नागरिकता रखते हैं। वासिलिएव 'कीवस्टोनर' नाम से जाने जाने वाले एक यूक्रेनी वीडियो ब्लॉगर और रैपर बताए गए हैं।
एफएसबी के अनुसार, यूक्रेन की विशेष सेवाओं (एसबीयू) की ओर से यह पूरी साजिश रची गई थी। हालांकि, यूक्रेन की तरफ से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
व्यापक संदर्भ: रूस-यूक्रेन संघर्ष में ड्रोन युद्ध
यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्षों द्वारा ड्रोन हमलों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। मॉस्को क्षेत्र में रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की यह कथित कोशिश, युद्ध के दायरे के रूस की धरती तक विस्तार की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है। एफएसबी के ये दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए जा सके हैं।
आगे क्या
आठों गिरफ्तार आरोपियों पर आपराधिक मामला दर्ज कर जांच जारी है। फरार मोल्दोवा नागरिकों की तलाश के बारे में एफएसबी ने अभी कोई जानकारी नहीं दी है। यह मामला रूस-यूक्रेन संघर्ष में तीसरे देशों के नागरिकों की कथित संलिप्तता के नए आयाम को सामने रखता है।