17 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कोयला मंत्रालय की यूपी को चेतावनी: कैप्टिव कोयला ब्लॉक विकसित करें, PLF सिर्फ 48% पर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोयला मंत्रालय की यूपी को चेतावनी: कैप्टिव कोयला ब्लॉक विकसित करें, PLF सिर्फ 48% पर

सारांश

कोयले का स्टॉक 8.41 लाख टन और CIL पूरी आपूर्ति कर रहा है — फिर भी UPRVUNL का PLF सिर्फ 48%। कोयला मंत्रालय ने साफ कहा: यूपी की बिजली समस्या कोयले की नहीं, संचालन की है। और 973 मिलियन टन भंडार वाला कैप्टिव ब्लॉक 10 साल से धूल खा रहा है।

मुख्य बातें

कोयला मंत्रालय ने 17 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश को सहारपुर जमरपानी कोयला ब्लॉक का तत्काल विकास करने की सलाह दी।
15 सितंबर 2026 तक UPRVUNL का कोई थर्मल पावर प्लांट 'क्रिटिकल-स्टॉक' श्रेणी में नहीं; कोयला स्टॉक 8.41 लाख टन पर।
973 मिलियन टन भंडार वाला सहारपुर जमरपानी ब्लॉक 2015 में आवंटित हुआ, लेकिन 10 वर्षों में कोई प्रगति नहीं।
UPRVUNL का प्लांट लोड फैक्टर (PLF) सितंबर में महज 48% — मंत्रालय ने कहा समस्या कोयले की नहीं, संचालन की है।
उसी अवधि में आवंटित 14 अन्य कैप्टिव कोयला ब्लॉक पहले से चालू और उत्पादनरत हैं।
अनलोडिंग की दिक्कतों के कारण रेलवे को समय-समय पर रैक लगाने पर रोक लगानी पड़ती है।

कोयला मंत्रालय ने 17 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि वह अपने थर्मल पावर प्लांटों की दीर्घकालिक ईंधन सुरक्षा के लिए कैप्टिव कोयला ब्लॉक के विकास में तत्काल तेज़ी लाए और बाहरी आपूर्ति पर निर्भरता घटाए। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि 15 सितंबर 2026 तक उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) का कोई भी थर्मल पावर प्लांट 'क्रिटिकल-स्टॉक' श्रेणी में नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, हाल की मीडिया रिपोर्टों में कोयला आपूर्ति बाधित होने के कारण उत्तर प्रदेश में बिजली संकट की बात कही गई थी। इन रिपोर्टों को खारिज करते हुए मंत्रालय ने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) राज्य की कोयला ज़रूरतें पूरी तरह से पूरी कर रहा है और स्टॉक की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है।

1 सितंबर 2026 को UPRVUNL के प्लांटों में कोयला स्टॉक 7.25 लाख टन (LT) था, जो 15 सितंबर तक बढ़कर 8.41 LT हो गया। पिछले सात दिनों में प्रतिदिन औसतन 0.90 LT कोयले की आपूर्ति हुई, जबकि खपत औसतन 0.83 LT प्रतिदिन रही — यानी स्टॉक लगातार बढ़ रहा है।

सहारपुर जमरपानी ब्लॉक: 10 वर्ष बाद भी खामोशी

मंत्रालय ने बताया कि झारखंड के दुमका जिले में स्थित सहारपुर जमरपानी कोयला ब्लॉक में 973 मिलियन टन से अधिक का भंडार है। इसे 2015 में 'कोयला खदान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015' के तहत UPRVUNL को आवंटित किया गया था। आवंटन के 10 वर्ष से अधिक बीत जाने के बाद भी राज्य की ओर से आवश्यक पहल न होने के कारण इस ब्लॉक को चालू करने में कोई प्रगति नहीं हुई है।

गौरतलब है कि सहारपुर जमरपानी के आवंटन की तिथि के आसपास या उसके बाद बिजली क्षेत्र में कैप्टिव उपयोग के लिए आवंटित 14 अन्य कोयला ब्लॉक पहले ही चालू हो चुके हैं और अपने संबंधित प्लांटों के लिए उत्पादन शुरू कर चुके हैं। यह स्थिति UPRVUNL की निष्क्रियता को और उजागर करती है।

PLF सिर्फ 48%: कोयले की कमी नहीं, संचालन में खामियाँ

मंत्रालय ने एक महत्त्वपूर्ण तथ्य की ओर ध्यान दिलाया — कोयले का स्टॉक 8 LT से अधिक होने के बावजूद UPRVUNL के थर्मल पावर प्लांटों का प्लांट लोड फैक्टर (PLF) इस महीने महज 48 प्रतिशत के आसपास है। इसका अर्थ है कि राज्य में कम बिजली उत्पादन की वजह कोयले की कमी नहीं, बल्कि संचालन संबंधी खामियाँ हैं।

मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य को अपने बिजली केंद्रों पर परिचालन संबंधी दिक्कतें दूर करनी होंगी और उपलब्ध कोयला स्टॉक का सही उपयोग सुनिश्चित करना होगा।

रेलवे रैक और अनलोडिंग की समस्या

मंत्रालय ने यह भी स्वीकार किया कि अलग-अलग प्लांटों पर अनलोडिंग की कठिनाइयों के कारण रेलवे को समय-समय पर रैक लगाने पर रोक लगानी पड़ती है, जिससे कोयले की आपूर्ति और बढ़ाने में बाधा आती है। यह तकनीकी अड़चन भी कोयला उपलब्धता की वास्तविक स्थिति को प्रभावित करती है।

क्या होगा आगे

केंद्रीय कोयला मंत्रालय की यह सलाह UPRVUNL पर सहारपुर जमरपानी ब्लॉक को जल्द से जल्द चालू करने का दबाव बनाती है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में गर्मी और औद्योगिक माँग के कारण बिजली की ज़रूरतें लगातार बढ़ रही हैं। अगर राज्य अपने कैप्टिव ब्लॉक को सक्रिय नहीं करता, तो CIL पर निर्भरता और परिचालन अक्षमता मिलकर भविष्य में वास्तविक बिजली संकट का कारण बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि उसी दौर में आवंटित 14 अन्य ब्लॉक चालू हो चुके हैं — यह UPRVUNL की संस्थागत विफलता का स्पष्ट प्रमाण है। असली सवाल यह है कि जब स्टॉक पर्याप्त है और CIL आपूर्ति कर रहा है, तो PLF 48% क्यों है — यानी राज्य की बिजली कमी का मूल कारण कोयला नहीं, बल्कि प्लांट संचालन की खामियाँ हैं, जिस पर राज्य सरकार को सीधे जवाब देना होगा।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोयला मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश को क्या सलाह दी है?
कोयला मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश को सलाह दी है कि वह अपने थर्मल पावर प्लांटों की दीर्घकालिक ईंधन सुरक्षा के लिए सहारपुर जमरपानी जैसे कैप्टिव कोयला ब्लॉक को जल्द से जल्द विकसित करे। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल CIL राज्य की कोयला ज़रूरतें पूरी कर रहा है और कोई प्लांट क्रिटिकल-स्टॉक श्रेणी में नहीं है।
सहारपुर जमरपानी कोयला ब्लॉक क्या है और यह क्यों महत्त्वपूर्ण है?
सहारपुर जमरपानी कोयला ब्लॉक झारखंड के दुमका जिले में स्थित है और इसमें 973 मिलियन टन से अधिक का कोयला भंडार है। इसे 2015 में UPRVUNL को आवंटित किया गया था ताकि राज्य के थर्मल पावर प्लांटों की कोयला ज़रूरतें पूरी की जा सकें, लेकिन 10 वर्षों बाद भी यह ब्लॉक चालू नहीं हो सका है।
उत्तर प्रदेश के थर्मल पावर प्लांटों में अभी कितना कोयला स्टॉक है?
15 सितंबर 2026 तक UPRVUNL के थर्मल पावर प्लांटों में कोयला स्टॉक 8.41 लाख टन था, जो 1 सितंबर के 7.25 लाख टन से अधिक है। पिछले सात दिनों में प्रतिदिन औसतन 0.90 LT आपूर्ति हुई, जबकि खपत 0.83 LT प्रतिदिन रही।
यूपी में बिजली उत्पादन कम क्यों है, जबकि कोयले का स्टॉक पर्याप्त है?
कोयला मंत्रालय के अनुसार, 8 लाख टन से अधिक स्टॉक के बावजूद UPRVUNL के प्लांटों का PLF सितंबर में केवल 48% रहा। इसका कारण कोयले की कमी नहीं, बल्कि प्लांट स्तर पर संचालन संबंधी समस्याएँ हैं, जिन्हें राज्य को स्वयं सुलझाना होगा।
क्या अन्य राज्यों के कैप्टिव कोयला ब्लॉक चालू हो चुके हैं?
हाँ, सहारपुर जमरपानी के आवंटन के आसपास या उसके बाद बिजली क्षेत्र में कैप्टिव उपयोग के लिए आवंटित 14 अन्य कोयला ब्लॉक पहले ही चालू हो चुके हैं और अपने संबंधित प्लांटों के लिए कोयला उत्पादन कर रहे हैं। यह स्थिति UPRVUNL की निष्क्रियता को और स्पष्ट करती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले