1 अगस्त 2026
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अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड, अमित शाह ने पुणे में किया सम्मानित

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अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड, अमित शाह ने पुणे में किया सम्मानित

सारांश

पुणे में बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में NSA अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड से नवाज़ा गया। गृह मंत्री अमित शाह ने यह सम्मान प्रदान किया। डोकलाम से लेकर आतंकवाद-विरोधी अभियानों तक — डोभाल के करियर को इस ऐतिहासिक पुरस्कार ने नई पहचान दी।

मुख्य बातें

NSA अजीत डोभाल को 1 अगस्त 2026 को पुणे में लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया।
81 वर्षीय डोभाल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं।
यह पुरस्कार 1983 में स्थापित हुआ था और हर वर्ष 1 अगस्त को तिलक की पुण्यतिथि पर प्रदान किया जाता है।
समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस , उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व सुनेत्रा पवार भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को 1 अगस्त 2026 को पुणे में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड से नवाज़ा गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को सुदृढ़ करने में उनके दशकों के अतुलनीय योगदान को इस पुरस्कार के माध्यम से मान्यता दी गई।

समारोह का माहौल और उपस्थित गणमान्य

पुणे में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए इस पुरस्कार समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और लोकमान्य तिलक ट्रस्ट के ट्रस्टी रोहित तिलक सहित विभिन्न क्षेत्रों की著名 हस्तियाँ और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर ने स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक के राष्ट्रसेवा के आदर्शों को एक बार फिर जीवंत किया।

अजीत डोभाल: एक असाधारण करियर

81 वर्षीय अजीत डोभाल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं और वर्तमान में भी इस पद पर कार्यरत हैं। अपने विस्तृत करियर में उन्होंने मिजोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों में काम किया। इस्लामाबाद और लंदन में भारतीय मिशनों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए भारत के विशेष प्रतिनिधि भी रह चुके हैं।

गौरतलब है कि 2017 के डोकलाम गतिरोध को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने में उनकी भूमिका को विशेष रूप से सराहा जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर उनके रणनीतिक निर्णयों और आतंकवाद-विरोधी अभियानों को इस सम्मान का आधार बताया गया।

लोकमान्य तिलक पुरस्कार का इतिहास

यह पुरस्कार वर्ष 1983 में महाराष्ट्र मंडल, पुणे द्वारा स्थापित किया गया था। प्रत्येक वर्ष 1 अगस्त को — स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर — उन व्यक्तियों को यह सम्मान दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति, विकास और सामाजिक उत्थान में असाधारण योगदान दिया हो। सर्वप्रथम यह पुरस्कार समाजवादी नेता एस.एम. जोशी को प्रदान किया गया था।

पूर्व में सम्मानित प्रतिष्ठित हस्तियाँ

इस पुरस्कार की गरिमा का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता शरद पवार सहित देश की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियाँ इससे सम्मानित हो चुकी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और सीमा प्रबंधन पर राष्ट्रीय विमर्श तेज़ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन NSA पद पर उनके लंबे कार्यकाल को लेकर पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के सवाल भी उठते रहे हैं। यह पुरस्कार जहाँ उनकी उपलब्धियों को रेखांकित करता है, वहीं यह सवाल भी उठाता है कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र में संस्थागत सुधार और उत्तराधिकार नियोजन पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड क्यों दिया गया?
अजीत डोभाल को देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के क्षेत्र में उनके दशकों के उल्लेखनीय योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया गया। डोकलाम गतिरोध के कूटनीतिक समाधान और आतंकवाद-विरोधी अभियानों में उनकी भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया।
लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई?
लोकमान्य तिलक नेशनल अवॉर्ड की स्थापना 1983 में महाराष्ट्र मंडल, पुणे द्वारा की गई थी। यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष 1 अगस्त को स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर राष्ट्र की प्रगति और सामाजिक उत्थान में असाधारण योगदान देने वाली हस्तियों को प्रदान किया जाता है।
इस पुरस्कार समारोह में कौन-कौन उपस्थित थे?
1 अगस्त 2026 को पुणे में आयोजित इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और लोकमान्य तिलक ट्रस्ट के ट्रस्टी रोहित तिलक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अजीत डोभाल के करियर की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
81 वर्षीय अजीत डोभाल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत NSA हैं। उन्होंने मिजोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में काम किया, इस्लामाबाद और लंदन में भारतीय मिशनों में भूमिका निभाई, और 2017 के डोकलाम गतिरोध को कूटनीतिक रूप से सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
इससे पहले यह पुरस्कार किन-किन हस्तियों को मिल चुका है?
इस पुरस्कार से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा NCP नेता शरद पवार जैसी प्रतिष्ठित हस्तियाँ सम्मानित हो चुकी हैं। सर्वप्रथम यह पुरस्कार समाजवादी नेता एस.एम. जोशी को प्रदान किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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