बाल गंगाधर तिलक पुण्यतिथि: अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत केंद्रीय मंत्रियों ने लोकमान्य को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर 1 अगस्त को केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने तिलक के स्वाधीनता संग्राम में योगदान और उनके राष्ट्रवादी विचारों को याद किया। सभी ने एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए तिलक को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का अग्रदूत बताया।
राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।' उन्होंने कहा कि तिलक ने अपनी 'मराठा' और 'केसरी' पत्रिकाओं के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना का संचार किया और स्वाधीनता के विचारों को जन-जन तक पहुँचाया। राजनाथ सिंह ने तिलक की कालजयी कृति 'गीता रहस्य' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसने कर्मयोग, कर्तव्य और राष्ट्रधर्म का संदेश दिया।
अमित शाह और ओम बिड़ला का संदेश
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि तिलक ने अपने ओजस्वी विचारों और अद्वितीय संगठन कौशल से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। शाह ने कहा, 'एक ओर उन्होंने स्वराज के संकल्प के साथ युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़कर राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया, तो दूसरी ओर उनकी लेखनी अंग्रेज़ी हुकूमत के विरुद्ध प्रतिकार की सशक्त आवाज बनी।' लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि तिलक ने 'केसरी' और 'मराठा' जैसे समाचार पत्रों के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना का प्रसार किया और सार्वजनिक गणेशोत्सव तथा शिवाजी जयंती जैसे आयोजनों से जनजागरण किया।
अन्य मंत्रियों की प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक्स पर लिखा कि तिलक की निर्भीक राष्ट्रवादी पत्रकारिता और जनजागरण के प्रयासों ने करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें 'पूर्ण स्वराज्य का मंत्र जागृत करने वाले महान स्वाधीनता संग्राम सेनानी' बताया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि तिलक ने 'स्वराज से सुराज्य' का मूल मंत्र दिया, जबकि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने उनके प्रसिद्ध उद्घोष — 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा' — को उद्धृत करते हुए श्रद्धांजलि दी।
लोकमान्य तिलक की विरासत
गौरतलब है कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन अग्रणी नेताओं में थे जिन्होंने जन-जन में राष्ट्रीयता की भावना जागृत की। उन्होंने सार्वजनिक गणेश उत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के आयोजनों को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम के रूप में प्रयोग किया। स्वदेशी आंदोलन और शिक्षा के प्रसार में उनकी भूमिका को आज भी राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा के रूप में स्मरण किया जाता है।
आगे की प्रासंगिकता
यह ऐसे समय में आया है जब स्वाधीनता आंदोलन के नायकों को याद करने की परंपरा राष्ट्रीय विमर्श में केंद्रीय स्थान रखती है। तिलक का जीवन-दर्शन — स्वराष्ट्र, स्वभाषा और स्वसंस्कृति के प्रति समर्पण — आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।