अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026, 1 अगस्त को अमित शाह करेंगे सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-विरोध और देश की एकता-अखंडता को सुदृढ़ करने में उनके दशकों के योगदान के लिए प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से नवाज़ा जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 1 अगस्त 2026 को पुणे में आयोजित एक विशेष समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगे।
समारोह का विवरण
पुरस्कार वितरण समारोह महाराष्ट्र मंडल ग्राउंड, गुलटेकड़ी, पुणे में शनिवार सुबह 11:15 बजे आयोजित होगा। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार भी उपस्थित रहेंगे। गृह मंत्री अमित शाह समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
डोभाल का करियर और योगदान
81 वर्षीय अजीत डोभाल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं और वर्तमान में भी इस पद पर कार्यरत हैं। अपने विस्तृत करियर में उन्होंने मिज़ोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस्लामाबाद और लंदन स्थित भारतीय मिशनों में भी उनकी उल्लेखनीय सेवाएँ रही हैं।
डोभाल भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए भारत के विशेष प्रतिनिधि भी रह चुके हैं। 2017 में डोकलाम गतिरोध को कूटनीतिक रूप से सुलझाने में उनकी भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया था। आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर उनके रणनीतिक निर्णयों और आतंकवाद-विरोधी अभियानों में योगदान को देखते हुए उन्हें इस वर्ष के पुरस्कार के लिए चुना गया है।
पुरस्कार का इतिहास और महत्व
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1983 में महाराष्ट्र मंडल, पुणे द्वारा की गई थी। यह सम्मान प्रत्येक वर्ष 1 अगस्त को स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन विभूतियों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति, विकास और सामाजिक उत्थान में उल्लेखनीय भूमिका निभाई हो। यह पुरस्कार सर्वप्रथम समाजवादी नेता एस.एम. जोशी को प्रदान किया गया था।
गौरतलब है कि पिछले वर्षों में यह पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और इंदिरा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा वरिष्ठ नेता शरद पवार जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों को मिल चुका है — जो इस सम्मान की राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को रेखांकित करता है।
आगे क्या
समारोह में महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री और अनेक गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत की सुरक्षा नीति और सीमा प्रबंधन पर राष्ट्रीय विमर्श तेज़ है, और डोभाल का सम्मान उस विमर्श को एक नई दिशा देने वाला संकेत माना जा रहा है।