अमित शाह बोले — मोदी का 80वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन आत्मनिर्भर भारत की राह में मील का पत्थर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 15 अगस्त 2026 को कहा कि 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के संकल्प से परिपूर्ण था और यह हर क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से यह प्रतिक्रिया व्यक्त की।
मुख्य घोषणाएँ और 'सप्तधारा' का मंत्र
शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 'नशामुक्त भारत', 'सुरक्षित भारत' और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ विकसित भारत बनाने का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'सप्तधारा' की सात शक्तियों का मंत्र दिया, जो विभिन्न क्षेत्रों में भारत की प्रगति को नई दिशा देने के लिए प्रस्तावित है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने बीते 12 वर्षों में सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा और रेलवे-परिवहन क्षेत्रों में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को और मज़बूत करने का संकल्प दोहराया।
युवा शक्ति और कौशल विकास की योजनाएँ
शाह के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के सामर्थ्य को दिशा देने के लिए एक वर्ष में 1 करोड़ से अधिक युवाओं को एआई स्किलिंग प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही फ्री ऑनलाइन कोचिंग का राष्ट्रव्यापी नेटवर्क तैयार करने और 2036 ओलंपिक के लिए टैलेंट हंट अभियान चलाने की भी बात कही गई।
ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के बड़े लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा और 8 नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स स्थापित करने की योजना का ऐलान किया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में भारत अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में है।
वंदे मातरम् का ऐतिहासिक गान
शाह ने एक अन्य पोस्ट में उल्लेख किया कि वंदे मातरम् — जो स्वतंत्रता आंदोलन का प्रखर जयघोष रहा — आज़ादी के 80 वर्ष बाद पहली बार लाल किले की प्राचीर से गाया गया। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक और भावपूर्ण क्षण बताया।
आगे की राह
80वें स्वतंत्रता दिवस पर की गई इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की रूपरेखा आने वाले महीनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है। एआई स्किलिंग, परमाणु ऊर्जा विस्तार और सेमीकंडक्टर नीति — ये तीनों लक्ष्य भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति के केंद्र में हैं।