मोदी के जन्मदिन पर अमित शाह का संदेश: 'सुरक्षित भारत ही समृद्ध भारत की पहली शर्त, मोदी ने सिद्ध किया'
सारांश
मुख्य बातें
गृह मंत्री अमित शाह ने 17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 'सुरक्षित भारत ही समृद्ध भारत की पहली शर्त है' और मोदी ने अपने कार्यकाल में इसे धरातल पर सिद्ध करके दिखाया है। शाह ने प्रधानमंत्री को 'अथक परिश्रम, त्याग और दूरदर्शिता का प्रतीक' बताते हुए उनकी यात्रा को 'तप, त्याग और अटूट संकल्प की गाथा' कहा।
आतंकवाद और सुरक्षा नीति पर शाह के दावे
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश ने पहली बार आतंकवाद के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को ज़मीन पर उतरते देखा। उन्होंने धारा 370 के उन्मूलन, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इन निर्णयों ने दुनिया को बता दिया कि अब भारत 'केवल निंदा नहीं करता, निर्णायक जवाब देता है।' शाह के अनुसार नक्सलवाद समाप्त हो चुका है, पूर्वोत्तर में दशकों पुराने विवाद शांति समझौतों से सुलझे हैं और सीमाएं सुरक्षित हैं।
बुनियादी ढाँचे में बदलाव का बखान
शाह ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी विकास की चर्चा तक नहीं होती थी, वहाँ आज विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा है। उन्होंने कश्मीर में विश्व के सबसे ऊँचे चिनाब रेलवे ब्रिज, पूर्वोत्तर में सड़कों और पुलों के जाल, वंदे भारत ट्रेनों और सेमीकंडक्टर यूनिट का विशेष उल्लेख किया। उनके अनुसार ये नए भारत के प्रतीक हैं जो मोदी सरकार की विकास-दृष्टि को परिभाषित करते हैं।
अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिष्ठा
शाह ने दावा किया कि जिस भारत को कभी 'फ्रैजाइल फाइव' कहा गया था, वह आज विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि 36 देशों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया सर्वोच्च सम्मान वास्तव में समस्त भारतीयों का सम्मान है और भारतीय पासपोर्ट की साख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी है।
सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी के शासन के केंद्र में हमेशा 'समाज का अंतिम व्यक्ति' रहा है। उन्होंने आयुष्मान कार्ड, पक्के घरों की योजना, तीन तलाक से मुक्ति और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि इन कदमों ने महिलाओं को नया आत्मविश्वास दिया। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और नई शिक्षा नीति के ज़रिये युवाओं के लिए अवसरों के द्वार खुले हैं — यह बदलाव ही, शाह के शब्दों में, 'मोदी जी की सबसे बड़ी पूंजी' है।
व्यक्तिगत संबंध और राजनीतिक यात्रा
शाह ने कहा कि एक सामान्य स्वयंसेवक से मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री तक की मोदी की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि जब जीवन का लक्ष्य राष्ट्रसेवा हो, तो कठिन-से-कठिन संकल्प भी सिद्ध किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, 'उन्होंने सत्ता को साध्य नहीं, बल्कि गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण का साधन माना।' शाह ने यह भी जोड़ा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें मोदी की हर भूमिका में उनके साथ काम करने का अवसर मिला।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत में आंतरिक सुरक्षा, पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक संबंध और आर्थिक वृद्धि के आँकड़े राजनीतिक विमर्श के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में सत्तारूढ़ दल की उपलब्धियों पर यह बहस और गहरी होने की संभावना है।