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एनएसए अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार, 1 अगस्त को पुणे में समारोह

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एनएसए अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार, 1 अगस्त को पुणे में समारोह

सारांश

राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में पहली बार — NSA अजीत डोभाल को 1983 से चले आ रहे लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। ऑपरेशन सिंदूर से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक तक, उनकी भूमिका को ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से मान्यता दी। 1 अगस्त को पुणे में होगा समारोह।

मुख्य बातें

NSA अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
यह पुरस्कार 1983 से प्रदान किया जा रहा है; इस बार पहली बार राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र के किसी व्यक्ति को यह सम्मान मिल रहा है।
ट्रस्ट ने ऑपरेशन सिंदूर , बालाकोट एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक में डोभाल की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया।
पुरस्कार समारोह 1 अगस्त को पुणे में होगा; मुख्य अतिथि होंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी समारोह में उपस्थित रहेंगे।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनकी दशकों लंबी असाधारण सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़ा जाएगा। लोकमान्य तिलक मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा प्रदान किया जाने वाला यह सम्मान उन विशिष्ट हस्तियों को दिया जाता है जिन्होंने भारत के विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। 1 अगस्त को पुणे में आयोजित होने वाले इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

पुरस्कार का इतिहास और महत्व

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1983 में हुई थी। तब से यह सम्मान उद्योग, अर्थशास्त्र, विज्ञान और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को प्रदान किया जाता रहा है। ट्रस्ट का उद्देश्य ऐसे व्यक्तित्वों की उपलब्धियों को समाज और नई पीढ़ी के सामने लाना है, ताकि उनसे प्रेरणा ली जा सके।

ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रोहित तिलक ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में योगदान देने वाले किसी व्यक्ति को पहली बार यह सम्मान दिया जा रहा है — जो अपने आप में एक ऐतिहासिक निर्णय है।

डोभाल के चयन की वजह

डॉ. रोहित तिलक ने बताया कि जब ट्रस्ट के सभी सदस्य इस वर्ष के पुरस्कार के लिए नाम पर विचार-विमर्श कर रहे थे, तब सर्वसम्मति से NSA अजीत डोभाल का नाम सामने आया। उन्होंने कहा कि डोभाल ने अपने पूरे करियर में देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कम उम्र में ही खुफिया तंत्र में शामिल होकर उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सुरक्षा सुनिश्चित की।

डॉ. तिलक ने ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे अभियानों में डोभाल की विशेष भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और रणनीतिक निर्णयों में उनके योगदान को व्यापक रूप से सराहा गया है। ट्रस्ट ने यह भी पुष्टि की है कि अजीत डोभाल ने इस सम्मान को स्वीकार कर लिया है।

समारोह में कौन होगा शामिल

पुरस्कार समारोह 1 अगस्त को पुणे में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे। इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी समारोह में उपस्थित रहेंगे। देश के विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियों के भी शामिल होने की संभावना बताई जा रही है।

आगे क्या

यह समारोह ऐसे समय में हो रहा है जब भारत की सुरक्षा नीति और रणनीतिक स्वायत्तता को लेकर राष्ट्रीय विमर्श तेज़ है। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में किसी व्यक्ति को दिया जा रहा है, जो इस पुरस्कार की परंपरा में एक नया अध्याय जोड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी उल्लेखनीय है कि समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति इस आयोजन को एक राजनीतिक आयाम देती है, जिसे नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है। लोकमान्य तिलक की विरासत — जो जन-जागृति और स्वशासन की थी — के संदर्भ में यह पुरस्कार सुरक्षा तंत्र और लोकतांत्रिक जवाबदेही के बीच के जटिल रिश्ते पर भी विचार का अवसर देता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार क्यों दिया जा रहा है?
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है। लोकमान्य तिलक मेमोरियल ट्रस्ट ने ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे अभियानों में उनकी भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया है।
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार क्या है?
यह पुरस्कार लोकमान्य तिलक मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा 1983 से प्रतिवर्ष दिया जाता है। उद्योग, अर्थशास्त्र, विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को यह सम्मान प्रदान किया जाता है।
पुरस्कार समारोह कब और कहाँ होगा?
पुरस्कार समारोह 1 अगस्त को पुणे में आयोजित किया जाएगा। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे, जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उपस्थित रहेंगे।
क्या राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र में पहले भी किसी को यह पुरस्कार मिला है?
नहीं, ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रोहित तिलक के अनुसार यह पहली बार है जब राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले किसी व्यक्ति को यह सम्मान दिया जा रहा है। यही कारण है कि ट्रस्ट ने इस बार विशेष रूप से डोभाल को चुनने का निर्णय लिया।
अजीत डोभाल ने पुरस्कार स्वीकार किया है?
हाँ, लोकमान्य तिलक मेमोरियल ट्रस्ट ने पुष्टि की है कि NSA अजीत डोभाल ने इस सम्मान को स्वीकार कर लिया है और वे 1 अगस्त के समारोह में शामिल होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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