क्या श्रीनगर में ब्राउन शुगर की बरामदगी से तस्करी का नेटवर्क उजागर होगा?
सारांश
Key Takeaways
- श्रीनगर में 14 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की गई।
- दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
- जांच में संभावित गिरफ्तारियों की संभावना है।
- नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ जम्मू-कश्मीर पुलिस का अभियान जारी है।
- नशामुक्ति और पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गई है।
श्रीनगर, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी दी कि श्रीनगर में 14 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि श्रीनगर पुलिस ने शुक्रवार को क्रालखुद पुलिस स्टेशन के द्वारा चलाए गए नाका (चेकपोस्ट) चेकिंग अभियान में 14 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की है। यह बरामदगी श्रीनगर के बरबरशाह इलाके के निवासी रईस अहमद डार उर्फ रईस बंदर और अबिश इम्तियाज भट के कब्जे से की गई।
बयान में बताया गया है कि दोनों को नियमित चेकिंग के दौरान रोका गया, जिसके बाद नशीला पदार्थ बरामद किया गया। आगे कहा गया कि क्रालखुद पुलिस स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 8, 21 और 29 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है और आगे की जांच आरंभ कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, जांच के तहत एक वाहन भी जब्त किया गया है।
बयान में कहा गया कि ब्राउन शुगर के स्रोत का पता लगाने और क्षेत्र में चल रही नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला में संभावित कड़ियों की पहचान के लिए जांच जारी है। इस जांच के आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों, ड्रग पेडलर्स और हवाला रैकेट जैसे गैरकानूनी वित्तीय गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ एक आक्रामक अभियान चला रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि इन गैरकानूनी गतिविधियों से प्राप्त धन का प्रयोग आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाता है।
पुलिस, नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों, पेडलर्स आदि को हिरासत में लेने के अलावा, इन गैरकानूनी गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त करती है। ये संपत्तियां अदालत से आदेश प्राप्त करने के बाद जब्त की जाती हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कश्मीर में पिछले तीन वर्षों में मादक पदार्थों की लत में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
नशीले पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ, सरकार ने मादक पदार्थों की लत के दलदल में फंसे युवाओं के पुनर्वास के लिए नशामुक्ति और परामर्श केंद्र भी स्थापित किए हैं।