क्या झारखंड के चतरा में ब्राउन शुगर के साथ पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई?
सारांश
Key Takeaways
- पांच तस्करों की गिरफ्तारी
- 6 लाख रुपए की नशीली सामग्री जब्त
- विशेष टीम का गठन
- ड्रग तस्करी नेटवर्क की पहचान
- नशीले पदार्थों के खिलाफ कानून प्रवर्तन की सजगता
चतरा (झारखंड), 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के चतरा जिले में पुलिस ने प्रतिबंधित ब्राउन शुगर की तस्करी में शामिल पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस अभियान के दौरान करीब 6 लाख रुपए मूल्य के नशीले पदार्थ, एक कार जो अपराध में उपयोग की गई थी, और पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए।
पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल को मिली सूचना के आधार पर ये गिरफ्तारियां की गईं। सूचना पर तात्कालिक कार्रवाई करते हुए एसपी ने उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ-सदर) संदीप सुमन की देखरेख में एक विशेष टीम का गठन किया।
पुलिस का कहना है कि खुफिया जानकारी के अनुसार, चतरा-इटखोरी मुख्य मार्ग पर तुराग वन क्षेत्र में खड़ी एक कार से ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की जा रही थी।
सूचना की पुष्टि के बाद, पुलिस दल ने उक्त क्षेत्र को घेराबंदी कर छापेमारी की और पांच तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा।
तलाशी के दौरान, पुलिस ने कई छोटे पैकेटों में पैक ब्राउन शुगर, एक कार और विभिन्न ब्रांडों के मोबाइल फोन आरोपियों के पास से बरामद किए।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान मयूरहंड के मंगनिया गांव के निवासी रूपेश कुमार डांगी, मयूरहंड के धोधी गांव के निवासी नीरज कुमार यादव, प्रकाश कुमार डांगी, लक्ष्मण कुमार डांगी, और चतरा सदर पुलिस थाना क्षेत्र के लोवागड़ा गांव के निवासी राकेश कुमार डांगी के रूप में हुई है।
प्रारंभिक पूछताछ में यह पता चला है कि आरोपी नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला में बिचौलिए के रूप में कार्य कर रहे थे। वे कथित तौर पर बड़े ड्रग तस्करों से ब्राउन शुगर और अफीम प्राप्त करते थे और चतरा और पड़ोसी हजारीबाग जिलों के कई पुलिस थाना क्षेत्रों में अवैध सामग्री वितरित करते थे।
एसपी ने बताया कि जब्त की गई कार हजारीबाग जिले के निवासी की है। पुलिस वर्तमान में वाहन मालिक और गिरफ्तार आरोपियों के बीच संबंध की जांच कर रही है।
एसपी ने आगे बताया कि अब ड्रग तस्करी नेटवर्क के पीछे सक्रिय सफेदपोश माफिया और प्रमुख सरगनाओं की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।