पटना में ऑटो गैंग का भंडाफोड़: रेलवे स्टेशन-बस स्टैंड से यात्रियों को लूटने वाले 4 गिरफ्तार, ₹6.56 लाख नकद बरामद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की राजधानी पटना में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के पास यात्रियों को ऑटो में बैठाकर सुनसान इलाकों में ले जाकर लूटने वाले एक सुनियोजित गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज की मदद से इस गिरोह तक पहुँचने में सफलता पाई। गिरफ्तार सभी आरोपी वैशाली जिले के निवासी हैं।
गिरोह का तरीकाकार
गिरोह के सदस्य एक सुनियोजित रणनीति के तहत काम करते थे। एक सदस्य ऑटो चालक की भूमिका निभाता था, जबकि बाकी सदस्य सामान्य सवारी बनकर ऑटो में पहले से बैठे रहते थे। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास अकेले या कम-परिचित यात्रियों को निशाना बनाकर ऑटो में बैठाया जाता था।
इसके बाद यात्रियों को सुनसान इलाकों में ले जाकर नकदी, मोबाइल, जेवरात और अन्य कीमती सामान लूट लिया जाता था। कभी-कभी गिरोह नकली सोने के जेवरात दिखाकर यात्रियों के साथ ठगी भी करता था।
सक्रिय क्षेत्र और गिरफ्तारी
नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार ने सोमवार को बताया कि यह गिरोह लंबे समय से अगम कुआं, बाईपास, रामकृष्ण नगर और चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्रों में सक्रिय था। वारदात के बाद सभी आरोपी ऑटो से वैशाली फरार हो जाते थे, जिससे उनकी पहचान में लंबा समय लगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज की बारीक जाँच के बाद आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।
बरामदगी का ब्यौरा
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने ₹6 लाख 56 हजार रुपए नकद, एक बाइक, एक ऑटो और बड़ी मात्रा में नकली आभूषण बरामद किए हैं। इनमें सोने जैसी दिखने वाली दो चेन, एक जोड़ी झुमका, चार पीस चूड़ी, चाँदी जैसी दिखने वाली आठ पीस चूड़ी और पाँच जोड़ी पायल शामिल हैं। ये नकली जेवरात संभवतः ठगी की वारदातों में इस्तेमाल किए जाते थे।
आम यात्रियों पर असर
यह गिरोह विशेष रूप से उन यात्रियों को निशाना बनाता था जो पहली बार पटना आए हों या शहर से अपरिचित हों। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर इस तरह की वारदातें आम यात्रियों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे केवल अधिकृत वाहनों का उपयोग करें और अनजान लोगों के ऑटो में न बैठें।
आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश की जा रही है। 25 मई को हुई इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास निगरानी और बढ़ाने पर विचार कर रही है।