दिल्ली क्राइम ब्रांच ने रांची से दबोचा 13 साल फरार गैंगस्टर छोटू उर्फ प्रिंस, पिंकू चौधरी गैंग से था कनेक्शन
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 24 सितंबर 2026 को झारखंड की राजधानी रांची से 13 साल से फरार चल रहे वांछित अपराधी छोटू उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पटना के कुख्यात पिंकू चौधरी गैंग का सदस्य रहा है और बिहार में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट तथा आर्म्स एक्ट समेत 16 से अधिक गंभीर आपराधिक मामलों में उसकी कथित संलिप्तता है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
क्राइम ब्रांच को हाल ही में सूचना मिली कि छोटू उर्फ प्रिंस रांची में छिपा हुआ है। पुलिस ने तकनीकी निगरानी की मदद से उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी और 24 सितंबर को अडेलहातू टोंटल चौक के पास जाल बिछाया। पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, छोटू उर्फ प्रिंस को पहली बार वर्ष 2013 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। उस दौरान उसके कब्जे से चार पिस्टल और 20 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी फरार हो गया और कथित तौर पर लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 22 नवंबर 2018 को उसे घोषित अपराधी करार दिया, जिसके बाद से पुलिस उसकी सक्रिय तलाश में थी।
पिंकू चौधरी गैंग और गैंगवार कनेक्शन
क्राइम ब्रांच के अनुसार, छोटू उर्फ प्रिंस बिहार के पटना में सक्रिय पिंकू चौधरी गैंग का सदस्य था। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह की अजय वर्मा गैंग से पुरानी रंजिश थी और दोनों गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर टकराव चलता रहा। आरोपी पर प्रतिद्वंद्वी गैंग के सदस्यों पर हमलों में कथित भूमिका के आरोप भी हैं।
आगे की जाँच
फिलहाल क्राइम ब्रांच आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके आपराधिक नेटवर्क तथा अन्य लंबित मामलों में उसकी भूमिका की जाँच की जा रही है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली पुलिस अंतर-राज्यीय संगठित अपराध के खिलाफ अपने अभियान को तेज़ कर रही है।