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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने रांची से दबोचा 13 साल फरार गैंगस्टर छोटू उर्फ प्रिंस, पिंकू चौधरी गैंग से था कनेक्शन

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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने रांची से दबोचा 13 साल फरार गैंगस्टर छोटू उर्फ प्रिंस, पिंकू चौधरी गैंग से था कनेक्शन

सारांश

13 साल से पुलिस को चकमा देता रहा वांछित गैंगस्टर छोटू उर्फ प्रिंस आखिरकार रांची से गिरफ्तार हो गया। पटना के पिंकू चौधरी गैंग का यह कथित सदस्य 2018 से घोषित अपराधी था और बिहार में 16 से अधिक संगीन मामलों में वांछित था।

मुख्य बातें

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 24 सितंबर 2026 को रांची के अडेलहातू टोंटल चौक के पास छोटू उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार किया।
आरोपी 13 साल से फरार था और पटियाला हाउस कोर्ट ने 22 नवंबर 2018 को उसे घोषित अपराधी करार दिया था।
वर्ष 2013 में स्पेशल सेल ने पहली बार गिरफ्तार किया था; तब 4 पिस्टल और 20 कारतूस बरामद हुए थे।
आरोपी पर बिहार में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट के 16 से अधिक मामले दर्ज हैं।
छोटू उर्फ प्रिंस पिंकू चौधरी गैंग का सदस्य था, जिसकी प्रतिद्वंद्वी अजय वर्मा गैंग से पुरानी रंजिश थी।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 24 सितंबर 2026 को झारखंड की राजधानी रांची से 13 साल से फरार चल रहे वांछित अपराधी छोटू उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पटना के कुख्यात पिंकू चौधरी गैंग का सदस्य रहा है और बिहार में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट तथा आर्म्स एक्ट समेत 16 से अधिक गंभीर आपराधिक मामलों में उसकी कथित संलिप्तता है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

क्राइम ब्रांच को हाल ही में सूचना मिली कि छोटू उर्फ प्रिंस रांची में छिपा हुआ है। पुलिस ने तकनीकी निगरानी की मदद से उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी और 24 सितंबर को अडेलहातू टोंटल चौक के पास जाल बिछाया। पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया।

पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, छोटू उर्फ प्रिंस को पहली बार वर्ष 2013 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। उस दौरान उसके कब्जे से चार पिस्टल और 20 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी फरार हो गया और कथित तौर पर लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 22 नवंबर 2018 को उसे घोषित अपराधी करार दिया, जिसके बाद से पुलिस उसकी सक्रिय तलाश में थी।

पिंकू चौधरी गैंग और गैंगवार कनेक्शन

क्राइम ब्रांच के अनुसार, छोटू उर्फ प्रिंस बिहार के पटना में सक्रिय पिंकू चौधरी गैंग का सदस्य था। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह की अजय वर्मा गैंग से पुरानी रंजिश थी और दोनों गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर टकराव चलता रहा। आरोपी पर प्रतिद्वंद्वी गैंग के सदस्यों पर हमलों में कथित भूमिका के आरोप भी हैं।

आगे की जाँच

फिलहाल क्राइम ब्रांच आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके आपराधिक नेटवर्क तथा अन्य लंबित मामलों में उसकी भूमिका की जाँच की जा रही है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली पुलिस अंतर-राज्यीय संगठित अपराध के खिलाफ अपने अभियान को तेज़ कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाती है कि 2018 में घोषित अपराधी करार दिए जाने के बाद भी आरोपी छह और साल क्यों फरार रहा। बिहार और झारखंड जैसे राज्यों के बीच अंतर-राज्यीय समन्वय की कमी संगठित अपराध को पनपने का मौका देती है। पिंकू चौधरी और अजय वर्मा जैसे गैंगों की पटना-केंद्रित गतिविधियाँ दर्शाती हैं कि सिर्फ गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं — नेटवर्क को तोड़ने के लिए फंडिंग और लॉजिस्टिक्स की जाँच ज़रूरी है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छोटू उर्फ प्रिंस कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
छोटू उर्फ प्रिंस पटना के पिंकू चौधरी गैंग का कथित सदस्य है, जो 2013 से फरार था और बिहार में हत्या, डकैती व आर्म्स एक्ट समेत 16 से अधिक मामलों में वांछित था। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 22 नवंबर 2018 को उसे घोषित अपराधी करार दिया था।
छोटू उर्फ प्रिंस को कहाँ और कैसे गिरफ्तार किया गया?
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 24 सितंबर 2026 को रांची के अडेलहातू टोंटल चौक के पास जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया। तकनीकी निगरानी से उसकी गतिविधियों की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने उसे भागने की कोशिश के दौरान दबोचा।
पिंकू चौधरी गैंग क्या है?
पिंकू चौधरी गैंग बिहार के पटना में सक्रिय एक कुख्यात अपराधी गिरोह है। पुलिस के अनुसार, इस गैंग की प्रतिद्वंद्वी अजय वर्मा गैंग से वर्चस्व को लेकर पुरानी रंजिश रही है और दोनों गुटों के बीच हमलों का सिलसिला चलता रहा है।
2013 में गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास क्या बरामद हुआ था?
वर्ष 2013 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पहली बार छोटू उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार किया था, तब उसके कब्जे से चार पिस्टल और 20 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। बाद में वह हिरासत से फरार हो गया।
अब आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच आरोपी से पूछताछ कर रही है और बिहार के लंबित मामलों में उसकी भूमिका की जाँच की जा रही है। उसे संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा और आपराधिक नेटवर्क की जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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