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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दक्षिण-पश्चिम जिले में 4 भगोड़े अपराधी गिरफ्तार, अपहृत नाबालिग बरामद

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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दक्षिण-पश्चिम जिले में 4 भगोड़े अपराधी गिरफ्तार, अपहृत नाबालिग बरामद

सारांश

दिल्ली पुलिस ने दक्षिण-पश्चिम जिले में एक साथ 4 भगोड़े अपराधी पकड़े — जिनमें तमिलनाडु के ठक-ठक गैंग के 3 सदस्य और अपहरण के आरोपी छोटू कश्यप शामिल हैं। 5,000 किलोमीटर के पीछे के बाद पंजाब से कश्यप की गिरफ्तारी के साथ अपहृत नाबालिग भी सकुशल मिली।

मुख्य बातें

दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले में पुलिस ने 20 अक्टूबर 2026 को 4 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया।
सुंदर राज (49) , लोगनाथन (36) और रुकमन (49) — तीनों तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से और कथित ठक-ठक गैंग के सदस्य।
छोटू कश्यप (29) पर नाबालिग अपहरण का आरोप ( FIR 450/2025 ); न्यायालय ने 6 जुलाई को घोषित किया था भगोड़ा, ₹20,000 का था इनाम।
पुलिस टीम ने 5,000 किलोमीटर की दूरी तय कर पंजाब के गोविंदपुर मंडी से कश्यप को पकड़ा।
अपहृत 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद किया गया।

दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले की पुलिस ने 20 अक्टूबर 2026 को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 4 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें न्यायालय पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुका था और जो लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर थे। इस कार्रवाई में एक अपहृत 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को भी सकुशल बरामद किया गया। भीकाजी कामा प्लेस चौकी, आरके पुरम थाना और सरोजिनी नगर थाने की संयुक्त टीमों ने यह अभियान अंजाम दिया।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान सुंदर राज (49), लोग नाथन उर्फ एन. लोगनाथन (36), रुकमन (49) और छोटू कश्यप (29) के रूप में हुई है। इनमें से सुंदर राज, लोगनाथन और रुकमन — तीनों — तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के निवासी हैं और कथित तौर पर कुख्यात ठक-ठक गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। इन तीनों को एरिया पेट्रोलिंग के दौरान संदिग्ध अवस्था में घूमते देख टीम ने रोका, जिसके बाद उनकी भगोड़ा स्थिति की पुष्टि हुई।

छोटू कश्यप और अपहरण का मामला

चौथे आरोपी छोटू कश्यप पर एफआईआर नंबर 450/2025 के तहत नाबालिग के अपहरण का आरोप है। न्यायालय ने 6 जुलाई को उसे भगोड़ा घोषित किया था और उसकी गिरफ्तारी पर ₹20,000 का इनाम भी रखा गया था। सरोजिनी नगर थाने की टीम ने लगभग 5,000 किलोमीटर तक पीछा कर, कई स्थानों पर छापेमारी के बाद अंततः उसे पंजाब के गोविंदपुर मंडी से दबोचा। इस दौरान अपहृत नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

पुलिस टीमों की कार्यप्रणाली

पुलिस के मुताबिक, भगोड़े अपराधियों को पकड़ने के लिए मैनुअल और तकनीकी निगरानी, मुखबिरों की सूचना और फील्ड वेरिफिकेशन का सहारा लिया गया। भीकाजी कामा प्लेस चौकी की टीम में एसआई सत्येंद्र गुलिया, हेड कांस्टेबल कुलदीप, रामफूल, इंद्राज और कांस्टेबल लोकेश शामिल थे। यह टीम इंस्पेक्टर यशपाल सिंह (एसएचओ, आरके पुरम) के मार्गदर्शन और एसीपी बब्बर भान की निगरानी में कार्यरत थी। सरोजिनी नगर टीम में एसआई दीपक, हेड कांस्टेबल अमरजीत, मुकेश और अजीत ने इंस्पेक्टर अतुल त्यागी और एसीपी मेलविन वर्गीस की देखरेख में काम किया।

व्यापक संदर्भ और महत्व

गौरतलब है कि ठक-ठक गैंग वाहन-चालकों को लक्ष्य बनाकर ठगी करने के लिए कुख्यात है और इसके सदस्यों की दिल्ली-एनसीआर में कई शिकायतें दर्ज हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली पुलिस अंतर-राज्यीय अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज कर रही है। पुलिस का कहना है कि अभी और भी भगोड़े अपराधियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 किलोमीटर की कवरेज और पंजाब तक की पहुँच साधारण थाना-स्तरीय कार्रवाई नहीं है। हालाँकि, ठक-ठक गैंग का दिल्ली में बार-बार सक्रिय होना यह सवाल उठाता है कि अंतर-राज्यीय गिरोहों के खिलाफ निवारक तंत्र कितना प्रभावी है। नाबालिग की सकुशल बरामदगी इस ऑपरेशन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, जिसे उचित संस्थागत श्रेय मिलना चाहिए। साथ ही, भगोड़ा घोषित होने के बाद भी अपराधियों का महीनों तक खुले रहना न्यायिक आदेशों के क्रियान्वयन में खामियों की ओर इशारा करता है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली दक्षिण-पश्चिम जिले में कौन से 4 भगोड़े अपराधी पकड़े गए?
गिरफ्तार आरोपी हैं — सुंदर राज (49), लोग नाथन उर्फ एन. लोगनाथन (36), रुकमन (49) और छोटू कश्यप (29)। पहले तीन तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से हैं और ठक-ठक गैंग के कथित सदस्य हैं, जबकि छोटू कश्यप पर नाबालिग अपहरण का आरोप है।
छोटू कश्यप पर क्या आरोप हैं और उसे कहाँ से पकड़ा गया?
छोटू कश्यप पर FIR नंबर 450/2025 के तहत एक 14 वर्षीय नाबालिग के अपहरण का आरोप है। न्यायालय ने 6 जुलाई को उसे भगोड़ा घोषित किया था और उसकी गिरफ्तारी पर ₹20,000 का इनाम था। पुलिस ने करीब 5,000 किलोमीटर का पीछा कर उसे पंजाब के गोविंदपुर मंडी से पकड़ा।
ठक-ठक गैंग क्या है और यह कैसे काम करता है?
ठक-ठक गैंग एक अंतर-राज्यीय गिरोह है जो वाहन चालकों को निशाना बनाकर ठगी करता है। गैंग के सदस्य वाहन पर दस्तक (ठक-ठक) देकर ध्यान भटकाते हैं और सामान या नकदी चुरा लेते हैं। इस बार पकड़े गए तीनों सदस्य तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से थे।
अपहृत नाबालिग को कैसे और कहाँ से बरामद किया गया?
सरोजिनी नगर थाने की पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पंजाब के गोविंदपुर मंडी से छोटू कश्यप को गिरफ्तार किया। इसी कार्रवाई के दौरान 14 वर्षीय अपहृत नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया गया।
इस ऑपरेशन में कौन-कौन सी पुलिस टीमें शामिल थीं?
ऑपरेशन में भीकाजी कामा प्लेस चौकी (आरके पुरम थाना) और सरोजिनी नगर थाने की टीमें शामिल थीं। पहली टीम एसीपी बब्बर भान और इंस्पेक्टर यशपाल सिंह की निगरानी में, तथा दूसरी टीम एसीपी मेलविन वर्गीस और इंस्पेक्टर अतुल त्यागी के नेतृत्व में कार्यरत थी।
राष्ट्र प्रेस
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