दिल्ली: अंतरिम जमानत तोड़कर भागा वांछित लुटेरा क्राइम ब्रांच के हाथों गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- रिंकू कुमार को कई गंभीर अपराधों में शामिल पाया गया है।
- उसे अंतरिम जमानत तोड़ने के बाद गिरफ्तार किया गया।
- पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर उसे पकड़ने में सफलता पाई।
- वह दिल्ली के विभिन्न पुलिस थानों में 10 आपराधिक मामलों में शामिल है।
- कानूनी कार्रवाई जारी है।
नई दिल्ली, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि कई गंभीर अपराधों में लिप्त और डकैती के मामले में दोषी करार दिए गए एक वांछित अपराधी को दिल्ली की क्राइम ब्रांच की दक्षिणी रेंज ने पकड़ लिया है।
आरोपी की पहचान रिंकू कुमार उर्फ राजिंदर उर्फ सुनील के रूप में हुई है, जो बलजीत नगर का निवासी है। वह अंतरिम जमानत तोड़कर फरार हो गया था और कई महीनों से गिरफ्तारी से बच रहा था।
पुलिस के मुताबिक, फरार आरोपी को पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर विजय पाल दहिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें एएसआई विजयमन, हेड कांस्टेबल अरविंद और चरण सिंह, और कांस्टेबल पूनम शामिल थे। इस टीम का समग्र पर्यवेक्षण एसीपी वीकेपीएस यादव कर रहे थे।
विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर, टीम ने 23 मार्च को पश्चिमी दिल्ली के निहाल विहार के पास छापा मारा और सुनियोजित अभियान के बाद आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।
पुलिस का कहना है कि 2024 में रिंकू कुमार अपने साथी अपराधियों के साथ डीबीजी रोड इलाके में 25 लाख रुपए की डकैती में शामिल था। उसे आईपीसी की धारा 365, 392, 397, 506 और 34 के तहत एफआईआर में गिरफ्तार किया गया, साथ ही शस्त्र अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया और न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
दिसंबर 2025 में उसे सात दिनों के लिए अंतरिम जमानत दी गई, लेकिन उसने आत्मसमर्पण नहीं किया और भाग गया। इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया।
जांच में यह भी पता चला कि आरोपी आदतन अपराधी है और दिल्ली के विभिन्न पुलिस थानों में कम से कम 10 आपराधिक मामलों में शामिल है। उसके आपराधिक इतिहास में अपहरण, छीन-झपट, डकैती, आपराधिक धमकी और शस्त्र अधिनियम के तहत अपराध शामिल हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि उसे पहले एक डकैती के मामले में दोषी ठहराया गया था और 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। पुलिस ने आगे कहा कि मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है।